CBSE Result 2022: आंखों से देख नहीं सकते, मगर बुलंद हौसलों से रचा इतिहास, इन छात्रों का रिजल्ट है खास
किशोर कुमार 91.60 प्रतिशत अंक लेकर टॉप पोजीशन पर रहे। उनके पिता इंडस्ट्रियल एरिया में चाय की छोटी सी दुकान चलाते हैं। वहीं अखिल 88.00 प्रतिशत अंक लेकर दूसरे और पदमा 87.80 प्रतिशत अंक लेकर तीसरे स्थान पर रहीं।
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भले ही इनकी आंखों में रोशनी नहीं है लेकिन अपनी समझबूझ से इन्होंने दिखा दिया कि वह किसी से कम नहीं हैं। चंडीगढ़ के द ब्लाइंड स्कूल सेक्टर-26 के 12 छात्र और छात्राओं ने सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा दी थी। सभी छात्र पास हुए। यहां पर पढ़ने वाले बच्चे दूसरे विद्यार्थियों की तरह सामान्य नहीं हैं। इसके बावजूद बुलंद हौसलों ने सभी चुनौतियों को पार किया।
अब यह छात्र भविष्य में ऑफिसर बनकर कुछ बनना चाहते हैं। इस बार स्कूल से किशोर कुमार 91.60 प्रतिशत अंक लेकर टॉप पोजीशन पर रहे। उनके पिता इंडस्ट्रियल एरिया में चाय की छोटी सी दुकान चलाते हैं। वहीं अखिल 88.00 प्रतिशत अंक लेकर दूसरे और पदमा 87.80 प्रतिशत अंक लेकर तीसरे स्थान पर रहीं। 12वीं में बेहतरीन अंक लाने पर ब्लाइंड स्कूल के प्रिंसिपल जेएस जायड़ा ने खुशी जताते हुए छात्रों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
आईएएस ऑफिसर बनकर देश सेवा करना चाहते हैं किशोर
किशोर कुमार मोहाली के पास कुराली के रहने वाले हैं। इनके पिता इंडस्ट्रियल एरिया में चाय की छोटी सी दुकान चलाते हैं। इनकी मां वीणा जोशी अपने पति की चाय की दुकान पर साथ देती हैं। किशोर कुमार ने बताया कि टीचर्स का विशेष साथ रहा। टीचर्स पाठ्यक्रम की रिकार्डिंग देते थे, उसे दिन में कई बार सुनता था। इससे पूरा पाठ्यक्रम मेरे दिमाग में बैठ गया। भविष्य में आईएएस ऑफिसर बनकर देश सेवा करना चाहता हूं।
सॉफ्टवेयर से पढ़ाई कर सेकेंड टॉपर बने अखिल
12वीं में 88 प्रतिशत अंक लेकर द ब्लाइंड स्कूल का सेकेंड टॉपर बनने वाले अखिल मूलरूप से पंजाब के रहने वाले हैं। इनके पिता संजीव बिजनेसमैन और मां सुषमा गृहिणी हैं। अखिल ने बताया कि टॉकबैक सॉफ्टवेयर से पढ़ाई कर नोट्स तैयार किए और उसी से तैयारी की। वहीं स्कूल के टीचर्स की ओर से दिए काम का रोजाना अभ्यास करता था। उन्होंने बताया कि वह भविष्य में आईपीएस ऑफिसर बनना चाहता हैं।
मदर टेरेसा की तरह समाज सेवा करना चाहती हैं पदमा
12वीं कक्षा में 87.80 प्रतिशत अंक हासिल कर तीसरे पायदान पर आने वाली पदमा मूलरूप से लद्दाख की रहने वाली हैं। इनके पिता सजावट का सामान घर में तैयार कर बेचते हैं। इस काम से उनके घर की आय काफी कम रहती है। जैसे तैसे घर का गुजारा चलता हैं। पदमा का कहना है कि वह मदर टेरेसा से काफी प्रभावित हैं और भविष्य में उनकी तरह सोशल वर्कर बनकर समाज सेवा करना चाहती हैं। पदमा ने बताया कि पढ़ाई के लिए सभी छात्र ग्रुप स्टडी करते थे। इसका उन्हें पेपर में फायदा मिला।
10वीं में रुचिका ने किया स्कूल टॉप
सीबीएसई 10वीं में द ब्लाइंड स्कूल सेक्टर-26 का परिणाम 100 प्रतिशत रहा। परीक्षा में स्कूल के 10 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। रुचिका 91 प्रतिशत अंक लेकर स्कूल की टॉपर बनी। कुसुम भाटिया ने 90.60 प्रतिशत अंक लेकर दूसरा और राजीव ने 89.80 प्रतिशत अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया।
रुचिका का सपना यूपीएससी क्वालीफाई करना
रुचिका पंजाब के माछीवाड़ा की रहने वाली हैं। पिता विपिन कुमार मजदूरी करते हैं। मां पूजा रानी हाउस वाइफ हैं। रुचिका ने बताया कि वह 12वीं और ग्रेजुएशन में बेहतर अंक लेकर पास होना चाहती हैं। इसके बाद यूपीएससी क्वालीफाई करना लक्ष्य है। उन्होंने हर सब्जेक्ट के लिए 30 मिनट का समय देकर पढ़ाई की है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती हैं कुसुम
कुसुम भाटिया ने बताया कि वह हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में रहते हैं। पिता धर्म सिंह एंबुलेंस ड्राइवर हैं। मां हेमलता भाटिया हाउस वाइफ हैं। भविष्य में वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती हैं।
आईटी क्षेत्र में करिअर बनाएंगे राजीव
राजीव पंजाब के मालेरकोटला में रहते हैं। पिता चंद्रदेव लुधियाना रोड पर ढाबा चलाते हैं। मां रूबी देवी हाउस वाइफ हैं। राजीव ने बताया कि वह में भविष्य में आईटी क्षेत्र में करिअर बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि खेलों में भी उनकी रुचि है।