Science News: अंतरिक्ष में लाखों आकाशगंगा हैं, जिनके बारे में वैज्ञानिकों को भी बेहद कम जानकारी है। धरती से 2100 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर एक घनी आकाशगंगा स्थित है, जिसके चारों तरफ एक रोशनी का छल्ला है, जिसकी आकृति बदलती रहती है। इसलिए इसको आइंस्टीन रिंग (Einstein Ring) कहा जाता है। यह एक रहस्यमयी आकाशगंगा है। नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (James Webb Space Telescope - JWST) ने हाल ही में इसकी तस्वीर ली है।
Science News: अंतरिक्ष में दिखी रहस्यमयी वस्तु, इसमें आ जाएंगे 6500 करोड़ सूरज, जेम्स वेब ने ली तस्वीर
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पास से गुजरने वाली वस्तु का बदल जाता है आकार
यह अपने आसपास स्थित दूसरी आकाशगंगाओं, सुपरनोवा या पास से किसी गुजरने वाली वस्तु को खींचकर अपने में मिला लेता है। या फिर वो इसके बगल से टेढ़े-मेढ़े होकर गुजरते हैं। इस छल्ले की गुरुत्वाकर्षण शक्ति इतनी ताकतवर होती है कि पांस से गुजरने वाली किसी भी वस्तु का आकार बदल जाता है।
बेहद दुर्लभ होता है नजारा
आमतौर पर ऐसी ताकतवर गुरुत्वाकर्षण शक्ति वाली वस्तु के आसपास अंतरिक्ष में एक अर्धचंद्राकार चमक वाली आकृति नजर आती है। या अधूरे छल्ले नजर आते हैं, लेकिन पहली बार इतना स्पष्ट आइंस्टीन रिंग नजर आया है। असली आइंस्टीन रिंग का पूरा छल्ला बनाता है। यह तब दिखाई देता है जब छल्ले का केंद्र, छल्ला और देखने वाला एक सीध में हो।
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5 लाख से अधिक आकाशगंगाओं की खोज
प्रीपिंट सर्वर arXiv में इस तस्वीर को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। अब यह रिपोर्ट नेचर एस्ट्रोनॉमी में भी प्रकाशित की जाएगी। वैज्ञानिकों ने आइंस्टीन रिंग को JWST-ER1 नाम दिया है। जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप ने अभी तक 5 लाख से अधिक आकाशगंगाओं की खोज की है और उनका नक्शा तैयार किया है। इसको कॉसमॉस वेब सर्वे कहा जाता है।
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छल्ले के अंदर आ जाएंगे 6500 करोड़ सूरज
धरती से 1700 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर आइंस्टीन रिंग स्थित है। इसकी आकाशगंगा और 400 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है। अभी तक अंतरिक्ष में किसी सबसे दूर स्थित वस्तु की खोज हुई थी, तो वह 1470 करोड़ प्रकाश वर्ष की दूरी पर थी। माना जाता है कि ब्रह्मांड की उम्र ही 1370 करोड़ वर्ष है और लगातार फैल रहा है। हमारे सूरज जितने 6500 करोड़ सूरज आ जाएंगे, तो इस आइंस्टीन रिंग का वजन बराबर होगा।