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Bihar News: पटना में जलजमाव रोकने के लिए हुई बैठक, बड़े नालों की सफाई का ड्रोन से सर्वे समेत दिए गए ये निर्देश

Thu, 24 Apr 2025 06:49 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 24 Apr 2025 06:49 PM IST
सार

Waterlogging in Patna: आयुक्त की अध्यक्षता में पटना में जलजमाव की स्थिति रोकने के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों और एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही कई निर्देश दिए गए।

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Bihar meeting held prevent waterlogging Patna instructions drone survey for cleaning of large drains
आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पटना प्रमंडल आयुक्त मयंक वरवड़े ने कहा है कि जल निकासी की सुगम एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग एवं तत्पर रहें। वे आज आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में पटना शहर एवं उसके नजदीक के क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति रोकने के लिए आयोजित बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

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उन्होंने कहा कि भारतीय मौसम विभाग की पूर्व सूचना के आधार पर रणनीति बनाकर सक्रिय रहें। आगामी मानसून को ध्यान में रखकर सभी विभागों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों को योजनाबद्ध ढंग से काम करना पड़ेगा। अतिवृष्टि की स्थिति में सामान्य जन जीवन प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करना सभी पदाधिकारियों का दायित्व है। आयुक्त ने इसके लिए संबंधित विभागों के बीच सुदृढ़ समन्वय एवं सार्थक संवाद की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि पटना नगर निगम, बुडको, पथ निर्माण विभाग, मेट्रो, पेसू, पुल निर्माण निगम, जल संसाधन विभाग एवं अन्य विभागों तथा एजेंसियों को सुगम जल-प्रवाह हेतु जो भी जिम्मेदारियां दी गई हैं, उसे वे शीघ्र पूरा करें। अगली बैठक में इसके अनुपालन की समीक्षा की जाएगी। शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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आयुक्त ने कहा कि जलजमाव के मुख्य कारणों में से एक कम समय में अधिक वर्षा होना है। इसे रोकने के लिए सभी ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन (डीपीएस) पर पम्प कार्यरत रहना चाहिए। डीपीएस में कोई भी यांत्रिक या विद्युत त्रुटि नहीं रहनी चाहिए। बिजली आपूर्ति में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। पम्प का ससमय संचालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। डीपीएस की जल निकासी क्षमता आवश्यकता के अनुरूप होनी चाहिए। नाला जाम न हो एवं नालों का ओवरफ्लो न हो, इसके साथ-साथ नालों को अतिक्रमणमुक्त रखना तथा क्षतिग्रस्त नालों की मरम्मति भी आवश्यक है। आयुक्त ने जिलाधिकारी, प्रबंध निदेशक बुडको तथा नगर आयुक्त को इन सभी मानको का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निदेश दिया।  

आयुक्त ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार जलजमाव को रोकने के लिए कार्य करें। सड़क निर्माण के दौरान मैनहॉल को ऊंचा करना तथा सभी मैनहॉल की नियमित रूप से सफाई करना, डीपीएस पर अधिष्ठापित पम्प, मोटर, ट्रान्सफॉर्मर, पैनल आदि का प्लेटफॉर्म ऊंचा करना, वर्तमान में संचालित डीपीएस पर अधिष्ठापित पम्प, मोटर, ट्रान्सफॉर्मर, पैनल आदि का क्षमतावर्द्धन करना आदि पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। आयुक्त ने कहा कि मोबाइल मरम्मति दल डीपीएस पर अधिष्ठापित पम्प, मोटर, ट्रान्सफॉर्मर, पैनल आदि की तत्काल मरम्मति हेतु सदैव उपलब्ध रहे, यह सुनिश्चित करें। निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति हेतु डेडिकेटेड सोर्स का प्रबंध सुनिश्चित करें। सभी डीपीएस पर सभी प्रकार का आवश्यक स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध रहे। अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति कर मामले का नियमित पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें।

