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Bihar: मातृभूमि की रक्षा को समर्पित! शिक्षक ने बॉर्डर पर जाने की मांगी इजाजत, कहा- देश के लिए सबकुछ कुर्बान
Sat, 10 May 2025 11:16 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sat, 10 May 2025 11:16 AM IST
सार
Bihar News: बिहार के कैमूर जिले के एक शिक्षक ने देश की सेवा के लिए भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर जाने की इच्छा जताई है। इसके लिए उन्होंने बिहार शिक्षा विभाग के एसीएस एस. सिद्धार्थ को एक चिट्ठी लिखी है।
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शिक्षक वैभव किशोर (बीच में)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के कैमूर जिले के एक शिक्षक ने देश की सेवा के लिए भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर जाने की इच्छा जताई है। इसके लिए उन्होंने बिहार शिक्षा विभाग के एसीएस एस. सिद्धार्थ को एक चिट्ठी लिखी है। बिहार के कैमूर जिले के एक शिक्षक ने देश की सेवा के लिए भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर जाने की इच्छा जताई है। इसके लिए उन्होंने बिहार शिक्षा विभाग के एसीएस एस. सिद्धार्थ को एक चिट्ठी लिखी है।
शिक्षक वैभव किशोर कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड के चफना उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्राध्यापक के पद पर काम कर रहे हैं। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि वे भारत-पाकिस्तान सीमा पर सैन्य अभियान में मदद करना चाहते हैं और इसके लिए उन्हें अनुमति दी जाए।
शिक्षक वैभव किशोर ने कही ये बात
शिक्षक वैभव किशोर ने बताया कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर युद्ध की स्थिति बन रही है। ऐसे समय में वे एक जिम्मेदार नागरिक और प्रशिक्षित शिक्षक होने के नाते देश की सेवा करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि उन्हें सीमा पर जाकर मातृभूमि की रक्षा करने का मौका मिले। उन्होंने बताया कि भारत ने 7 मई को पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया था, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
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शिक्षक वैभव किशोर ने पत्र में लिखा है कि उनके पास एनसीसी का ‘सी’ सर्टिफिकेट है, जिसमें उन्हें 'बीईई' ग्रेड मिला है। इसके अलावा उन्होंने दो साल का रोवर-रेंजर प्रशिक्षण और एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) का प्रशिक्षण भी लिया है। इन सबके आधार पर वे किसी भी राष्ट्रीय आपात स्थिति में मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
'नहीं आया है अभी तक कोई जवाब'
वैभव किशोर ने अपने पत्र में लिखा है कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं और युद्ध की आशंका बढ़ गई है। ऐसे समय में अगर उन्हें देश की रक्षा में योगदान करने का मौका मिले, तो यह उनके जीवन का सबसे गर्व भरा पल होगा।
शिक्षक वैभव किशोर ने बताया कि उन्होंने देश के वीर सैनिकों की बहादुरी से प्रेरित होकर यह फैसला लिया है। उन्होंने बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ को पत्र और ईमेल भेजकर सेना के सैन्य अभियान में सहयोग करने की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह तैयार हैं और देश के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। हालांकि अभी तक विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
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उन्होंने यह भी बताया कि वे एनसीसी के 'सी' सर्टिफिकेट धारक हैं, उन्हें 'बीईई' ग्रेड मिला है। साथ ही वे रोवर-रेंजर और एनएसएस से भी प्रशिक्षित हैं। उनकी यह सभी योग्यताएं उन्हें किसी भी राष्ट्रीय आपात स्थिति में योगदान देने के लिए सक्षम बनाती हैं। पहलगाम में हुए आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच, बिहार के इस शिक्षक ने अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए सेना में सहयोग की इच्छा जताई है।
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शिक्षक वैभव किशोर कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड के चफना उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्राध्यापक के पद पर काम कर रहे हैं। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि वे भारत-पाकिस्तान सीमा पर सैन्य अभियान में मदद करना चाहते हैं और इसके लिए उन्हें अनुमति दी जाए।
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शिक्षक वैभव किशोर ने कही ये बात
शिक्षक वैभव किशोर ने बताया कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर युद्ध की स्थिति बन रही है। ऐसे समय में वे एक जिम्मेदार नागरिक और प्रशिक्षित शिक्षक होने के नाते देश की सेवा करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि उन्हें सीमा पर जाकर मातृभूमि की रक्षा करने का मौका मिले। उन्होंने बताया कि भारत ने 7 मई को पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया था, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
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शिक्षक वैभव किशोर ने पत्र में लिखा है कि उनके पास एनसीसी का ‘सी’ सर्टिफिकेट है, जिसमें उन्हें 'बीईई' ग्रेड मिला है। इसके अलावा उन्होंने दो साल का रोवर-रेंजर प्रशिक्षण और एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) का प्रशिक्षण भी लिया है। इन सबके आधार पर वे किसी भी राष्ट्रीय आपात स्थिति में मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
'नहीं आया है अभी तक कोई जवाब'
वैभव किशोर ने अपने पत्र में लिखा है कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं और युद्ध की आशंका बढ़ गई है। ऐसे समय में अगर उन्हें देश की रक्षा में योगदान करने का मौका मिले, तो यह उनके जीवन का सबसे गर्व भरा पल होगा।
शिक्षक वैभव किशोर ने बताया कि उन्होंने देश के वीर सैनिकों की बहादुरी से प्रेरित होकर यह फैसला लिया है। उन्होंने बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ को पत्र और ईमेल भेजकर सेना के सैन्य अभियान में सहयोग करने की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह तैयार हैं और देश के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। हालांकि अभी तक विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
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उन्होंने यह भी बताया कि वे एनसीसी के 'सी' सर्टिफिकेट धारक हैं, उन्हें 'बीईई' ग्रेड मिला है। साथ ही वे रोवर-रेंजर और एनएसएस से भी प्रशिक्षित हैं। उनकी यह सभी योग्यताएं उन्हें किसी भी राष्ट्रीय आपात स्थिति में योगदान देने के लिए सक्षम बनाती हैं। पहलगाम में हुए आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच, बिहार के इस शिक्षक ने अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए सेना में सहयोग की इच्छा जताई है।