फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   10 years old rape victim daughter adoption

मां तो अपना नहीं सकती, पर मासूम को अपना बनाने आए 136 परिवार

Fri, 27 Oct 2017 02:27 PM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 27 Oct 2017 02:27 PM IST
विज्ञापन
10 years old rape victim daughter adoption
Baby Delivery
जिस मासूम को उसकी अपनी मां अपना नहीं सकती, उसे अपना बनाने के लिए 136 परिवार आगे आए हैं, जिनमें कई क्लास वन अफसर भी हैं। रेप पीड़िता 10 साल की बच्ची से जन्मी नवजात बेटी को गोद लेने के लिए सिटी ब्यूटीफुल के 136 परिवार वेटिंग लिस्ट में हैं। ये नवजात बच्ची को अपनाने के लिए तैयार हैं। नवजात पर उसके अभिभावकों का कानूनी अधिकार खत्म हो गया है। मासूम बच्ची अब कानूनी तौर पर फ्री हो चुकी है।
विज्ञापन


चंडीगढ़ प्रशासन के समाज कल्याण विभाग ने नवजात बच्ची को अपनाने और कानूनी अधिकार स्थापित करने के लिए 60 दिन का समय दिया था। लेकिन परिजनों ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया। नवजात बच्ची को गोद लेने के लिए शहर के 136 परिवार तैयार हैं। इनमें कई तो एनआरआई हैं। सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के सूत्रों के मुताबिक अमेरिका, कनाडा और न्यूजीलैंड के कई ऐसे दंपति हैं,  जिन्होंने बच्ची को गोद लेने के लिए सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी में आवेदन किया है।
विज्ञापन


निदेशक निशु सिंघल ने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाइंस के तहत अब नवजात बच्ची को एडॉप्ट करने के लिए कोई भी ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। नवजात बच्ची को एडॉप्ट करने के लिए लोगों को सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी के नियमों के तहत आवेदन करना होगा। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के नेतृत्व में एक बॉडी बनाई गई है, जो बच्चों को गोद देने की दिशा में काम करती है। सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) की गाइडलाइंस के तहत लोग नवजात बच्ची को अपना सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्लास वन अधिकारी नवजात बच्ची को गोद लेने के लिए तैयार
 नवजात बच्ची को गोद देने के लिए कई क्लास वन अधिकारी तैयार हैं। शिमला, मोहाली व लुधियाना और चंडीगढ़ में गजटेड आफिसर के रैंक के कई अधिकारी नवजात बच्ची को गोद लेने के लिए आवेदन कर चुके हैं। नाम न लिखे जाने की शर्त पर इन गजटेड आफिसर ने बताया कि उनकी कोई संतान नहीं है। अगर ये बच्ची उन्हें मिल जाए, तो उन्हें बेहद खुशी होगी। बता दें कि कारा की गाइडलाइंस के मुताबिक ही बच्ची को अपनाया जा सकेगा। पहले सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी के तहत आवेदन करना होगा, इसके बाद पूरी प्रक्रिया अपनानी होगी। इसमें महिला एवं विकास मंत्रालय की ओर से गोद देने से पहले दंपति की पूरी वेरिफिकेशन की जाती है।

बच्ची को गोद लेने के लिए कारा की गाइडलाइंस
- बच्ची को गोद लेने के लिए सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी की वेबसाइट पर आवेदन करें
- एडॉप्शन फार्म में देना होगा पैन नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस पासपोर्ट, टेलीफोन बिल और आधार नंबर।
- सालाना आय, इनकम सर्टिफिकेट, निवास प्रमाण पत्र और फोटो देनी होगी
- मैरिज सर्टिफि केट या कोई तलाकशुदा है तो तलाकनामा देना होगा
- पुलिस वेरिफिकेशन आदि।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed