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Bihar Election: 4 उग्रवाद प्रभावित जिलों में भी शांतिपूर्वक मतदान संपन्न, 1650 कंपनियों के साथ तैनात थी पुलिस
Tue, 11 Nov 2025 08:14 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Tue, 11 Nov 2025 08:14 PM IST
सार
Bihar News: सीमा क्षेत्रों पर भी पुलिस की कड़ी निगरानी रही। बिहार से सटे झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमाओं पर कुल 459 चेकपोस्ट बनाए गए थे।
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण में मंगलवार को राज्य के 122 विधानसभा क्षेत्रों के 45,388 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ। प्रशासनिक तत्परता और सुरक्षा बलों की चौकसी के कारण कहीं से कोई बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
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निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 1650 कंपनियों केन्द्रीय अर्धसैनिक बल (CAPF) की तैनाती की गई थी। इनके साथ 50 कंपनियां बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BMSP), 42 हजार से अधिक जिला पुलिस कर्मी, 22 हजार गृह रक्षक बल, 19,817 प्रशिक्षु सिपाही और 3,671 चौकीदार-दफादार मतदान केंद्रों की सुरक्षा और मतदाताओं की सुविधा में लगाए गए थे। सभी बूथों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी की गई, ताकि रीयल टाइम निगरानी रखी जा सके।
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राज्य के नदी, दियारा, पहाड़ी और पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। अत्याधुनिक हथियारों के साथ ड्रोन, बोट, श्वान दस्ते, बम निष्प्रभावी दल (BDDS), SDRF टीम और सैटेलाइट फोन की तैनाती की गई। वहीं डायल 112 की आपात सेवा वाहन पूरे राज्य में सक्रिय रखी गई थी। सीमा क्षेत्रों पर भी पुलिस की कड़ी निगरानी रही। बिहार से सटे झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमाओं पर कुल 459 चेकपोस्ट बनाए गए थे। मतदान से 48 घंटे पहले अंतर्राज्यीय सीमाएं और 72 घंटे पहले भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा सील कर दी गई थी। पुलिस मुख्यालय स्थित नियंत्रण कक्ष से डीजीपी स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग होती रही।
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चुनाव अवधि में FST, SST और CAPF की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त की गई। 3.18 लाख लीटर शराब, 20.80 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ, 4.34 करोड़ की बहुमूल्य धातुएं, 7.84 करोड़ रुपये नकद और मतदाताओं को प्रभावित करने वाली अन्य वस्तुएं बरामद की गईं।
बिहार पुलिस ने असामाजिक तत्वों पर सख्ती बरती। चुनाव प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसके लिए 4,18,070 लोगों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इनमें 54,183 लोग ऐसे थे, जिन पर कमजोर वर्ग के मतदाताओं को डराने या धमकाने की आशंका थी। 23 कुख्यात अपराधियों को CCA-12 के तहत निरुद्ध किया गया, जबकि 1212 सक्रिय अपराधियों को जिला बदर किया गया। अब तक 41,296 गैर-जमानतीय वारंटों का निष्पादन भी किया गया है।
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सोशल मीडिया पर गलत सूचना और अफवाहों को रोकने के लिए राज्य और जिला स्तर पर मॉनिटरिंग सेल सक्रिय रहे। गलत पोस्टों का त्वरित खंडन किया गया और कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई। अब तक 511 आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले दर्ज हुए हैं। पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चुनाव और मतदाता जागरूकता से जुड़ी पोस्टों को 3.7 मिलियन (37 लाख) से अधिक लोगों ने देखा। मतदान के दिन 590 लोगों की गिरफ्तारी, 10 वाहन, 4 मोबाइल, 1151.3 लीटर शराब और 1.5 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। हालांकि छिटपुट घटनाओं को छोड़कर कोई बड़ी वारदात नहीं हुई।
सबसे खास बात यह रही कि इस बार उग्रवाद के कारण किसी भी मतदान केंद्र को स्थानांतरित नहीं करना पड़ा। वर्षों बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में भी मतदान मूल केंद्रों पर ही कराया गया। गया जिले के छकरबंधा के पिछुलिया और भदवर के नबीगढ़ गांव, रोहतास जिले के नौहट्टा के कोरहास गांव, और जमुई के बरहट थाना क्षेत्र के चोरमारा गांव में मतदाताओं ने दशकों बाद भयमुक्त होकर मतदान किया।