बिहार में जेल में बंद होने के बावजूद कई दागी नेताओं को कोई टेंशन नहीं है। इन सभी माननीयों का खर्चा बिहार सरकार जो वहन कर रही है। बिहार सरकार द्वारा कुल मिलाकर दागियों को हर महीने 54.72 लाख रुपए का भुगतान पेंशन के तौर पर किया जा रहा है। चारा घोटाला में सजा पाने वाले लालू प्रसाद, मर्डर केस में सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह,पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, दुष्कर्म केस में जेल में बंद राजवल्लभ यादव, आनंद मोहन और विजय कृष्ण को सरकार हर महीने पेंशन दे रही है। इनमें से कई पर आरोप तय भी हो चुके हैं और कई सजा भी काट रहे हैं, तो कुछ जमानत पर जेल से बाहर हैं। आइए जानने की कोशिश करते हैं कि इन नेताओं को कितनी पेंशन मिल रही है...
जब पेंशन तो क्या टेंशन: बिहार में दागियों की कट रही मौज, लालू समेत इन नेताओं को मिल रहा सरकारी लाभ
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लालू प्रसाद यादव को हर महीने 89 हजार रुपए पेंशन
चारा घोटाला के मामले में सजा पाने वाले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव फिलहाल जमानत पर हैं। उन्हें बिहार विधानसभा की तरफ से हर महीने 89 हजार रुपए की पेंशन मिलती है। इतना ही नहीं उन्हें लोकसभा से भी पेंशन मिलती है। बता दें कि चारा घोटाले के छह अलग-अलग मामलों में से चार में लालू प्रसाद को 13.5 साल की सजा सुनाई जा चुकी है।
राजद के बाहुबली नेता प्रभुनाथ सिंह को जेल में बंद होने के बावजूद 62 हजार रुपये प्रति माह पेंशन मिल रही है। विधायक और सांसद रह चुके प्रभुनाथ सिंह सजा पाने के बाद चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित हो चुके हैं। उनके खिलाफ 40 गंभीर मामले दर्ज हैं, लेकिन उन्हें अब तक केवल 1995 के अशोक सिंह हत्याकांड में अदालत ने सजा सुनाई है।
चारा घोटाला में चाईबासा कोषागार से गबन के दोषी पूर्व सांसद जगदीश शर्मा को 1.25 लाक रुपए हर महीने यानी सालाना 15 लाख रुपए पेंशन मिल रही है। बता दें कि कोर्ट ने उन्हें इस मामले में 5 साल की सजा सुनाई थी।
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दिसंबर 2018 से जेल में बंद राजवल्लभ प्रसाद को हर महीने 71 हजार रुपये पेंशन बिहार विधानसभा की तरफ से मिल रही है। राजवल्लभ बिहार के पहले ऐसे विधायक थे जिन्हें पद पर रहते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। बता दें कि वर्ष 2016 में उनपर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप लगा था और उसके बाद दिसंबर 2018 उन्हें दोषी पाया गया।