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Ajab-Gajab: लोगों के बाजू पर कैसे बना ये रहस्यमयी निशान, आखिर मिल गया इस सवाल का जवाब
Thu, 28 Sep 2023 06:52 PM IST
धर्मेंद्र सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: धर्मेंद्र सिंह
Updated Thu, 28 Sep 2023 06:52 PM IST
सार
साल 1950 में पूरी दुनिया में टीबी की बीमारी ने तबाही मचा रखा था। इस बीमारी की वजह से कई लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि इस बीमारी से बचाव के लिए जल्द ही वैक्सीन बन गई थी।
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vaccine mark on body
- फोटो : iStock
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विस्तार
Ajab-Gajab: कई लोगों के शरीर पर कोई न कोई निशान होता है। कई लोगों के शरीर यह निशान जन्म के साथ ही होते हैं, तो कई लोगों के शरीर पर चोट के निशान होते हैं। लेकिन आपने कई लोगों के बाजू पर एक तरह का निशान देखा होगा? देखकर आपके मन में सवाल खड़ा होता होगा है कि आखिर यह निशान किस चीज का है? माना जाता है कि यह निशान दुनिया की आधी आबादी के शरीर पर है।
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हम आपको आज बताते हैं कि आखिर यह निशान किस चीज का है। कैसे और क्यों बनता है? यह निशान इस बात का सबूत है कि इंसान ट्यूबरक्युलोसिस यानी टीबी जैसी खतरनाक बीमारी से इम्यून है। टीबी से बचाने वाले एक इंजेक्शन के लगवाने से इंसान के शरीर पर यह बनता है। वर्तमान समय में आपने कई लोगों के बाजू पर यह निशान देखे होंगे। कई लोगों के शरीर पर यह निशान बना है। हालांकि अधिकतर लोगों को इसके पीछे की वजह का पता नहीं है।
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दरअसल, साल 1950 में पूरी दुनिया में टीबी की बीमारी ने तबाही मचा रखा था। इस बीमारी की वजह से कई लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि इस बीमारी से बचाव के लिए जल्द ही वैक्सीन बन गई थी। वैक्सीन के इंजेक्शन के कारण लोगों के शरीर पर यह निशान रह गया।
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इस वैक्सीन के कारण लोग टीबी से बचने के लिए इम्यून हो जाते हैं। हालांकि इस वैक्सीन में थोड़ा सा वायरस होता है। वैक्सीन के साथ शरीर के अंदर जाने पर यह शरीर को वायरस से लड़ना सिखाता है।
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हालांकि इस वैक्सीन का एक साइडइफेक्ट होता है। इस इंजेक्शन को शरीर में जैसे ही लगाया जाता है, वैसे ही बॉडी एक अल्सर बन जाता है। बाद में इस दाग के तौर पर जीवनभर के लिए रह जाता है।