'वापस हिन्दू बनो, नहीं तो गांव में घुसने नहीं देंगे, बहिष्कार करेंगे'
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हिन्दू बनकर गांव में आइए तो स्वागत होगा, नहीं तो गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। साथ ही समाज से बहिष्कार कर दिया जाएगा। यह फैसला आज हुई महापंचायत में लिया गया।
महांपचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि अब मामला जातीय नहीं धर्म का हो गया है। हिंदू धर्म के मान सम्मान की बात हो गई है। इस तरह दबाव की राजनीति सहन नहीं की जाएगी। कुछ लोगों ने यह गलत परंपरा शुरू कर दी है।
इस मुद्दे को लेकर गांव में महापंचायत हुई, जिसमें गांव की सभी जातियों के लोग हिस्सा लिया। सुबह दस बजे हुई इस पंचायत में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के अलावा सभी समाज व दलित परिवारों के लोग भी हिस्सा लेने पहुंचे।
धर्म परिवर्तन की जानकारी मिलते ही वीएचपी के जिला मंत्री रविंद्र गोयल, बजरंग दल के विभाग संयोजक कपिल वत्स, वीएचपी के मंत्री संदीप बंसल तथा महेंद्र सिंह गांव भगाना पहुंचे। इन लोगों ने गांव में करीब चार घंटे तक अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों से बातचीत की। दलित परिवारों के लोगों से बातचीत कर पूरी जानकारी हासिल की।
कैमरी के बाद भगाना विवाद में
इससे पहले गांव कैमरी में चर्च
तोड़ने का मामला मीडिया की सुर्खियां बन चुका है। करीब तीन महीने पहले
कैमरी में निर्माणाधीन चर्च का एक हिस्सा तोड़ने के बाद यह मुद्दा संसद तक
जा पहुंचा था। गांव में धार्मिक पुस्तक बांटकर धर्म परिवर्तन का आरोप भी
लगा था। कुछ लोगों को हिंदू से ईसाई बनने के लिए पैसे का लालच देने की बात
सामने आई थी।
धर्म परिवर्तन करने वाले परिवारों को इमाम बुखारी की
ओर से पैसा दिया गया है। तीन दिन पहले मीटिंग हुई थी। वीरेंद्र बागौरिया ने
धर्म परिवर्तन के मामले में पैसा खाया है।
- रविंद्र गोयल, जिला मंत्री, विश्व हिंदू परिषद
दिल्ली जंतर-मंतर पर कलमा और नमाज पढ़ी
हरियाणा के 100 परिवारों के लोगों ने शनिवार को सामूहिक रूप से इस्लाम कबूल कर लिया। इन्होंने बाकायदा दिल्ली जंतर-मंतर पर कलमा और नमाज पढ़ी। मोहम्मद आलिल रहमान ने इनका धर्म परिवर्तन करवाया। ये सभी लोग हिसार के भगाणा गांव के हैं। सभी लोग गांव छोड़ने के बाद दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दे रहे थे। वह न्याय के लिए पिछले दो सालों से तकरीबन सभी सरकारी दफ्तरों व अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं।
धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों का कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ, क्योंकि वह दलित व पिछड़ी जातियों से हैं। उनका आरोप है कि गांव की पंचायत ने उनका बहिष्कार किया। उनकी जमीनों पर भी कब्जा कर लिया। शिकायत करने पर मारपीट और गोलीबारी की गई। महिलाओं के साथ भी बदसलूकी हुई। इसकी शिकायत हर जगह और तकरीबन हर अधिकारी से कर चुके हैं। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
धर्म परिवर्तन करने वाले सतीश काजला ने बताया कि हरियाणा में उन पर जाति के नाम पर अत्याचार व अन्याय हुआ। अत्याचार करने वाले सवर्ण जातियों से हैं। पुलिस व सरकारी अधिकारी भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करते, क्योंकि वह भी उन्हीं जातियों से हैं। उनका कहना है कि इस्लाम कबूल करने के बाद एकदम सब कुछ ठीक नहीं होगा। इसके लिए हमें संघर्ष करना पड़ेगा, लेकिन कम से कम छूआछूत नहीं होगी।