Bihar: विशेष सर्वेक्षण कर्मियों को 3 सितंबर तक योगदान का अंतिम मौका, 4000 से अधिक लौटे काम पर; जानें
Bihar: विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 3 सितंबर तक योगदान का अवसर केवल उन्हीं कर्मियों को मिलेगा जिनकी सेवा समाप्ति का आदेश अब तक जारी नहीं हुआ है। वहीं, हड़ताल के दौरान अनुशासनहीनता में शामिल पाए गए कर्मियों के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई अलग से चल रही है।
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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मियों के लिए हड़ताल से लौटने की समय-सीमा बढ़ाते हुए 3 सितंबर की शाम 5 बजे तक का अंतिम अवसर दिया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि इसके बाद किसी भी परिस्थिति में योगदान की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी और न ही उस तिथि के बाद लौटने वाले कर्मियों को कार्य पर रखने पर विचार होगा।
निदेशालय की ओर से बताया गया कि 16 अगस्त से तथाकथित संघ के आह्वान पर विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन और विशेष सर्वेक्षण लिपिक हड़ताल पर थे। लगातार अपील और सख्ती के बाद 30 अगस्त की अपराह्न तक 4000 से अधिक संविदा कर्मियों ने अपने-अपने बंदोबस्त कार्यालयों में योगदान दे दिया, जिसे विभाग ने स्वीकार भी कर लिया है।
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विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 3 सितंबर तक योगदान का अवसर केवल उन्हीं कर्मियों को मिलेगा जिनकी सेवा समाप्ति का आदेश अब तक जारी नहीं हुआ है। वहीं, हड़ताल के दौरान अनुशासनहीनता में शामिल पाए गए कर्मियों के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई अलग से चल रही है। निदेशालय के अनुसार, कई हड़ताली कर्मियों ने लिखित शिकायत की है कि लौटने की इच्छा जताने पर उनके ही साथी उन्हें धमका रहे हैं और दबाव बना रहे हैं कि वे हड़ताल पर बने रहें। विभाग ने इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लिया है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है।
विभाग ने सभी कर्मियों से अपील की है कि वे किसी भी दबाव या अफवाह में न आएं और 3 सितंबर की निर्धारित समय-सीमा के भीतर योगदान देकर अपनी सेवाएं सुरक्षित करें। साथ ही यह भी आश्वस्त किया गया है कि हड़ताल से लौटने वाले कर्मियों को किसी तरह की परेशानी से बचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बरती जा रही है।