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बिहार: मांसाहारियों के लिए सम्राट चौधरी सरकार की बड़ी चेतावनी; मछलियों को लेकर एडवाइजरी में क्या लिखा?
Mon, 31 Aug 2026 08:28 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 31 Aug 2026 08:28 PM IST
सार
Bihar News: बिहार में बाढ़ के पानी के साथ नेपाल से कुछ क्षेत्रों में अज्ञात एवं असामान्य प्रकार की मछलियां पहुंचने की सूचना के बाद सरकार ने एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से बाढ़ के पानी से पकड़ी गई और अपरिचित मछलियों को खाने से बचने की अपील की है। सेवन के बाद स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखने पर तत्काल अस्पताल जाने की सलाह दी गई है।
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बिहार में नेपाल से बहकर आईं अज्ञात मछलियां
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार में बाढ़ के साथ ही एक नया खतरा सामने आया है। नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ बिहार के कुछ क्षेत्रों में अज्ञात एवं असामान्य प्रकार की मछलियों के पहुंचने की सूचना है। साथ ही, इनके सेवन से कुछ लोगों के बीमार पड़ने की भी खबर है। इसे लेकर जनहित में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मत्स्य प्रभाग ने एडवाइजरी जारी की है।
बाढ़ के पानी में फैलती हैं मछलियां, संक्रमण का खतरा
इस एडवाइजरी में विभाग ने बताया है कि बाढ़ के दौरान तालाबों, नदियों, झीलों एवं जलाशयों से मछलियां निकलकर पानी के साथ दूर-दूर तक फैल जाती हैं। ये मछलियां गंदी नालियों, मृत जानवरों और अन्य गंदगी के लगातार संपर्क में रहने के कारण जीवाणुओं, विषाणुओं और कवकों आदि से दूषित हो जाती हैं। ऐसी मछलियों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है।
बाढ़ से पकड़ी मछलियों के इस्तेमाल पर रोक
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक वातावरण स्थिर न हो जाए और प्राकृतिक रूप से गंदगी एवं रोग फैलाने वाले कारक समाप्त न हो जाएं, तब तक बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों का उपयोग न किया जाए।
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अपरिचित मछली को खाने योग्य न मानें
विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि अज्ञात अथवा असामान्य दिखने वाली मछलियों का सेवन न करें। बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों को बाजार में खरीदने-बेचने और खाद्य उपयोग में लाने से बचें। साथ ही, बिना पहचान और संबंधित विभाग की पुष्टि के किसी भी अपरिचित मछली को खाने योग्य न मानें।
यह भी पढ़ें: बिहार-झारखंड में बंटवारा: गृह मंत्री के सामने सोन नदी जल बंटवारे पर दोनों राज्यों में एमओयू; किसे-क्या मिला?
उल्टी-दस्त या सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत अस्पताल जाएं
इनके सेवन के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर, सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में संपर्क करें। ऐसी मछलियां दिखने पर जिला मत्स्य पदाधिकारी या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अज्ञात मछलियों के सेवन से पूरी तरह बचने की अपील की है।
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बाढ़ के पानी में फैलती हैं मछलियां, संक्रमण का खतरा
इस एडवाइजरी में विभाग ने बताया है कि बाढ़ के दौरान तालाबों, नदियों, झीलों एवं जलाशयों से मछलियां निकलकर पानी के साथ दूर-दूर तक फैल जाती हैं। ये मछलियां गंदी नालियों, मृत जानवरों और अन्य गंदगी के लगातार संपर्क में रहने के कारण जीवाणुओं, विषाणुओं और कवकों आदि से दूषित हो जाती हैं। ऐसी मछलियों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है।
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बाढ़ से पकड़ी मछलियों के इस्तेमाल पर रोक
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक वातावरण स्थिर न हो जाए और प्राकृतिक रूप से गंदगी एवं रोग फैलाने वाले कारक समाप्त न हो जाएं, तब तक बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों का उपयोग न किया जाए।
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अपरिचित मछली को खाने योग्य न मानें
विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि अज्ञात अथवा असामान्य दिखने वाली मछलियों का सेवन न करें। बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों को बाजार में खरीदने-बेचने और खाद्य उपयोग में लाने से बचें। साथ ही, बिना पहचान और संबंधित विभाग की पुष्टि के किसी भी अपरिचित मछली को खाने योग्य न मानें।
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उल्टी-दस्त या सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत अस्पताल जाएं
इनके सेवन के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर, सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में संपर्क करें। ऐसी मछलियां दिखने पर जिला मत्स्य पदाधिकारी या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अज्ञात मछलियों के सेवन से पूरी तरह बचने की अपील की है।