फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Bihar New Initiative for Women Athletes Focus on Sports and Menstrual Health Know key details in Hindi

Bihar: प्रदेश में महिला खिलाड़ियों के लिए नई शुरुआत, अब माहवारी जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा; इनकी है साझेदारी

Thu, 01 May 2025 05:08 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 01 May 2025 05:08 PM IST
सार

Bihar: बिहार स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट की यह पहल सिर्फ राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल बन सकती है। जब लड़कियों को अपने शरीर और सेहत की सही जानकारी मिलेगी, तो वे खेल में और बेहतर प्रदर्शन करेंगी।

विज्ञापन
Bihar New Initiative for Women Athletes Focus on Sports and Menstrual Health Know key details in Hindi
महिला खिलाड़ी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के खेल जगत में इन दिनों एक अनोखी क्रांति देखने को मिल रही है। जहां पहले खेल के मैदान में सिर्फ जीत-हार की चर्चा होती थी, वहीं अब महिला खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और खासकर माहवारी जैसे विषयों पर खुलकर बात हो रही है। इसकी वजह है सिंपली स्पोर्ट फाउंडेशन और बिहार स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट की साझेदारी, जिसने जमीनी स्तर पर महिला खिलाड़ियों की जिंदगी बदलने का बीड़ा उठाया है।

विज्ञापन


माहवारी पर खुली बातचीत, टूटी चुप्पी
2023 में शुरू हुई इस पहल के तहत पटना, सिवान और दरभंगा जैसे जिलों में वर्कशॉप्स आयोजित की गईं। इन वर्कशॉप्स में 15 साल की उम्र से लेकर अलग-अलग खेलों की लड़कियों ने हिस्सा लिया। हैरान करने वाली बात यह थी कि ज्यादातर लड़कियां सैनिटरी पैड्स तो इस्तेमाल करती थीं, लेकिन खून की कमी (हीमोग्लोबिन) या पीसीओएस जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। दर्द और थकान आम थी, लेकिन सही सलाह या इलाज तक पहुंच बहुत कम थी।

विज्ञापन
Trending Videos

Bihar New Initiative for Women Athletes Focus on Sports and Menstrual Health Know key details in Hindi
खिलाड़ी - फोटो : अमर उजाला

कोच और अभिभावकों की भूमिका
2024 में जब कोच और खिलाड़ियों के लिए खास ट्रेनिंग रखी गई, तो माहवारी को लेकर बातचीत में बदलाव दिखा। पहले जहां 'पर्सनल प्रॉब्लम' जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता था, वहीं अब खिलाड़ी खुलकर अपनी बात रखने लगीं। कोचों को भी बताया गया कि माहवारी के दौरान खिलाड़ियों की ट्रेनिंग कैसे बदली जा सकती है। पोषण संबंधी सर्वे में पता चला कि ज्यादातर लड़कियां दिन में तीन बार खाना तो खाती हैं, लेकिन प्रोटीन और जरूरी विटामिन की कमी है, जो उनके खेल और स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित करती है।

पढ़ें: अज्ञात वाहन ने बाइक सवार किसान को रौंदा, मौके पर ही मौत...दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों में मचा कोहराम

तकनीक से सेहत तक
इस साल एक नया कदम उठाया गया-‘सिंपली बेरी’ नाम का व्हाट्सएप आधारित पीरियड ट्रैकर। अब खिलाड़ी अपनी माहवारी और उससे जुड़े लक्षणों को आसानी से ट्रैक कर सकती हैं। इससे न सिर्फ उनकी जागरूकता बढ़ी है, बल्कि कोचिंग और ट्रेनिंग भी ज्यादा वैज्ञानिक तरीके से हो रही है।

विज्ञापन

Bihar New Initiative for Women Athletes Focus on Sports and Menstrual Health Know key details in Hindi
महिला खिलाड़ी - फोटो : अमर उजाला

खेलो इंडिया में नया इतिहास
खेलो इंडिया यूथ गेम्स में पहली बार ‘सिंपली पीरियड्स’ कियोस्क लगाया जा रहा है। यहां खिलाड़ी अलग-अलग पीरियड प्रोडक्ट्स को खुद इस्तेमाल कर समझ सकती हैं, माहवारी और खेल पर खुलकर चर्चा कर सकती हैं, और मुफ्त पीरियड केयर किट्स भी पा सकती हैं। कोच और माता-पिता के लिए भी छोटे-छोटे सेमिनार होंगे, ताकि वे भी इस विषय को बेहतर समझ सकें।

बिहार का उदाहरण, देश के लिए प्रेरणा
बिहार स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट की यह पहल सिर्फ राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल बन सकती है। जब लड़कियों को अपने शरीर और सेहत की सही जानकारी मिलेगी, तो वे खेल में और बेहतर प्रदर्शन करेंगी। साथ ही, कोच और अभिभावक भी उन्हें बेहतर सपोर्ट कर पाएंगे।

विज्ञापन

Bihar New Initiative for Women Athletes Focus on Sports and Menstrual Health Know key details in Hindi
महिला खिलाड़ी - फोटो : अमर उजाला

आगे की राह
यह साझेदारी सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। अब बिहार की बेटियां न सिर्फ मैदान में, बल्कि अपने स्वास्थ्य के मामले में भी आत्मनिर्भर बन रही हैं। खेलो इंडिया 2025 में बिहार सिर्फ पदक जीतने नहीं, बल्कि बदलाव की मिसाल पेश करने जा रहा है। माहवारी पर खुली बातचीत, आत्मविश्वास से भरी मुस्कानें और हर लड़की के लिए बराबरी का मौका-यही है असली जीत। बिहार की यह पहल दिखाती है कि जब सेहत और खेल एक साथ चलते हैं, तो असली बदलाव आता है। उम्मीद है, यह कहानी देशभर में नई सोच और नई शुरुआत की प्रेरणा बनेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed