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बड़ी राहत: एनसीआर में 2025 तक चल सकेंगे 10 साल पुराने ट्रैक्टर, हरियाणा विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित

Thu, 17 Mar 2022 12:16 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 17 Mar 2022 12:16 AM IST
सार

प्रदेश में अप्रासंगिक व अप्रचलित हो चुके 19 कानूनों को सरकार ने निरस्त कर दिया है। सदन ने भी इस पर गुरुवार को मुहर लगा दी। निरस्तीकरण के लिए विधानसभा में हरियाणा निरसन विधेयक, 2022 पारित हो गया।

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10 year old tractors will be able to run in NCR till 2025
हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में 10 साल पुराने डीजल ट्रैक्टर चलने का रास्ता साफ हो गया है। पुराने ट्रैक्टर 30 जून 2025 तक चल सकेंगे। सरकार ने बुधवार को विधानसभा में हरियाणा विधि (विशेष उपबंध) संशोधन विधेयक, 2022 पारित करा लिया। राज्यपाल की मंजूरी के बाद गजट अधिसूचना होने के साथ ही लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

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एनजीटी के एनसीआर में 10 साल पुराने ट्रैक्टर के संचालन पर रोक लगाने का चौतरफा विरोध हुआ। कांग्रेस, इनेलो के साथ ही सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी इसमें छूट देने का मुद्दा उठाया। इसके मद्देनजर परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने बुधवार को सदन में संशोधन विधेयक पेश किया, जिसे सर्वसम्मति के साथ पारित कर दिया गया। 
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शर्मा ने कहा कि एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट के समय-समय पर पारित विभिन्न आदेशों की अनुपालना में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले हरियाणा के जिलों में कृषि वाहनों सहित 10 वर्ष पुराने डीजल चालित वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध है। सरकार ने वैधता को जून 2025 तक बढ़ाने के लिए संशोधन विधेयक, 2022 पारित किया है।
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19 अप्रचलित कानून निरस्त
प्रदेश में अप्रासंगिक व अप्रचलित हो चुके 19 कानूनों को सरकार ने निरस्त कर दिया है। सदन ने भी इस पर बुधवार को मुहर लगा दी। निरस्तीकरण के लिए विधानसभा में हरियाणा निरसन विधेयक, 2022 पारित हो गया। ये अधिनियम वास्तव में अपना अर्थ खो चुके हैं लेकिन फिर भी पुस्तकों में दिखाए जाते हैं। 

न्यायमूर्ति इकबाल सिंह (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में गठित हरियाणा संविधि समीक्षा समिति ने अपनी रिपोर्ट में विभिन्न अधिनियमों को निरस्त करने की सिफारिश की थी। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, आफताब अहमद व बीबी बत्रा ने कहा कि जो अन्य अप्रासंगिक कानून हैं, उन्हें रदद करने के अध्ययन के लिए विधायी समिति भी बनाई जाए। सदन में हरियाणा यांत्रिक यान(पथकर-उद्ग्रहण)संशोधन विधेयक, 2022, हरियाणा जल संसाधन(संरक्षण, विनियमन व प्रबंधन) प्राधिकरण(संशोधन) विधेयक, 2022 और हरियाणा विनियोग(संख्या 1) विधेयक, 2022 पेश किए गए, जिन्हें बाद में विचार कर पारित किया जाएगा।

मानव अंगों की तस्करी करने वालों पर कसेगा शिकंजा
हरियाणा में मानव अंगों की तस्करी करने वालों की अब खैर नहीं है। सरकार ने कड़ी कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के कानून को लागू करने का फैसला लिया है। बुधवार को इस पर सदन में सरकारी प्रस्ताव पारित किया गया। अधिूसचना जारी होने के बाद दंड व जुर्माने के कड़े प्रावधान लागू होंगे। शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने सरकारी संकल्प सदन में पेश किया। जिसे स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने पढ़कर सुनाया और पारित करने के लिए सदन की सहमति मांगी। 

कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि यह प्रस्ताव स्वागत योग्य है। मानव अंगों की तस्करी की बहुत सी शिकायतें आती हैं। कोरोना के दौरान मृतकों के मानव अंग निकालकर बेचने के भी आरोप लगे। भविष्य में इस तरह के आरोपों पर केंद्र सरकार के कानून के जरिये कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी। इसके साथ ही शोध कार्यों के लिए भी मानव अंगों का उपयोग हो सकेगा।

कमल गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने चिकित्सा उद्देश्य से मानव अंगों को निकालने, उनके भंडारण, प्रत्यारोपण के अलावा मानव अंगों की तस्करी रोकने के लिए मानव अंग प्रतिरोपण संशोधन विधेयक 2011 का केंद्रीय अधिनियम 16, अधिनियमित किया है। यह पूरे देश में लागू होना है। इसलिए संविधान के अनुच्छेद 252 के खंड एक के तहत सरकारी प्रस्ताव लाकर इससे अपनाना जरूरी है। इसके लागू होने पर प्रदेश में मानव अंगों की तस्करी का मामला या शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

भीषण गर्मी से पहले बाढड़ा में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित हो: नैना चौटाला
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की मां और बाढड़ा से जजपा की विधायक नैना चौटाला ने बुधवार को विधानसभा में पेयजल किल्लत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी मौसम से पहले बाढड़ा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि ग्रामीणों को पेयजल किल्लत का सामना ना करना पड़े।

पानी की किल्लत होने के बावजूद बाढड़ा हलके में जलापूर्ति करने वाली महत्वपूर्ण नहर बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी आने का अंतराल 7 के बजाय 15 दिन कर दिया गया है। विभाग के इस फैसले का वह कड़ा विरोध करती हैं। दोबारा 7 दिन के अंतराल पर पानी छोड़ा जाए। यह विधानसभा क्षेत्र पूर्णतया रेतीला क्षेत्र है और यहां भूमिगत जल स्तर भी बहुत नीचे है। यह पानी सेहत के लिए भी बहुत खतरनाक है। 

5.56 करोड़ रुपये से खत्म होगी झोझु कलां की पेयजल किल्लत
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि झोझु कलां की पेयजल किल्लत दूर करने के लिए 5 करोड़ 56 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार करवाया है। इसके अलावा गांव बधवाना व जावा में भी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे। जल्द ही आवश्यक बजट स्वीकृत कर दिया जाएगा।

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