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Bihar News : पटना में गूंजेगा सांस्कृतिक पुनर्जागरण का स्वर, लेट्स इंस्पायर बिहार की भव्य महासभा 22 मार्च को

Fri, 20 Mar 2026 10:16 PM IST
Krishan Ballabh Narayan न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Krishan Ballabh Narayan Updated Fri, 20 Mar 2026 10:16 PM IST
सार

IPS Vikas Vaibhav : शिक्षा, समानता और उद्यमिता के सिद्धांतों पर आधारित लेट्स इंस्पायर बिहार निरंतर ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में कार्यरत है, जहाँ लोगों को अवसरों की खोज में पलायन के लिए बाध्य न होना पड़े। 

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Let's Inspire Bihar Campaign Foundation Day Cultural Renaissance Mahasabha 2026 ips vikas vaibhav patna bihar
आईपीएस विकास वैभव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान अपने 5वें स्थापना दिवस पर बिहार सांस्कृतिक पुनर्जागरण महासभा 2026 का आयोजन किया जाएगा। 22 मार्च 2021 को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव द्वारा स्थापित यह अभियान देश की सबसे तेजी से विकसित हो रही नागरिक-नेतृत्व वाली पहलों में से एक के रूप में उभरा है, जो देशभर तथा वैश्विक प्रवासी समुदाय के 3.5 लाख से अधिक व्यक्तियों को जोड़ चुका है। पिछले पाँच वर्षों में यह एक सशक्त मंच के रूप में विकसित हुआ है, जो विविध पृष्ठभूमि के नागरिकों को विकसित भारत @ 2047 के व्यापक परिप्रेक्ष्य में विकसित बिहार के निर्माण की साझा दृष्टि के साथ एकत्रित करता है।

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इस वर्ष का स्थापना दिवस विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह बिहार के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की अवधारणा पर केंद्रित है, जो राज्य की उस ऐतिहासिक विरासत को रेखांकित करता है, जिसके अंतर्गत बिहार वैश्विक स्तर पर संस्कृति, आध्यात्मिकता, ज्ञान और उद्यम का प्रमुख केंद्र रहा है। यह आगामी कार्यक्रम विशिष्ट अतिथियों, नीति -निर्माताओं, शिक्षाविदों, उद्यमियों तथा स्वयंसेवकों को एक साथ लाएगा, और इसमें बिहार के विकासात्मक एवं सांस्कृतिक रोडमैप पर विमर्श के साथ-साथ इस अभियान से जुड़े योगदानकर्ताओं का सम्मान भी किया जाएगा।
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शिक्षा, समानता और उद्यमिता के सिद्धांतों पर आधारित लेट्स इंस्पायर बिहार निरंतर ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में कार्यरत है, जहाँ लोगों को अवसरों की खोज में पलायन के लिए बाध्य न होना पड़े। अपने विभिन्न विषयगत प्रकोष्ठों के माध्यम से, जिनमें जमीनी स्तर की शिक्षा और सामाजिक पहुंच से जुड़े प्रयास शामिल हैं, यह अभियान समावेशी विकास और सामुदायिक सहभागिता के लिए सतत प्रयास कर रहा है। पिछले एक वर्ष में इसने हैदराबाद, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे शहरों में आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों और विज़न कॉन्क्लेव के माध्यम से अपने राष्ट्रीय विस्तार को भी सुदृढ़ किया है।
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संगठन द्वारा जारी एक वक्तव्य में, लेट्स इंस्पायर बिहार के मुख्य संरक्षक, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने कहा कि बिहार ऐतिहासिक रूप से सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, बौद्धिक और व्यावसायिक उत्कृष्टता का केंद्र रहा है, और इसका सांस्कृतिक पुनर्जागरण 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण के लिए अनिवार्य है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बिहार के लोग एक गौरवशाली परंपरा के उत्तराधिकारी हैं, जिसने आधुनिक अवसंरचना और तकनीक के अभाव में भी महान साम्राज्यों और विश्वविख्यात शिक्षण संस्थानों की स्थापना की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वेदांत दर्शन के दार्शनिक आधारों ने सामाजिक समरसता, मानवीय जुड़ाव और नवाचार को सक्षम बनाया।

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने आगे कहा कि आज 3.5 लाख से अधिक प्रतिबद्ध बिहारी इस अभियान के अंतर्गत जाति, पंथ, लिंग और वैचारिक भिन्नताओं से ऊपर उठकर राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने के लिए एकजुट हुए हैं। उन्होंने इस समृद्ध विरासत से प्रेरणा लेने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों को नए कीर्तिमान स्थापित करने और सामूहिक संकल्प को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित होना चाहिए। उन्होंने आगामी महासभा को इस साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच बताया तथा नागरिकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने और व्यापक सहभागिता को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।


लेट्स इंस्पायर बिहार के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहित कुमार ने कहा कि पाँच वर्षों की पूर्णता इस अभियान की यात्रा में एक निर्णायक मील का पत्थर है, जो एक नागरिक नेतृत्व वाली पहल से एक राष्ट्रव्यापी अभियान में परिवर्तित हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का स्थापना दिवस विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सांस्कृतिक पुनर्जागरण के विचार को सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में स्थापित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अवसर उपलब्धियों के उत्सव के साथ-साथ बिहार के भविष्य को उसकी सभ्यतागत शक्तियों से पुनः जोड़ते हुए आकार देने की नई प्रतिबद्धता का प्रतीक है। संगठन ने नागरिकों, युवाओं, पेशेवरों और सभी हितधारकों को इस कार्यक्रम में भाग लेने तथा एक सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और विकसित बिहार के दृष्टिकोण में सक्रिय योगदान देने के लिए खुला आमंत्रण दिया है। 

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