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कोविड-19 का खतरा : बिहार में कोरोना की दूसरी लहर को लेकर सरकार सचेत
Sun, 21 Mar 2021 03:11 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, पटना।
अमर उजाला ब्यूरो, पटना।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 21 Mar 2021 03:11 AM IST
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कोरोना वायरस की जांच करता कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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बिहार में कोरोना वायरस के बढ़ने मद्देनजर होली में आने वाले लोगों की सख्ती से जांच होगी। इसके लिए एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन सहित बस अड्डे पर कोरोना की जांच होगी।
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इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को सभी जिलों के डीएम और सिविल सर्जन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
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बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों की यात्रा की जानकारी रखें, उनके संपर्क में आने वाले लोगों को भी सचेत करें। उन्होंने कहा कि कोरोना टीकाकरण की रफ्तार को और बढ़ाएं। सभी हेल्थ वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर और पुलिसकर्मियों का टीकाकरण तेजी से कराएं। अभी स्कूल खुले रहेंगे और बच्चों की पढ़ाई जारी रहेगी। स्कूलों में सभी जरूरी सुविधाओं का ख्याल रखा जाय।
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बैठक में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि 19 मार्च तक कुल 23,058,747 जांच किए गए हैं। बिहार में प्रति 10 लाख की आबादी पर 1,80,570 जांच किए जा रहे हैं। कुल पॉजिटिव केस 2,63,355 हैं जबकि कुल सक्रिय केसों की संख्या 436 है।
राष्ट्रीय स्तर पर औसत रिकवरी रेट 96.26 प्रतिशत है, जबकि राज्य का औसत रिकवरी रेट 99.24 प्रतिशत है। राष्ट्रीय स्तर पर औसत मृत्यु दर 1.38 प्रतिशत है जबकि राज्य का औसत मृत्यु दर 0.59 प्रतिशत है।