आयुक्त ने कहा कि त्वरित एवं सुगम जल निकासी में अवरोध उत्पन्न करना आपराधिक लापरवाही मानी जाएगी एवं ऐसे तत्वों के विरुद्ध विधि-सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसी वर्तमान में सड़कों पर किए जा रहे कार्यों को 31 मई तक पूर्ण कर लें। एसओपी के अनुसार, 31 मई के बाद सड़कों पर कोई भी एजेंसी नमामि गंगे, बुडको, गेल, विद्युत, पथ निर्माण एवं अन्य नई खुदाई नहीं करेगा एवं पुरानी खुदाई कार्य को पूर्ण कर सड़कों को मोटरेबुल रखेगा। उन्होंने कहा कि इसका अनुपालन सभी अनुमंडल पदाधिकारी सुनिश्चित कराएंगे।

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आयुक्त ने जलजमाव को रोकने हेतु सभी प्रकार की आवश्यक तैयारियों को ससमय पूर्ण कर लेने का निदेश दिया। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों को नियमित तौर पर स्थल भ्रमण कर तैयारियों का निरीक्षण करने का निदेश दिया। उन्होंने जलजमाव के दृष्टिकोण से संवेदनशील स्थानों पर विशेष ध्यान देने को कहा। आयुक्त ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी नगर निकायों के साथ नियमित समन्वय स्थापित रखें। स्थिति के अनुसार तुरत रिस्पॉन्ड करें। आम जनता को कोई समस्या न हो यह सुनिश्चित करें। 

आज की इस बैठक में आयुक्त ने जलजमाव रोकने हेतु दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन कार्याे में प्रगति की समीक्षा की तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कार्य प्रमंडल, बुडको द्वारा संचालित ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों का अद्यतन प्रतिवेदन तथा मानसून की पूर्व तैयारी, पटना नगर निगम स्थित सभी संप हाउसों के संचालन की स्थिति, मानसून पूर्व नालों, कैचपिट, मैनहोल तथा भू-गर्भ नालों की उड़ाही तथा साफ-सफाई, नालों पर अतिक्रमण की स्थिति, लिंक पथों की नालों की सफाई, ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत समीक्षा की। आयुक्त ने पटना के मुख्य नाले यथा-बादशाही नाला, आशियाना-दीघा नाला, नंदलाल छपरा नाला, बाकरगंज नाला, सैदपुर नाला, मंदिरी नाला, ब्रहोत्तर नाला सहित अन्य नालों पर अतिक्रमण एवं नाला उड़ाही की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया।

आयुक्त ने शहर के नौ बड़े नालों सहित सभी छोटे-बड़े नालों का टीम बनाकर जांच कराने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि मुख्य नालों एवं स्थलों का संयुक्त निरीक्षण किया जाए। नालों के निरीक्षण के साथ-साथ सम्पूर्ण नेटवर्क यथा ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन, सड़क, पुल सहित पूरे कैचमेंट एरिया की जांच कराएं, ताकि सुगम जल प्रवाह में कोई व्यवधान न हो। सारे नालों की उड़ाही ससमय हो यह सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने आयुक्त के संज्ञान में लाया कि पूर्व के वर्षों की भांति शहर के सभी प्रमुख नालों की जांच विशेष टीम से करायी जाएगी।

