दुबई में 10 भारतीय युवकों को फांसी की सजा, पाक युवक की हुई थी हत्या
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दुबई में पाकिस्तानी युवक की हत्या के मामले में अदालत ने 10 भारतीय युवकों को फांसी की सजा सुनाई है। खबर मिलते ही परिजन सदमे में हैं। सभी युवक पंजाब के रहने वाले हैं। अदालत ने बीते रविवार को ही सजा सुनाई।
हालांकि इस मामले में अगली अदालत में अपील भी कर दी गई है लेकिन इन 10 पंजाबी युवकों में शामिल होशियारपुर में माहिलपुर ब्लॉक के गांव हवेली के रहने वाले 23 वर्षीय युवक चंद्रशेखर के परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि दुबई सरकार की सहायता से चंद्रशेखर सहित सभी पंजाबी युवकों की जिंदगी बचाएं।
खबर मिलने के बाद से सदमे में परिवार
माहिलपुर के गांव हवेली में चंद्रशेखर के पिता मनजीत सिंह, मां रणजीत कौर, छोटे भाई पलविंदर और दोनों ही छोटी बहन कमलजीत कौर व दलजीत कौर ने बताया कि घर की गरीबी दूर करने के लिए चंद्रशेखर कर्ज लेकर 3 दिसंबर 2014 को दुबई गया था।
अगले ही दिन चार दिसंबर को दुबई के शहर अल एन पहुंच नौकरी पर भी लग गया था। इसी दौरान शराब के मामले को लेकर दो गुटों में हुई झड़प के दौरान एक पाकिस्तानी युवक की मौत हो गई।
पाकिस्तानी की मौत के बाद झगड़े में शामिल काफी संख्या में लड़के चंद्रशेखर के कमरे में पहुंच गए। इसी बीच दुबई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी युवकों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था। परिजनों के अनुसार उस झगड़े से चंद्रशेखर का कोई लेना-देना नहीं था फिर भी दुबई पुलिस ने हत्या के केस में फंसाकर अब उसे फांसी की सजा दिलवा दी है।
10 पंजाबी युवकों में सतविंदर सिंह ठीकरीवाल बरनाला, चमकौर सिंह मालेरकोटला, कुलविंदर व बलविंदर लुधियाना, कुलदीप सिंह तरनतारन, धर्म सिंह समराला, हरजिंदर सिंह मोगा, तरसेम सिंह व गुरप्रीत सिंह पटियाला और जगजीत सिंह गुरदासपुर जिले से संबंधित हैं।