Patna : बिहटा से अगवा छठी के छात्र को डेढ़ घंटे में ही मार डाला था, पुलिस अपहरण के ड्रामा थ्योरी में लगी रही
Kidnapped student killed in Patna : पटना के बिहटा से गुरुवार को अपहृत छठी के छात्र तुषार को अपहर्ताओं ने मारकर जला डाला था। शनिवार को उसकी अधजली लाश बरामद हो गई थी। अब खुलासा हुआ है कि लाश उसी की थी।
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पटना के बिहटा से गुरुवार को अपहृत छठी के छात्र तुषार को अपहर्ता ने उसी शाम मारकर जला डाला था। शनिवार को बिहटा में ESIC अस्पताल के पीछे अधजली लाश बरामद हुई थी। अब खुलासा हुआ है कि लाश उसी की थी। पुलिस ने इस मामले में साजिशकर्ता, अपहर्ता और हत्यारा को गिरफ्तार किया है। अपहरण के बाद से पुलिस इस एंगल पर ज्यादा विश्वास कर रही थी कि छात्र का मोबाइल ज्ञान अच्छा था और उसने खुद अपहरण का ड्रामा रचा हो। 12 साल के तुषार के अपहरण के बाद परिजनों के पास कॉल कर 40 लाख की फिरौती मांगी गई थी। धमकी दी गई थी कि अगर पुलिस के पास गए तो बच्चे को मार डालूंगा। अपराधियों ने वॉयस मैसेज भेजा था, जिसके बारे में पुलिस यह भी अंदेशा जता रही थी कि किसी एप के जरिए तुषार और उसके साथियों ने आवाज बदलकर यह सब किया हो। शनिवार को सहरसा में छह साल की बच्ची को अगवा कर रेप के बाद हत्या का मामला सामने आया था। बेतिया से अपहृत दो नाबालिग लड़कियों का अभी पता भी नहीं चल सका है।
गुरुवार को अपहरण के तुरंत बाद मार डाला
बिहटा प्रखंड के श्रीरामपुर निवासी शिक्षक राज किशोर पंडित का इकलौता बेटा तुषार कुमार गुरुवार की शाम 6 बजे घर से बाहर निकला था। बिहटा के जिस विवेकानंद कोचिंग में उसने दो साल पढ़ाई की थी, उसी के मुकेश कुमार ने तुषार को व्हाट्सएप कॉल कर बुलाया था। बुलाने के बाद उसे मुकेश ने अगवा कर लिया और डेढ़ घंटे के अंदर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद तुषार के मोबाइल से ही वॉइस मैसेज के जरिए 40 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। पुलिस ने सिर्फ मुकेश को पेश किया, हालांकि बिहटा में उसके साथ और चार लोगों के शामिल होने की जानकारी मिल रही थी।
साजिशकर्ता मुकेश पर 20 लाख का कर्ज था
अपहरण और हत्या की साजिश के मुख्य आरोपी मुकेश पर करीब 20 लाख रुपये का कर्ज था। कर्ज चुकाने का उपाय ढूढ़ते हुए उसने तुषार के अपहरण की साजिश रची। चूंकि तुषार उसे अच्छी तरह से जानता था, इसलिए आसानी से फंसाने की सोच रखते हुए उसने यह साजिश रची। इसके लिए उसने कॉल की जगह व्हाट्सएप कॉल का सहारा लिया।
अपहरण के साथ हत्या की तैयारी पहले से थी
इकलौते बेटे की वापसी के लिए अगर शिक्षक परिवार जैसे-तैसे 40 लाख रुपये फिरौती में देने के लिए जुटा भी लेता तो भी उनकी जिंदगी में रोशनी लौटने की संभावना नहीं थी। तुषार चूंकि मुकेश को ठीक से पहचानता था, इसलिए उसने अपहरण के साथ ही हत्या की प्लानिंग कर रखी थी। चाकू और पेट्रोल का इंतजाम रखने का मतलब ही है कि हत्या के बाद लाश को जलाना भी था। पटना के SSP राजीव मिश्रा ने अपराधियों को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि मुकेश ने पहले तुषार का गला दबाया, फिर चाकू से मार डाला। तुषार की लाश को बिहटा थाना क्षेत्र के ही खेदलपुरा गांव के जंगल में जला डाला था। इधर, तुषार के परिजनों से उसे वापस करने के लिए रुपयों की मांग जारी रखी गई थी। पुलिस काफी दूर तक मोबाइल लोकेशन के आधार पर ही पहुंची, फिर जली लाश मिलने के साथ मुकेश की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर उसके पीछे लगी।