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आयुक्त ने बड़े नालों की सफाई का ड्रोन से सर्वे कराने का निर्देश 
नगर आयुक्त, पटना नगर निगम अनिमेष कुमार पराशर द्वारा आयुक्त के संज्ञान में लाया गया कि पटना शहर की भौगोलिक स्थिति तथा विशेष रूप से मानसून के दौरान अतिवृष्टि को ध्यान में रखते हुए निगम क्षेत्र के समस्त जल निकासी तंत्र की सफाई तथा इन्हें जल-प्रवाही बनाए रखने के लिए तीन चरणों में कार्य संपादित किया जा रहा है। प्रथम चरण मानसून पूर्व उड़ाही का कार्य फरवरी से मई के बीच, मानसून अवधि में जून के दूसरे सप्ताह से सितम्बर के दौरान तथा मानसून उपरांत नवम्बर तथा दिसम्बर माह में पूर्ण नाले की सफाई की जाती है। नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम के सभी अंचलों द्वारा नालों के संबंध में नवीनतम सर्वे करते हुए कार्य योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। 15 फरवरी से सभी अंचलों में बड़े-छोटे नालों की सफाई सहित सभी मेनहॉल तथा कैचपिट की उड़ाही का कार्य प्रारंभ किया गया है। इसे एसओपी के अनुसार 30 अप्रैल तक पूर्ण कर लिया जाएगा।

मुख्यालय स्तर पर स्थापित 24x7 नियंत्रण कक्ष (155304) से आम नागरिकों से प्राप्त होने वाले शिकायतों का ससमय निवारण किया जाता है। पटना नगर निगम द्वारा शहर के डीपीएस की रियल टाईम मॉनिटरिंग की जा रही है। वाटर लेवल, पानी का फ्लो सहित अन्य प्रकार की मॉनिटरिंग की जा रही है। मॉनसून के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी। मॉनिटरिंग के लिए पटना स्मार्ट सिटी की आईसीसीसी (इंटिग्रेटेड कंट्रोल एण्ड कमांड सेन्टर) से यह कनेक्ट रहेगा। सभी स्थायी/अस्थायी सम्प हाउस, बड़े नालों को वार्डवार मैट्रिक्स अनुरूप छोटे-छोटे अंशों में विभक्त कर अभियंताओं/कर्मियों को उत्तरदायी बनाते हुए वाकी-टॉकी से सम्बद्ध कर प्रतिनियुक्त किया गया है।

नगर निगम के 75 वार्डों को 19 जोन में बांटकर मॉनसून के दौरान जल-जमाव की समस्या को रोकने, आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई एवं गहन पर्यवेक्षण हेतु अंचल स्तर पर क्यूआरटी की प्रतिनियुक्ति की गई है। हर एक वार्ड का एक नोडल ऑफिसर बनाया गया है। उच्च क्षमता वाले डिवाटरिंग पम्प तथा विविध क्षमता वाले पम्प के अधिष्ठापन हेतु स्थल को चिन्हित कर लिया गया है। प्रमंडलीय आयुक्त ने जल निकासी से संबंधित समस्या को रोकने के लिए अंतर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि विद्युत, पथ, मेट्रो, पुल निर्माण, एनएचएआई, बुडको, नगर निगम, जल संसाधन विभाग तथा जिला प्रशासन के बीच में बेहतर समन्वय से जल निकासी की समस्या को रोका जा सकता है। 

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आयुक्त ने कार्य प्रमंडल, बुडको द्वारा संचालित ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। प्रबंध निदेशक, बुडको द्वारा बताया गया कि बुडको द्वारा कुल 56 स्थायी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन संचालित है। 35 अस्थायी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन का संचालन मॉनसून अवधि में पटना शहर के विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है। डीपीएस के कुल पंपों की संख्या 339 है जिसमें 256 स्थायी डीपीएस तथा 83 अस्थायी डीपीएस के पम्पों की संख्या है। विद्युत चालित पम्प 265 तथा डीजल चालित पम्प 74 है। ट्रॉली माउंटेड पम्प सेट की संख्या 108 है जिसका आवश्यकतानुसार संचालन किया जाता है।


