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Bihar MLC Election: बिहार विधानपरिषद के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए सभी सात उम्मीदवार, भाजपा-राजद को इतना फायदा

Mon, 13 Jun 2022 07:39 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 13 Jun 2022 07:39 PM IST
सार

एनडीए के खेमे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू ने भाजपा ''50-50 फॉर्मूले" पर सहमत होने के लिए राजी किया भले ही भगवा पार्टी के पास अपने गठबंधन सहयोगी की तुलना में कई अधिक विधायक हैं। 

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Four NDA candidates three of RJD elected unopposed to Bihar council
बिहार विधानपरिषद चुनाव में निर्विरोध चुने गए सात उम्मीदवार - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बिहार विधानपरिषद के लिए सोमवार को सात उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित किया गया। बिहार विधानसभा सचिवालय के मुताबिक, सभी उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र सौंपे गए जिनमें से चार सत्तारूढ़ एनडीए और शेष विपक्षी राजद द्वारा मैदान में उतार गए थे। 
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प्रत्येक दो साल में होने वाले इस चुनाव में राजद की संख्या तीन बढ़ गई है। पार्टी के मोहम्मद कारी शोएब, मुन्नी रजक और अशोक कुमार पांडे (एक मुस्लिम, एक दलित और एक ब्राह्मण) को मैदान में उतारा था ताकि यह साबित हो सके कि उसे समाज के सभी वर्गों की चिंता है। 
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एनडीए के खेमे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू ने भाजपा ''50-50 फॉर्मूले" पर सहमत होने के लिए राजी किया भले ही भगवा पार्टी के पास अपने गठबंधन सहयोगी की तुलना में कई अधिक विधायक हैं। 
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जदूय ने पार्टी के प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं का मनोबल  बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के दोनों पदाधिकारियों अफाक अहमद और रवींद्र सिंह को मैदान में उतारा था। पार्टी ने अफाक अहमद की उम्मीदवारी से यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा के बढ़ते दबदबे के बावजूद जदयू धर्मनिरपेक्षता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। 


वहीं रवींद्र सिंह कुर्मी हैं, जिस जाति के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी हैं। उनकी उम्मीदवारी से साबित करने की कोशिश की गई कि जदूय में नीतीश कुमार की जाति के लोगों का सम्मान किया जाता रहेगा। 

पार्टी में दूसरा सबसे प्रमुख कुर्मी चेहरा केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह का है जिन्हें हाल ही में राज्यसभा में एक और कार्यकाल से वंचित कर दिया गया था। 

भाजपा ने जहानाबाद जिले के अनिल शर्मा को मैदान में उतारकर भूमिहार समुदाय को शांत करने की कोशिश की है, जो हाल ही में पार्टी के प्रति उदासीन हो गए थे।
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