Bihar: कैमूर में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से गर्भवती महिला की मौत, परिजनों का हंगामा; सड़क जाम
Bihar: मृतका के पति चंदन सिंह ने बताया कि मंगलवार रात श्वेता की तबीयत बिगड़ने पर उसे मां मुंडेश्वरी हॉस्पिटल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा उल्टा है और तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा। जब परिजनों ने झिझक जताई तो डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दिया।
विस्तार
कैमूर जिले में फर्जी नर्सिंग होम और झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही के कारण एक बार फिर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। बुधवार को मोहनिया नगर के दुर्गावती सर्विस रोड स्थित मां मुंडेश्वरी हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई। हालांकि नवजात शिशु सुरक्षित बताया जा रहा है।
मृतका की पहचान मोहनिया थाना क्षेत्र के कौड़ीराम गांव निवासी श्वेता सिंह, पत्नी चंदन सिंह के रूप में हुई है। महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने दुर्गावती सर्विस रोड को जाम कर दिया। घटना के बाद अस्पताल के कथित चिकित्सक और स्टाफ मौके से फरार हो गए।
पति का आरोप
मृतका के पति चंदन सिंह ने बताया कि मंगलवार रात श्वेता की तबीयत बिगड़ने पर उसे मां मुंडेश्वरी हॉस्पिटल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा उल्टा है और तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा। जब परिजनों ने झिझक जताई तो डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दिया। बच्चे को तो निकाल लिया गया लेकिन महिला की हालत बिगड़ गई। रात में महिला का पल्स लगातार गिर रहा था। डॉक्टरों को बार-बार बताने के बावजूद उन्होंने कहा कि सब ठीक है। सुबह करीब तीन बजे जब परिजन थोड़ी देर के लिए बाहर गए और लौटे तो देखा कि अस्पताल का पूरा स्टाफ फरार है और श्वेता की मौत हो चुकी थी।
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कार्रवाई की मांग
परिजनों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से ऐसे फर्जी नर्सिंग होम और झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अस्पताल को सील कर दिया। इस दौरान मोहनिया अंचलाधिकारी पुष्पलता कुमारी मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद रहीं। घटना की जानकारी मिलते ही मोहनिया विधायक संगीता कुमारी भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित फर्जी अस्पतालों की सूची मंगाई गई है और जल्द ही सभी की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन का बयान
कैमूर सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि यह मामला पूरी तरह से झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही का है। अस्पताल को सील कर दिया गया है और जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में सरकारी अस्पताल की सेवाएं लें। जिले में पर्याप्त एंबुलेंस (102 सेवा) उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर लोग अपनी जान बचा सकते हैं।