Bihar Election Result: तेजस्वी जीते तो तेजप्रताप की हार, सम्राट-अनंत सिंह-मंगल पांडे जीते; मैथिली का चला जादू
Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के दोनों चरण के मतदान संपन्न होने के बाद आज मतगणना हुई। एक बार फिर एनडीए महागठबंधन से आगे निकल गया। एनडीए की बड़ी जीत हुई। यहां हम आपको बिहार की 22 चर्चित सीटों के बारे में बताएंगे कि कहां कौन जीता और किसके हिस्से हार आई।
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विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम आज घोषित हो गए। राज्य की 243 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई। इस चुनाव में कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। राघोपुर से तेजस्वी यादव, तारापुर से सम्राट चौधरी, महुआ से तेज प्रताप यादव और लखीसराय से विजय कुमार सिन्हा जैसी सीटों पर सबकी निगाहें टिकी रहीं। कई सीटों पर आखिरी समय तक परिणाम ने धड़कनें बढ़ा दी थीं।
| क्रम संख्या | विधानसभा क्षेत्र | प्रत्याशी का नाम | पार्टी | रुझान/परिणाम |
|---|---|---|---|---|
| 1 | राघोपुर | तेजस्वी यादव | राजद | जीते |
| 2 | तारापुर | सम्राट चौधरी | भाजपा | जीते |
| 3 | लखीसराय | विजय कुमार सिन्हा | भाजपा | जीते |
| 4 | मोकामा | अनंत सिंह | जदयू | जीते |
| 5 | महुआ | तेज प्रताप यादव | जनशक्ति जनता दल | हारे |
| 6 | जाले | जीवेश कुमार मिश्रा | भाजपा | जीते |
| 7 | अलीनगर | मैथिली ठाकुर | भाजपा | जीते |
| 8 | सरायरंजन | विजय कुमार चौधरी | जदयू | जीते |
| 9 | रघुनाथपुर | ओसामा शहाब | राजद | जीते |
| 10 | सीवान | मंगल पांडेय | भाजपा | जीते |
| 11 | छपरा | खेसारी लाल यादव | राजद | हारे |
| 12 | गरखा | सीमांत मृणाल | एलजेपी (आर) | हारे |
| 13 | दानापुर | रामकृपाल यादव | भाजपा | जीते |
| 14 | जोकीहाट | शाहनवाज आलम | राजद | हारे |
| 15 | कटिहार | तारकिशोर प्रसाद | भाजपा | जीते |
| 16 | सुपौल | विजेंद्र प्रसाद यादव | जदयू | जीते |
| 17 | झंझारपुर | नीतीश मिश्रा | भाजपा | जीते |
| 18 | कुटुंबा | राजेश कुमार | कांग्रेस | हारे |
| 19 | अमौर | सबा जफर | जदयू | हारे |
| 20 | रुपौली | बीमा भारती | राजद | हारे |
| 21 | नबीनगर | चेतन आनंद | जदयू | जीते |
| 22 | जमुई | श्रेयसी सिंह | भाजपा | जीतीं |
राघोपुर विधानसभा
राघोपुर विधानसभा से पूर्व डिप्टी सीएम और लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव राजद से उम्मीदवार थे। महागठबंधन ने इस बार तेजस्वी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया था। तेजस्वी ने अपने चुनावी करियर की शुरुआत इसी सीट से की थी। 2015 और 2020 में वह इस सीट से जीत चुके हैं। भाजपा ने यहां से पिछली बार के उम्मीदवार सतीश कुमार को टिकट दिया है। सतीश कुमार ने 2010 में जदयू के टिकट पर तेजस्वी यादव की मां और राजद की उम्मीदवार राबड़ी देवी को हराया था। जनसुराज ने चंचल कुमार को यहां मैदान में उतारा था। 32 राउंड के बाद तेजस्वी ने ये सीट 14532 वोटों से जीत ली।
तारापुर विधानसभा
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस बार तारापुर से टिकट दिया गया था। इससे पहले वह परबत्ता सीट से राजद के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं। 2014 में वह राजद से अलग हो गए। 2020 में वह एमएलसी चुने गए। अब वह भाजपा के टिकट पर तारापुर सीट से चुनाव लड़े। उनका मुकाबला राजद के अरुण कुमार से रहा। सम्राट चौधरी 45843 वोटों से जीत गए।
