पटना की रफ्तार पर ब्रेक! दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर की डेडलाइन खिसकी, अब अगस्त 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य
पटना-पश्चिमी बिहार कनेक्टिविटी की अहम दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना अब सितंबर 2026 की तय समय-सीमा में पूरी नहीं हो सकेगी। 63.5 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है और अब परियोजना की संभावित पूर्णता तिथि 31 अगस्त 2027 बताई जा रही है।
विस्तार
पटना से पश्चिमी बिहार की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली महत्वाकांक्षी दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो सकेगी। करीब 25 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का निर्माण कार्य 11 मार्च 2024 को शुरू हुआ था और मूल रूप से इसे सितंबर 2026 तक पूरा किया जाना था। अब उपलब्ध परियोजना अपडेट के अनुसार, इसके पूरा होने की संभावित तिथि 31 अगस्त 2027 बताई जा रही है। वहीं, जनवरी 2026 में एनएचएआई की ओर से जून 2027 तक काम पूरा करने का प्रयास किए जाने की जानकारी दी गई थी।
1969 करोड़ रुपये का है निर्माण ठेका
परियोजना की लंबाई 25.081 किलोमीटर है। इसके निर्माण का ठेका करीब 1,969 करोड़ रुपये में सिगॉल इंडिया लिमिटेड-वाईएफसी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम को दिया गया है। परियोजना में दानापुर से बिहटा तक एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ रैंप और बिहटा-कोइलवर खंड में सड़क को फोरलेन करने का काम भी शामिल है।
63 फीसदी से अधिक काम पूरा
हालिया परियोजना निगरानी आंकड़ों के अनुसार, निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति करीब 63.5 प्रतिशत हो चुकी है, जबकि वित्तीय प्रगति करीब 60.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। यानी परियोजना का आधे से अधिक निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन शेष हिस्से में कई जगहों पर काम को गति देने की चुनौती बनी हुई है।
जमीन अधिग्रहण बनी सबसे बड़ी चुनौती
एलिवेटेड रोड के निर्माण में देरी की प्रमुख वजहों में भूमि अधिग्रहण और रैयती जमीन पर मौजूद संरचनाएं शामिल हैं। बिहटा क्षेत्र के महादेव फुलाड़ी और पतसा मौजा के आसपास जमीन से जुड़े मामलों के कारण कुछ हिस्सों में निर्माण प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई है। रैयती जमीन पर बने स्ट्रक्चर नहीं हटाए जाने से भी काम की गति प्रभावित हुई है।
दानापुर रेलवे स्टेशन के आसपास भी रेलवे की जमीन और पुरानी संरचनाओं से जुड़ी बाधाएं परियोजना के लिए महत्वपूर्ण चुनौती रही हैं। पहले रेलवे की जमीन का एक हिस्सा एनएचएआई को उपलब्ध कराया गया था, जबकि शेष हिस्से में मौजूद पुरानी संरचनाओं को हटाने की प्रक्रिया चल रही थी।
नया लक्ष्य जून-अगस्त 2027 के बीच
जनवरी 2026 में एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने बताया था कि करीब 45 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शेष कार्य को जून 2027 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, अगस्त 2026 तक उपलब्ध परियोजना निगरानी अपडेट में संभावित पूर्णता तिथि 31 अगस्त 2027 दर्ज है।
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पटना के जाम से मिलेगी राहत
दानापुर-बिहटा मार्ग वर्तमान में पटना और पश्चिमी बिहार के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। एलिवेटेड कॉरिडोर के चालू होने के बाद मुख्य सड़क पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। परियोजना से बिहटा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी और पटना से पश्चिमी बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को अपेक्षाकृत तेज और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा।
अब निगाह नए लक्ष्य पर
परियोजना की मूल समय-सीमा सितंबर 2026 थी, लेकिन निर्माण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब 2027 में पूरा होने का लक्ष्य सामने है। ऐसे में प्रशासन और एनएचएआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती लंबित भूमि संबंधी मामलों को शीघ्र सुलझाने और निर्माण एजेंसी को उपलब्ध कार्यस्थलों पर तेजी से काम कराने की है। आने वाले महीनों में निर्माण की रफ्तार ही तय करेगी कि करीब दो हजार करोड़ रुपये की यह महत्वपूर्ण परियोजना 2027 में वास्तव में जनता के लिए कब तक खुल पाती है।