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हरियाणा में 'सूखे' जैसे हालात, देश में 10 प्रतिशत ज्यादा तो प्रदेश में 42 फीसदी कम बरसात
Tue, 01 Oct 2019 09:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 01 Oct 2019 09:03 AM IST
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- फोटो : PIXABAY
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एक जून से शुरू हुए मानसून सीजन का आधिकारिक समापन 30 सितंबर को हो गया, लेकिन मानसून अलविदा कहने में अभी एक हफ्ते से अधिक समय ले सकता है। देश में मानसून सीजन के 122 दिनों में सोमवार तक जहां सामान्य से 10 फीसदी ज्यादा बारिश हुई, वहीं हरियाणा में 42 फीसदी कम वर्षा हुई है।
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सोमवार को प्रदेश के 14 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 24 घंटे में हरियाणा में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश की संभावना है। देरी होने से वाली बारिश तैयार फसलों में नमी बढ़ा सकती है और क्षति भी पहुंचा सकती है।
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भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 1 जून से 30 सितंबर के दौरान देशभर में 968.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 10 फीसदी ज्यादा है। सामान्य तौर पर इस अवधि के दौरान 880.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती है। यदि हरियाणा की बात करें तो मानसून सीजन में मणिपुर के बाद यह दूसरा राज्य है, जहां बादल कम बरसे हैं। मणिपुर में 57 फीसदी कम बारिश हुई है तो हरियाणा में सामान्य से 42 फीसदी कम बादल बरसे हैं।
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देश में भले मानसून ने दम दिखाया, लेकिन यहां किसी भी जिले में सामान्य बारिश नहीं हो सकी है। प्रदेश में सबसे कम बारिश रोहतक में हुई है। वैसे तो हरियाणा में 30 सितंबर तक सामान्य तौर पर 444 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस दौरान केवल 256.3 एमएम बारिश दर्ज की गई है। अब देर से होने वाली बारिश पकी फसलों को नुकसान पहुंचा रही है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अक्तूबर के पहले सप्ताह तक हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में भी हल्की बारिश होने की संभावना है। फिर भी अब 42 फीसदी बारिश की कमी भरपाई मुश्किल है।
मौसम केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक सोमवार को प्रदेश में सबसे अधिक यमुनानगर में 19.7 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही 13 अन्य जिलों में छिटपुट बारिश और बादलवाही से अंबाला और रोहतक में दिन का तापमान सामान्य से पांच डिग्री तक नीचे चला गया है। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी और बारिश से भी आने वाले दिनों में तापमान और लुढक सकता है।
मौसम का अध्ययन करने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक आम तौर पर सितंबर के दूसरे सप्ताह में विदा होने वाला मानसून इस साल अक्तूबर के दूसरे सप्ताह तक रह सकता है।
कहां कितना रहा दिन का तापमान (डिग्री सेल्सियस)
शहर तापमान सामान्य से कम
अंबाला- 28.7 -5
करनाल- 29.4 -3
नारनौल- 31.5 -4
रोहतक- 30.0 -5
किस शहर में कितनी बारिश (एमएम में)
बारिश---सीजन में कमी (प्रतिशत)
अंबाला- 14.6 -26
भिवानी-3.0- 45
फरीदाबाद-0.3- 41
फतेहाबाद-0.0-63
गुरुग्राम-1.0-43
हिसार-1.2-48
झज्जर-0.0-57
जींद-4.0-51
कैथल-0.3-50
करनाल- 4.5-23
कुरुक्षेत्र-3.7-23
महेंद्रगढ़- 1.7-49
मेवात-0.0-46
पलवल-0.0-41
पंचकूला-18.0-57
पानीपत-0.0-62
सिरसा-0.2-13
सोनीपत-0.3-56
यमुनानगर-19.7-15