लखीसराय विधानसभा
लखीसराय से भाजपा के टिकट पर लगातार तीन बार जीतने वाले विजय कुमार सिन्हा एक बार फिर यहां से मैदान में खे। बिहार के उपमुख्मंत्री सिन्हा फरवरी 2005 में हुए चुनाव में पहली बार लखीसराय से जीते थे। 2005 अक्तूबर में हुए चुनाव में उन्हें राजद के फुलेना सिंह से हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन 2010 में उन्होंने अपनी सीट वापस ले ली। इस बार फिर वे जीत गए। उन्होंने कांग्रेस के अम्रेश कुमार को 24940 वोटों से हराया।
मोकामा विधानसभा
बाहुबली और जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह यहां से चुनाव लड़े और जीत गए। मोकामा में हुए हत्याकांड के बाद इस सीट की चर्चा पूरे देश में रही। इस हत्याकांड का आरोप अनंत सिंह पर लगा है। उन्हें चुनाव प्रचार के बीच में गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद उनके प्रचार की कमान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के हाथ में रही।
महुआ विधानसभा
लालू यादव के बडे़ बेटे तेज प्रताप यादव पांच साल बाद फिर अपनी बनाई पार्टी के टिकट पर मैदान में थे। पर यहां उनकी बड़ी हार हुई है। 51938 वोटों से वे पिछड़ गए। यहां से लोक जनशक्ति पार्टी (आर) के संजय कुमार सिंह ने जीत दर्ज की।
जाले विधानसभा
शहरी विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जीवेश कुमार मिश्रा की वजह से यह सीट चर्चा में रही। उन्हें एक बार फिर भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया था। वहीं कांग्रेस ने ऋषि मिश्रा को मैदान में उतारा था। 28 राउंड की गिनती के बाद जीबेश कुमार ने ये सीट 21862 मतों से जीत ली।
अलीनगर विधानसभा
यह इस प्रमंडल की सबसे चर्चित सीटों में से एक रही। भाजपा ने यहां से लोक गायिका मैथिली ठाकुर को मैदान में उतारा था। और वे उनके भरोसे पर खरी उतरीं। उन्होंने यहां से 11730 वोटों से जीत दर्ज की।
सरायरंजन विधानसभा
इस सीट पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और मौजूदा मंत्री विजय चौधरी को ही टिकट मिला था। जदयू के विजय कुमार चौधरी को इस सीट पर लगातार तीन बार जीत मिली है। 2010 से लगातार वह इस सीट पर जीतते आ रहे हैं। इससे पहले इस सीट पर कोई उम्मीदवार लगातार तीन बार नहीं जीता था। वह नीतीश कैबिनेट में कई विभागों के मंत्री भी रह चुके हैं। राजद ने अरबिंद कुमार साहनी और जनसुराज ने साजन कुमार मिश्रा को टिकट दिया था। इस बार भी विजय कुमार चौधरी ने जीत दर्ज की। उन्होंने राजद के अरबिंद कुमार साहनी को 20798 वोटों से हराया।
रघुनाथपुर विधानसभा
सीवान जिले की इस सीट पर राजद ने बाहुबली शाहबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को टिकट दिया है। जदयू ने यहां से विकास कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। वहीं जनसुराज की तरफ से राहुल कीर्ति मैदान में हैं। पिछले दो चुनावों से यहां राजद ने जीत दर्ज की है। दोनों बार यहां से राजद के हरिशंकर यादव को जीत मिली थी। पार्टी ने इस बार उनकी जगह ओसामा शहाब को टिकट दिया है।
सीवान विधानसभा
सीवान से भाजपा के मंगल पांडेय के सामने राष्ट्रीय जनता दल ने अवध बिहारी चौधरी को उतारा था। अवध बिहारी चौधरी महागठबंधन सरकार के समय विधानसभा अध्यक्ष भी रहे थे। राजद-कांग्रेस के कोर वोट बैंक मुस्लिम धर्म के शेख वर्ग से बिजनेसमैन इंतक़ाब अहमद को उतारा गया था। हालांकि अंतिम परिणाम मंगल पांडेय के पक्ष में गया। वे 9370 वोटों से जीते हैं।
