फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   100 days of Captain amarinder singh government, drugs issue

Captain@100: 4 हफ्ते में नशाखोरी खत्म करने का था वादा, नहीं पूरा कर पाए

Sat, 24 Jun 2017 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 24 Jun 2017 09:25 AM IST
विज्ञापन
100 days of Captain amarinder singh government, drugs issue
Punjab Drugs
पंजाब में कमान संभालते ही कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने 30 दिन में सूबे से नशे का कारोबार जड़ से खत्म करने का वादा किया था। शुक्रवार को कैप्टन सरकार के 100 दिन पूरे होने तक सूबे में नशे का खात्मा तो नहीं हो सका, अलबत्ता इसके खिलाफ मुहिम में जुटी विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) सिस्टम में ही छिपे अपराधियों तक पहुंच गई है।
विज्ञापन


इसके साथ ही सरकार ने समयसीमा के अपने दावे को दरकिनार करते हुए यह दलील दी है कि समय चाहे कितना भी लग जाए, सूबे से नशे के कारोबार का खात्मा करके ही दम लिया जाएगा। एसटीएफ ने नशा तस्करों को संरक्षण देने और उन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी में मदद करने के आरोप में पुलिस इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन

गठन के बाद एसटीएफ की यह सबसे बड़ी कामयाबी कही जा सकती है, क्योंकि अब एसटीएफ ने उम्मीद जगाई है कि इस मामले में कई बड़े ड्रग तस्करों का पर्दाफाश हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीते सौ दिनों के दौरान, नशे के कारोबार के मुददेे पर कैप्टन सरकार के प्रयासों पर नजर डालें तो, कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी सरकार के गठन से पहले ही एक्शन मोड में आ गए थे। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले ही उन्होंने अपने सभी विधायकों को निर्देश जारी कर दिए थे कि वे अपने-अपने हलकों में पता लगाएं कि वहां नशे का कारोबार तो नहीं चल रहा है। साथ ही कैप्टन ने यह संकेत भी दे दिए हैं कि जिस इलाके में नशे के कारोबार का मामला सामने आएगा, उसके लिए इलाके के एसएसपी जिम्मेदार माना जाएगा।

सिस्टम में ही छिपे अपराधियों तक पहुंची एसटीएफ

100 days of Captain amarinder singh government, drugs issue
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि नशा कारोबारियों की संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी और इस संबंध में सरकार एक कानून बनाएगी। लेकिन शुक्रवार को विधानसभा सत्र के अंतिम दिन भी सरकार की ओर से सदन में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद कैप्टन ने सिस्टम में फेरबदल शुरु किया और उसी दौरान नशे के खिलाफ एसटीएफ का गठन भी कर दिया। एसटीएफ किसी दबाव में न आए, इसके लिए साफ कर दिया गया कि यह मुख्यमंत्री को ही रिपोर्ट करेगी।

एडीजीपी हरप्रीत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में एसटीएफ ने काम शुरू करने के बाद पहले दो महीने में 200 लोगों को गिरफ्तार किया और 25.700 किलो हेरोइन और कई अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए। हालांकि एसटीएफ ने पहले महीने क्विटंलों के हिसाब से भुक्की, अफीम, गांजा जैसे प्राकृतिक नशे बरामद किए थे, लेकिन इसे लेकर भी आलोचना होने के बाद एसटीएफ की नजर अब सिंथेटिक नशों पर टिक गई है। फिर भी इस दौरान एसटीएफ के हाथ नशा कारोबार से जुड़ी कोई बड़ी मछली नहीं आई।

इसी दौरान, विपक्षी दलों ने भी एसटीएफ के कामकाज पर यह कहते हुए उंगली उठानी शुरू कर दी कि टास्क फोर्स नशे के आदी लोगों को परेशान कर रही है और नशा सप्लाई करने वालों से कोसों दूर है।

आखिरकार गत 12 जून को एसटीएफ ने नशे के कारोबार में लगे पंजाब पुलिस के ही कुछ अफसरों का पर्दाफाश करते हुए अपने हाथ लगी पहली बड़ी कामयाबी का खुलासा किया। इस संबंध में एसटीएफ प्रमुख का कहना है कि गिरफ्तार किए गए पुलिस अफसरों के जरिए नशा कारोबार से जुड़े बड़े नाम सामने आ सकते हैं, लेकिन अभी जांच जारी है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed