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Bihar: पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने किया वोट बहिष्कार का एलान, प्रदर्शन में महिला-स्कूली बच्चे भी शामिल
Wed, 22 Oct 2025 05:34 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासाराम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासाराम
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 22 Oct 2025 05:34 PM IST
सार
Bihar News: ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक आने-जाने के लिए काव नदी पर बांस के बने चचरी पुल का सहारा लेना पड़ता है, जिसका निर्माण ग्रामीण अपने सहयोग से करते हैं। इसके निर्माण में प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली।
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ग्रामीणों में आक्रोश
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सासाराम जिले के काराकाट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिकरियांं गांव में बुधवार को ग्रामीणों ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में वोट बहिष्कार का ऐलान किया है। ग्रामीण बिक्रमगंज नगर परिषद के वार्ड 26 से होकर गुजरने वाली काव नदी पर विगत कई दशकों से पुल नहीं बनने से नाराज हैं। इस दौरान ग्रामीणों में 'पुल नहीं तो वोट नहीं' के बैनर पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया और विरोध प्रदर्शन में महिला, पुरुष सहित काफी संख्या में स्कूली बच्चे शामिल हुए।
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सिकरियां गांव दशकों से पुल एवं सड़क से वंचित
बता दें कि बिक्रमगंज नगर परिषद अंतर्गत सिकरियां गांव दशकों से पुल एवं सड़क से उपेक्षित रहा है। गांव तक जाने के लिए ग्रामीणों को बांस के बने पुल का सहारा लेना पड़ता है और कच्ची सड़क से होकर गुजरते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि आजादी से अब तक काव नदी पर पुल एवं गांव के लिए सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। चुनाव के वक्त जनप्रतिनिधि तरह-तरह के वादे करके चले जाते हैं, लेकिन चुनाव बीतने के बाद क्षेत्र का रुख कभी नहीं करते तथा जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है।
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चचरी पुल ग्रामीणों का सहारा
ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक आने-जाने के लिए काव नदी पर बांस के बने चचरी पुल का सहारा लेना पड़ता है, जिसका निर्माण ग्रामीण अपने सहयोग से करते हैं। इसके निर्माण में प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिलती और हर वर्ष चचरी पुल के निर्माण में हजारों रुपए खर्च होते हैं। बच्चों एवं बुजुर्गों को इस पुल से गुजरते वक्त नदी में गिरने का भय रहता है और बरसात में काव नदी में बाढ़ आने पर परेशानी बढ़ जाती है।
ग्रामीणों को समझाने का प्रयास
वहीं वोट बहिष्कार की सूचना पर आनन-फानन में स्थानीय प्रशासन का एक दल ग्रामीणों को समझाने पहुंचा, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासन को मामले से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक समस्या का हल नहीं निकला। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जब तक जिले के आला अधिकारी पुल एवं सड़क निर्माण का आश्वासन नहीं देते, तब तक मतदान का बहिष्कार किया जाएगा।