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विभाग की मनमानी: हरियाणा में ESI अस्पतालों से 100 सुरक्षा गार्ड को नौकरी से हटाया, विज के आदेश की परवाह नहीं
Thu, 21 Jul 2022 11:49 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 21 Jul 2022 11:49 PM IST
सार
सर्व कर्मचारी संघ ने हटाए गए सभी कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने और पक्का करने की मांग की है। संघ ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इस संबंध में पत्र भी लिखा है। संघ के राज्य प्रधान सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के आदेश की परवाह न कर विभाग हर दिन कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
हरियाणा में कच्चे कर्मियों की छंटनी का सिलसिला जारी है। ईएसआई अस्पताल फरीदाबाद, गुरुग्राम, करनाल व भिवानी से 100 सुरक्षा गार्ड को नौकरी से हटा दिया गया है। सरकार के लिखित आदेश को भी स्वास्थ्य विभाग नहीं मान रहा। सरकार का आदेश है कि किसी कर्मचारी को हटाकर दूसरा नहीं लगाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आदेश के बावजूद कर्मचारियों की छंटनी रुक नहीं रही है।
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सर्व कर्मचारी संघ ने हटाए गए सभी कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने और पक्का करने की मांग की है। संघ ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इस संबंध में पत्र भी लिखा है। संघ के राज्य प्रधान सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के आदेश की परवाह न कर विभाग हर दिन कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर रहा है।
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पीड़ित कर्मचारी न्याय के लिए जैसे ही उनके पास पहुंचते हैं, वह नौकरी पर वापस लेने के आदेश जारी कर देते हैं लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। कर्मचारी जब दोबारा मिलने जाते हैं तो पुलिस प्रशासन उन्हें मुलाकात नहीं करने देता। स्वास्थ्य मंत्री ने 25 मई 2021 को आदेश जारी किए थे कि कोरोना काल में काम करने वाले सभी ठेका कर्मियों की सेवाएं जारी रखी जाएं, मगर आज भी 250 से ज्यादा नौकरी से बाहर हैं।
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मेडिकल कालेज छायंसा व नल्हड़ में लगभग 600 कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं लिया गया। जिला व उपमंडल अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में भर्ती किए गए 2212 कर्मचारियों को 31 मार्च 2022 को नौकरी से यह कहकर हटा दिया गया था कि कोरोना खत्म तो नौकरी भी नहीं। विज ने ड्यूटी पर वापस लेने के 28 अप्रैल 2022 को आदेश जारी कर दिए फिर भी कर्मचारी मारे-मारे फिर रहे हैं।