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बिहार : शराब जहरीली थी या जहर देकर चार की जान ली गई? पटना में चार युवकों की मौत पर आंखें खोलने वाला सच पढ़ें
Tue, 01 Sep 2026 11:07 AM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 11:07 AM IST
सार
Bihar Police : पटना में एक साथ चार युवकों की मौत की जांच पुलिस के लिए एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई वाली स्थिति में है। शराब जहरीली थी तो आई कहां से? अगर, नहीं तो जहर देकर चार को किसने मारा? जांच के सारे पहलुओं को छू रही रिपोर्ट पढ़ें।
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पांचवें युवक का ग्लास भरा ही रह गया। पीने वाले चार युवकों की घंटेभर में हो गई थी मौत।
- फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
पटना में चार युवकों की मौत के मामले ने पुलिस को भी उलझा दिया है। खासकर अब तक मेडिकल जांच ने तो जरूर। यही कारण है कि पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। शराब बेचने या पीने वाले 42 को छोड़ यह तीन युवक गिरफ्तार हुए हैं। कई संदिग्ध से पूछताछ चल रही है। वजह यह कि चारों युवकों की मौत में 'जहरीली शराब' नहीं, बल्कि 'जहर' वाले लक्षण दिखे।
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जहरीली शराब के लक्षण नहीं देख जांच आगे बढ़ी
पटना जिला के बाढ़ थाना अंतर्गत बेढ़ना गांव के सैदपुर टोला में रविवार को एक कमरे में पार्टी करते चार युवकों की मौत हो गई थी। चूंकि शराब पार्टी चल रही थी तो पहली नजर में इसे जहरीली शराब का मामला माना गया। लेकिन, जिंदगी और मौत के कम फासले और लक्षणों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। सबसे पहली बात कि जहरीली शराब में इतनी जल्दी मौत नहीं होती है। पेट फूलना, आंखों की रोशनी जाना जैसे कई लक्षण दिखते हैं। इन चारों में से किसी एक में ऐसा लक्षण नहीं देख पुलिस-प्रशासन की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है।
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FSL बताएगा शराब, पानी या खाने में था जहर
पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अजय कुमार ने जहर से मौत की बात स्वीकार की, लेकिन इसके 'प्रकार' को लेकर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री की रिपोर्ट का इंतजार करने भी कहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की बात है, लेकिन शरीर में मिले जहरीले तत्वों और मौके पर मौजूद खाना, पानी, शराब आदि से भी FSL की टीम मिलान कर रही है कि किसमें जहर था। शवों का बिसरा भी एफएसएल भेजा जा चुका है। मौके से बरामद शराब सहित बोतल, खाली टेट्रा पैक, ग्लास और बनी मछली-रोटी को जहर की जांच के लिए भेजा गया है।
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जहरीली शराब पर आरोप, मगर साजिश की बू
चारों की मौत का आरोप जहरीली शराब पर था, लेकिन रिपोर्ट कह रही कि शराब की गड़बड़ी नहीं बल्कि किसी जहर के कारण यह मौतें हुई हैं। यानी, साजिश की बू साफ-साफ पता चल रही है। पुलिस को ग्रामीणों ने भी ऐसे ही संकेत दिए हैं। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को लगभग 11 बजे भतीजे निशु और चाचा शशि ने गांव के बाहर बगीचे में दो टेट्रा पैक शराब लेकर पी थी। इसके बाद वह घर के पास पहुंचे तो गोतिया पंकज सिंह के साथ मिलकर मछली पार्टी करने की बात हुई। यह तीनों भूमिहार जाति और एक ही वंश के थे। मछली बनाने के लिए बिकास राम को फोन कर बुलाया गया, जो कहार जाति का था। मतलब, इन तीनों से अनुवांशिक रूप से जुड़ा नहीं था। दोस्ती थी। मछली पार्टी में चारों थे, लेकिन एक पांचवां युवक लाली भी शामिल हो गया था। लाली उन तीनों की जाति का तो है, लेकिन करीब का रिश्ता नहीं है। यही उस घटनाक्रम में बचा। उसने पुलिस को बताया कि वह सिगरेट पीने के लिए बाहर निकला था और अंदर घुसा तो चारों बेहोश थे। मुंह से झाग निकल रहा था।
टेट्रा पैक और बोतल वाली शराब की कहानी भी समझें
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया है कि मृतकों के घर से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित पोथमा पर से टेट्रा पैक शराब लाई गई थी। बोतल वाली शराब गांव से खरीदी गई थी। मृतक के एक पड़ोसी के अनुसार पहला पैग लेने के करीब 10 मिनट के अंदर दो की मौत हो गई और बाकी दो की एक घंटे के अंदर अस्पताल पहुंचने के पहले। जिस झोपड़ीनुमा कमरे में शराब पी गई थी, वहां पांचवां ग्लास वैसे ही रखा मिला। पुलिस ने जिन तीन को गिरफ्तार किया है, उसमें पांचवें ग्लास का दावेदार युवक लाली भी है। सबसे करीबी चश्मदीद और चार की मौत के बावजूद इसके साफ बच निकलने के कारण शक की सुई सबसे पहले इसी पर घूम रही है। पुलिस यह देख रही है कि क्या इस पार्टी में वह इसके लिए ही जुड़ा था या किसी और की साजिश में मौतों से यह किस्मत के कारण बच गया? इसमें यह तर्क दिया जा रहा है कि लाली इनके टोले का ही है और पहले भी उन युवकों के साथ शराब पीता रहा है।
(इनपुट- गोविंद कुमार, बाढ़)