हरियाणा निकाय चुनाव: चुनावी लेखा-जोखा 30 दिन में न देने पर अयोग्य होंगे प्रत्याशी, 10 हजार कर्मचारी संभालेंगे कमान
राज्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि नगर पालिकाओं एवं नगर परिषदों के चुनाव में कुल 888 वार्ड होंगे। इनमें 107 सीटें अनुसूचित जाति, 73 सीटें अनुसूचित जाति की महिलाओं और 239 सीटें सामान्य श्रेणी की महिलाओं के लिए हैं। 469 सीटें अनारक्षित हैं।
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हरियाणा में निकाय चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को खर्च का लेखा-जोखा 30 दिनों के भीतर राज्य चुनाव आयोग, डीसी या अधिकृत अधिकारी के पास जमा करना होगा। ऐसा नहीं करने पर जीते हुए उम्मीदवार भी पांच साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिए जाएंगे। चुनाव की कमान 10 हजार कर्मचारियों के हाथ होगी। पुलिस कर्मी अलग से तैनात किए जाएंगे।
नप, नपा अध्यक्ष और सदस्यों के चुनाव के लिए अलग-अलग ईवीएम होंगी। चुनाव में पिछड़ा वर्ग श्रेणी के लिए आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। राज्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि चुनाव 4000 एम-2 टाईप ईवीएम के जरिये कराए जाएंगे। उम्मीदवार का प्रिंट फोटोग्राफ अन्य ब्योरे के साथ ईवीएम की बैलेटिंग यूनिट पर प्रदर्शित होगा।
अध्यक्ष की बैलेटिंग यूनिट गुलाबी व सदस्य की सफेद होगी। चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए आयोग वरिष्ठ आईएएस या एचसीएस अधिकारियों को चुनाव पर्यवेक्षक, वरिष्ठ आईपीएस या एचपीएस अधिकारियों को कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त करेगा।
आबकारी एवं कराधान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। ये पर्यवेक्षक समय-समय पर राज्य चुनाव आयोग को रिपोर्ट करेंगे। संवेदनशील एवं अति संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात होगा। डीसी इन बूथ को तय कर रहे हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए नगर निकायों के चुनाव में अधिक से अधिक मतदान करें।
विधानसभा मतदाता सूची में नाम होना जरूरी
राज्य निर्वाचन आयोग ने 5 जनवरी 2022 को प्रकाशित विधानसभा मतदाता सूची के आधार पर नगरपालिका, नगर परिषदों की मतदाता सूची को तैयार किया है। यदि किसी व्यक्ति का नाम नगरपालिका/परिषद की वार्डवार मतदाता सूची में शामिल नहीं है लेकिन विधानसभा की मतदाता सूची में है तो नामांकन वापसी की तिथि तक वह अपना नाम निकायों के लिए तैयार मतदाता सूची में दर्ज करा सकता है। इसके लिए रिटर्निंग अधिकारी के पास फॉर्म-ए भरकर आवेदन करना होगा। विधानसभा मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है, तभी पालिका-परिषद की सूची में नाम दर्ज हो पाएगा।
469 सीटें अनारक्षित और 239 महिलाओं के लिए आरक्षित
राज्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि नगर पालिकाओं एवं नगर परिषदों के चुनाव में कुल 888 वार्ड होंगे। इनमें 107 सीटें अनुसूचित जाति, 73 सीटें अनुसूचित जाति की महिलाओं और 239 सीटें सामान्य श्रेणी की महिलाओं के लिए हैं। 469 सीटें अनारक्षित हैं।
जनवरी-फरवरी 2021 में होने थे चुनाव
नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं के चुनाव 5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद जनवरी-फरवरी 2021 में होने थे लेकिन, कोविड-19 महामारी और बाद में उच्च न्यायालय में दीवानी रिट याचिका के कारण समय पर आयोजित नहीं हो सके। हाईकोर्ट ने इसी माह निकाय चुनाव कराने की मंजूरी दी है।
आचार संहिता में क्या-क्या नहीं होगा
चुनाव वाले निकाय क्षेत्रों में अब कोई नई घोषणा, योजनाओं का शुभारंभ, शिलान्यास, लुभावनी घोषणाएं, नए काम सरकार नहीं कर सकेगी। राजनीतिक दल कोई रैली भी नहीं कर सकेंगे। 29 मई को प्रदेश में भाजपा, कांग्रेस और आप की रैली व जनसभाएं हैं। अगर यह चुनाव वाले क्षेत्रों में हुईं तो कोई भी दल इन्हें नहीं कर सकेगा।
पंचायत चुनाव की तिथियां मानसून के मद्देनजर होंगी घोषित
हरियाणा में पंचायत चुनाव की तिथियां राज्य चुनाव आयोग मानसून के मद्देनजर घोषित करेगा। 22 जुलाई को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन होगा, उसके बाद ही तिथियां घोषित की जाएंगी। निकाय चुनाव के कारण पंचायत चुनाव की मतदाता सूचियां तैयार करने के लिए दो महीने का समय रखा गया है।