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Bihar: सात मौतों के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि फिर डूबा एक और किसान, 13 दिनों में नौ मौतें; चेतावनी भी बेअसर
Sat, 13 Jun 2026 10:58 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 10:58 PM IST
सार
पटना के बाढ़ थाना क्षेत्र स्थित उमानाथ बिंद टोली में गंगा नदी में डूबने से 40 वर्षीय विजय महतो की मौत हो गई। खेत से लौटने के बाद स्नान के दौरान वह गहरे पानी में चले गए। पिछले 13 दिनों में गंगा में डूबने से नौ लोगों की जान जा चुकी है।
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दियारा में डूबा व्यक्ति
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
पटना बाढ़ थाना क्षेत्र के उमानाथ बिंद टोली में एक बार फिर दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। गंगा नदी में डूबने से 40 वर्षीय विजय महतो की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि विजय महतो हर दिन की तरह गंगा पार दियारा क्षेत्र में अपने खेतों में काम करने के लिए नाव से गए थे।
परिजनों में कोहराम मचा
दोपहर करीब 2 बजे खेत में काम खत्म करने के बाद वह गंगा नदी में स्नान करने लगे। इसी दौरान गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वह गहरे पानी में चले गए और डूब गए। स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से काफी खोजबीन के बाद उन्हें नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि कुछ दिन पहले इसी उमानाथ बिंद टोली गांव के सात लोगों की गंगा नदी में डूबने से एक साथ मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद से स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा है। साथ ही खतरनाक और प्रतिबंधित घाटों पर स्नान नहीं करने की चेतावनी दी जा रही है तथा कई संवेदनशील घाटों को पूरी तरह प्रतिबंधित भी किया गया है।
ये भी पढ़ें- Bihar: असम विमान क्रैश में बिहार का बेटा शहीद, हादसे से दो घंटे पहले मां से हुई थी बात; गांव में पसरा मातम
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पिछले 13 दिनों में हुईं नौ मौतें
हाल ही में बाढ़ के एसडीपीओ ने भी लोगों से अपील करते हुए नदी में अनावश्यक जोखिम नहीं उठाने और सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा था। इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, जिसके कारण डूबने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 13 दिनों में गंगा नदी में डूबने से अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन दर्दनाक घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, पूरे इलाके में भय, चिंता और शोक का माहौल है।
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परिजनों में कोहराम मचा
दोपहर करीब 2 बजे खेत में काम खत्म करने के बाद वह गंगा नदी में स्नान करने लगे। इसी दौरान गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वह गहरे पानी में चले गए और डूब गए। स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से काफी खोजबीन के बाद उन्हें नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि कुछ दिन पहले इसी उमानाथ बिंद टोली गांव के सात लोगों की गंगा नदी में डूबने से एक साथ मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद से स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा है। साथ ही खतरनाक और प्रतिबंधित घाटों पर स्नान नहीं करने की चेतावनी दी जा रही है तथा कई संवेदनशील घाटों को पूरी तरह प्रतिबंधित भी किया गया है।
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पिछले 13 दिनों में हुईं नौ मौतें
हाल ही में बाढ़ के एसडीपीओ ने भी लोगों से अपील करते हुए नदी में अनावश्यक जोखिम नहीं उठाने और सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा था। इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, जिसके कारण डूबने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 13 दिनों में गंगा नदी में डूबने से अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन दर्दनाक घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, पूरे इलाके में भय, चिंता और शोक का माहौल है।