विभिन्न डीपीएस पर अलग-अलग क्षमता का 39 डीजी सेट अधिष्ठापन किया गया है। विभिन्न पम्पिंग प्लांट पर ई-सर्विलांस(सीसीटीवी कैमरा) के अधीन तीन पालियों में पर्याप्त संख्या में पम्प ऑपरेटर तथा सफाई कर्मी 24x7 कार्यरत हैं। बुडको हेडक्वार्टर पर कंट्रोल रूम से 24x7 अनुश्रवण किया जा रहा है। सभी 56 डीपीएस पर सीसीटीवी कैमरा का अधिष्ठापन किया गया है एवं बुडको हेडक्वार्टर स्थित कंट्रोल रूम से इसकी सतत निरानी की जाती है। सभी डीपीएस पर मॉनसून अवधि के लिए सहायक अभियंताओं एवं कनीय अभियंताओें को तैनात किया गया है। मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं एवं कार्यपालक अभियंताओं को मॉनसून अवधि के लिए अनुश्रवण हेतु जोनल, सब जोनल तथा सुपर जोनल स्तर पर प्रतिनियुक्त किया गया है। सभी डीपीएस पर तीनों पाली में 24x7 संवेदक एवं बुडको के पम्प ऑपरेटर तथा सफाई कर्मी कार्यरत हैं।

वर्ष 2025 की तैयारी हेतु वर्तमान में पम्पों का मरम्मति एवं संपोषण कार्य प्रगति पर है। बुडको के पम्प संचालकों, सफाई कर्मियों, इलेक्ट्रिशियन, फिटर तथा संवेदनकों के लिए बायोेमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य है। जल निकासी के दीर्घकालीन उपायों के तहत पटना शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार नये डीपीएस का निर्माण भी कराया जाएगा। सभी बड़े नालों का पक्कीकरण कार्य जारी है। प्रबंध निदेशक द्वारा यह बताया गया कि सभी सम्प हाउसों की तेजी से सफाई की जाएगी। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि डीपीएस से सभी आउटफॉल ड्रेन के समानान्तर सर्विस ड्रेन भी होना चाहिए ताकि नजदीक के कॉलोनी से पानी का डिस्चार्ज किया जा सके। ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन के मशीनों की मरम्मति, संपोषण एवं संधारण कार्य में कोई कोताही नहीं बरती जाए।

मॉनसून की तैयारी हेतु विभिन्न डीपीएस पर पम्प, ट्रान्सफार्मर, पैनल आदि का सभी कार्य ससमय पूर्ण कर लिया जाए। आयुक्त ने कहा कि सभी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन का समुचित संचालन हो यह सुनिश्चित करें। सभी स्टेशन पर  24x7 संचालक उपस्थित रहे। कोई संवादहीनता की स्थिति नहीं होनी चाहिए। सभी स्थायी/अस्थायी सम्प हाउस को मॉनसून के दौरान 24x7 निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु संबंधित डेडिकेटेड फीडर एवं वैकल्पिक फीडर का रख-रखाव सुनिश्चित करने का निदेश आयुक्त ने दिया।  

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आयुक्त ने कहा कि गंगा नदी एवं गंगा की सहायक पुनपुन नदी में जल-स्तर बढ़ने पर पटना शहर में नदी का पानी घुसने से रोकने हेतु स्लुईस गेट को लिकेज रहित बंद करना अति आवश्यक होता है। पुनपुन नदी के किनारे स्थित बरमुत्ता एवं खानपुर स्लुईस गेट तथा गंगा नदी के किनारे स्थित दीघा लॉक की मरम्मति एवं संपोषण जल संसाधन विभाग द्वारा किया जाता है। संबंधित अभियंता (यांत्रिक) की जबावदेही है कि नदी का जल स्तर बढ़ने पर संबंधित विभाग से सम्पर्क स्थापित कर लिकेज रहित स्लुईस गेट बंद कराना सुनिश्चित करेंगे।

आयुक्त ने कहा कि अतिवृष्टि की स्थिति में नागरिकों को कोई समस्या न हो इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग एवं तत्पर है। आम जनता को किसी भी स्थिति में कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। इस बैठक में आयुक्त के साथ जिला पदाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, नगर आयुक्त, पटना नगर निगम-सह-प्रबंध निदेशक, बुडको अनिमेष कुमार पराशर, अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर/सिटी/दानापुर, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता सहित अन्य भी उपस्थित थे।  

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