{"_id":"68e4c4fda5ecb354c103b9e7","slug":"bihar-election-there-is-no-doubt-about-the-cm-face-in-the-all-india-alliance-d-raj-said-this-cpi-2025-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar Election: 'इंडिया गठबंधन में सीएम फेस पर कोई संशय नहीं, सब मिलकर तय करेंगे', डी. राजा ने कही यह बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar Election: 'इंडिया गठबंधन में सीएम फेस पर कोई संशय नहीं, सब मिलकर तय करेंगे', डी. राजा ने कही यह बात
Tue, 07 Oct 2025 01:28 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Tue, 07 Oct 2025 01:28 PM IST
सार
सीपीआई के महासचिव डी राजा ने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को बहाल करना प्रशासनिक ज़िम्मेदारी है और बिहार में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
विज्ञापन
डी. राजा, महासचिव, सीपीआई
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के महासचिव डी. राजा बिहार दौरे पर पहुंचे हैं। वह तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होंगे। इससे पहले में उन्होंने सीट बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर डी. राजा ने कहा कि यह जल्द ही सुलझ जाएगा और हम आने वाले चुनाव में उचित संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। इंडिया गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। आगामी विधानसभा चुनवा इंडिया गठबंधन ही जीतेगा। इंडिया गठबंधन में मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई संशय नहीं है। हमलोग सब मिलकर सीएम फेस पर भी बात कर लेंगे। कहीं कोई समस्या नहीं है।
SIR को लेकर सवाल उठे थे
वहीं विधानसभा चुनाव की घोषणा पर सीपीआई के महासचिव डी. राजा ने कहा कि चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। लेकिन राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठे थे। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही आधार और अन्य दस्तावेजों के ज़रिए मतदाता पंजीकरण की अनुमति दी गई। यह चुनाव आयोग की संवैधानिक ज़िम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि कोई पात्र मतदाता छूट न जाए।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा
डी. राजा ने कहा कि SIR की प्रक्रिया से कई समस्याएं खड़ी हुईं, जिन्हें हमने (पार्टी ने) उठाया। आखिरकार, सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। कि बिहार में अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई, जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 7.42 करोड़ रह गई, जबकि SIR से पहले यह संख्या 7.89 करोड़ थी। हालांकि, यह आंकड़ा 1 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची (7.24 करोड़) से अधिक है, जिसमें मृतकों, प्रवासियों और डुप्लीकेट नामों के आधार पर 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए थे।
विज्ञापन
SIR को लेकर सवाल उठे थे
वहीं विधानसभा चुनाव की घोषणा पर सीपीआई के महासचिव डी. राजा ने कहा कि चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। लेकिन राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठे थे। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही आधार और अन्य दस्तावेजों के ज़रिए मतदाता पंजीकरण की अनुमति दी गई। यह चुनाव आयोग की संवैधानिक ज़िम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि कोई पात्र मतदाता छूट न जाए।
विज्ञापन
Bihar Election: चुनाव की घोषणा के बावजूद सीट बंटवारे पर NDA और INDIA में मंथन जारी, जानिए कहां अटकी है बात
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा
डी. राजा ने कहा कि SIR की प्रक्रिया से कई समस्याएं खड़ी हुईं, जिन्हें हमने (पार्टी ने) उठाया। आखिरकार, सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। कि बिहार में अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई, जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 7.42 करोड़ रह गई, जबकि SIR से पहले यह संख्या 7.89 करोड़ थी। हालांकि, यह आंकड़ा 1 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची (7.24 करोड़) से अधिक है, जिसमें मृतकों, प्रवासियों और डुप्लीकेट नामों के आधार पर 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए थे।