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बजट सत्र की बड़ी खबरें: एनसीआर में चल सकेंगे 10 साल पुराने ट्रैक्टर, हरियाणा सरकार कानून में करेगी संशोधन

Wed, 16 Mar 2022 12:26 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 16 Mar 2022 12:26 AM IST
सार

हरियाणा में 10 साल से पुराने ट्रैक्टर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चल सकेंगे। हरियाणा सरकार संशोधित विधेयक पेश करेगी। 

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10 year old tractor will be able to run in NCR in Haryana
हरियाणा का बजट सत्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पुराने ट्रैक्टरों के संचालन को छूट देने की तरफ कदम बढ़ा दिया है। विधानसभा में हरियाणा कानून (विशेष प्रावधान) संशोधन विधेयक, 2022 चर्चा के लिए पेश किया गया। 21 या 22 मार्च को इसे चर्चा के बाद पारित किया जाएगा। संशोधन विधेयक के राज्यपाल से मंजूर होने के बाद अधिसूचना जारी की जाएगी, इससे 10 साल पुराने ट्रैक्टर एनसीआर में चलते रहेंगे।

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संशोधन विधेयक में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगाने वाले नियम में ट्रैक्टरों को छूट देने का प्रावधान किया है। परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि किसानों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह कानून लाया गया है। एनसीआर में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को देखते हुए मूल कानून की वैधता को 30 जून 2025 तक बढ़ाना आवश्यक है।
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विधेयक के अनुसार कृषि कार्यों में लगे वाहनों के संचालन के संबंध में किसानों और अन्य प्रभावित लोगों को अस्थायी राहत प्रदान करने के लिए हरियाणा कानून (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2019 सरकार ने 18 मार्च, 2019 को अधिसूचित किया था। इसकी वैधता लागू होने की तारीख से एक वर्ष तक थी। मूल चंद ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ट्रैक्टरों को प्रतिबंध से छूट दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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एसडीओ के खिलाफ जांच के आदेश 
गुरुग्राम में इफको चौक फ्लाईओवर के नीचे से गुजरने वाली सीवर लाइन को शिफ्ट करने अधूरे कार्य को पूरा बताने वाले और कार्य के बिलों का सत्यापन करने वाले एसडीओ के खिलाफ मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जांच का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के बाद एसडीओ के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी। मामला संज्ञान में आने के बाद पहले से ही उसे मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है। 

विधायक सुधीर सिंगला के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह जानकारी दी। विधायक ने बताया कि गुरुग्राम में इफको चौक फ्लाईओवर के नीचे से गुजरने वाली सीवर लाइन को शिफ्ट करने के कार्य को एनएचएआई द्वारा वर्ष 2017 में एचएसवीपी की देखरेख में कराया गया था। इसके लिए 1700 मीटर लंबाई की मौजूदा मास्टर सीवर लाइन को स्थानांतरित करना आवश्यक था लेकिन कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया और कार्य का भुगतान 7 करोड़ रुपए एनएचएआई द्वारा ठेकेदार को कर दिया। 

शिकायत के बाद अब मौजूदा सीवर को साइट की स्थिति के अनुसार सीवर लाइन को स्थानांतरित करने व उसे पहले से लगी हुई लाइन से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि 7 करोड़ का भुगतान जारी करने का मामला एनएचएआई से संबंधित है। जीएमडीए में एचएसवीपी से प्रतिनियुक्ति पर आए एसडीओ ने प्रथम दृष्टया ठेकेदार को एनएचएआई द्वारा भुगतान के लिए बिलों का सत्यापन किया है। उसे उसके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है।

पांच साल में खाद्य पदार्थों के 3864 नमूने फेल, 17 को सजा
हरियाणा में पिछले पांच साल में खाद्य पदार्थों के 3864 सैंपल फेल पाए गए। 2653 केस मिलावटखोरों के खिलाफ दर्ज हुए। इनमें 17 मामलों में दोषियों को सजा हुई। वहीं, विभाग में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के 41 पद खाली चल रहे हैं, जिससे 2018-19 और 19-20 में नमूने लेने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। 

खाद्य नमूनों की निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए 11 पदों पर अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर लिया गया है। इसमें 2020-21 के लक्ष्य से 1047 नमूने अधिक लिए गए। चरखी दादरी को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में खाद्य पदार्थों में बड़े पैमाने पर मिलावट पकड़ी गई है। अंबाला में 185, भिवानी 104, चरखी दादरी 40, फरीदाबाद 301, फतेहाबाद 276, गुरुग्राम 336, हिसार 245, झज्जर 130, जींद 161, कैथल 120, करनाल 223, कुरुक्षेत्र 148, महेंद्रगढ़ 118, मेवात 139, पलवल 129, पंचकूला 177, पानीपत 317, रेवाड़ी 132, रोहतक 160, सिरसा 141, सोनीपत 174, यमुनानगर 108 नमूने फेल पाए गए हैं। मिलावटखोरों पर सबसे अधिक केस गुरुग्राम में 323, फतेहाबाद में 274, फरीदाबाद 182, पंचकूला में 145, कुरुक्षेत्र में 144 दर्ज हुए हैं। फरीदाबाद में 5, गुरुग्राम में 4, करनाल 1, कुरुक्षेत्र 3 और यमुनानगर में 4 दोषियों को पांच साल में सजा हुई है। 

मॉडल स्कूलों में भी अध्यापकों और गैर शैक्षणिक कर्मियों की कमी
राज्य के 138 राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और 1418 राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों में भी अध्यापकों और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की कमी है। विधानसभा में रखे आंकड़ों के मुताबिक, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षणिक स्टाफ के कुल स्वीकृत पद 5275 हैं, जिनमें से 1688 रिक्तियां हैं। इसी प्रकार, राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों में स्वीकृत पदों की संख्या 12883 जिनमें से 2386 पद रिक्त हैं। इसके अलावा, गैर-शैक्षणिक स्टाफ के 912 स्वीकृत पदों में से 495 पद रिक्त हैं।

सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बताया कि राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना कठिन चयन परीक्षा के बाद की जाती है। उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों में विभिन्न विषयों के 380 प्राध्यापकों एवं 106 प्राचार्य को साक्षात्कार के माध्यम से अप्रैल एवं जुलाई 2021 में नियुक्त किया है। हाल ही में विभिन्न विषयों के 300 प्राध्यापकों को सीईएनटीए की चयन प्रक्रिया के माध्यम से फरवरी 2022 में नियुक्ति प्रदान की गई है। कर्मचारी चयन आयोग को भर्ती की मांग भेजी जा चुकी है। चतुर्थ श्रेणियों के कर्मचारियों को कौशल रोजगार नियम के तहत भर्ती किया जाएगा।

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