छपरा विधानसभा
मशहूर भोजपुरी गायक और अभिनेता खेसारी लाल यादव की वजह से सारण जिले की छपरा सीट चर्चा में रही। इस सीट से राजद ने महागठबंन की ओर से शत्रुघ्न यादव उर्फ खेसारी लाल यादव को मैदान में उतारा था। खेसारी लाल के खिलाफ भाजपा ने छोटी कुमारी और जनसुराज ने जयप्रकाश सिंह को टिकट दिया था। इस सीट पर कुल 10 उम्मीदवार मैदान में थे। आखिरी समय तक चले कश्मकश में खेसारी लाल चुनाव हार गए। यहां से भाजपा की छोटी कुमारी ने 7600 मतों से चुनाव जीत लिया।
गरखा विधानसभा
लोकजन शक्ति पार्टी (रामविलास) के सुप्रीमो चिराग पासवान के भांजे सीमांत मृणाल यहां से लोजपा (आर) के टिकट पर पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। पिछली बार इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार को हार मिली थी। इस बार एनडीए गठबंधन में भाजपा ने यह सीट लोजपा के लिए छोड़ दी। राजद ने यहां से मौजूदा विधायक सुरेंद्र राम को ही टिकट दिया है। जनसुराज ने मनोहर कुमार राम को उम्मीदवार बनाया है।
दानापुर विधानसभा
यहां से भाजपा ने पूर्व सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव को टिकट दिया था। उन्होंने ये चुनाव 29133 वोटों से जीत लिया। रामकृपाल 2024 के लोकसभा चुनाव में पाटलीपुत्र सीट हार गए थे। उन्हें लालू यादव की बेटी मीसा भारती ने शिकस्त दी थी। रामकृपाल यादव के सामने राजद ने रीत लाल राय को उतारा था।
जोकीहाट विधानसभा
जोकीहाट विधानसभा चुनाव में दो भाइयों के बीच विरासत की लड़ाई रही। दोनों ही अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं। यहां से मुर्शीद आलम ने 28803 वोटों से जीत दर्ज की।
कटिहार विधानसभा
कटिहार सदर विधान सभा क्षेत्र पिछले चार चुनावों से भाजपा का गढ़ रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद लगातार चार बार से यहां से विधायक हैं। यहां का मुकाबला केवल दो दलों के बीच का का नहीं, बल्कि संबंधों, रणनीतियों और स्वाभिमान से भी जुड़ गया। वहीं, राजनीतिक गलियारों में इसे पुराने और नए चावल के बीच की लड़ाई भी बताया गया। भाजपा के सामने वीआइपी से सौरभ कुमार अग्रवाल नाव लेकर चुनावी वैतरणी में थे जो भाजपा एमएलसी अशोक अग्रवाल व नगर निगम मेयर उषा देवी अग्रवाल के पुत्र हैं। ये चुनाव तारकिशोर प्रसाद ने 22154 वोट से जीत दर्ज की।
सुपौल विधानसभा
सीमांचल और कोसी की राजनीति में सुपौल विधानसभा सीट का अपना अलग महत्व है। यह सीट न केवल जिले की सियासी दिशा तय करती है, बल्कि यहां से उठने वाली राजनीतिक लहरें प्रदेश की सत्ता तक असर डालती हैं। इस बार फिर मैदान में थे जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, जिनकी राजनीतिक जड़ें गहरी हैं। उनके सामने कांग्रेस प्रत्याशी मिन्नतुल्लाह रहमानी थे। विजेंद्र प्रसाद ने ये सीट 30803 वोटों से जीत ली है।
झंझारपुर विधानसभा
झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र में एनडीए उम्मीदवार नीतीश मिश्रा बिना स्टार प्रचारकों के अपने चुनाव प्रचार में जुटे रहे। महागठबंधन के रामनारायण यादव 'माय' समीकरण पर निर्भर रहे, वहीं जनसुराज के केशव चन्द्र भंडारी युवाओं और पलायन रोकने के वादे के साथ मैदान में थे। आखिरकार नीतीश मिश्रा ने 54849 वोटों से जीत दर्ज कर ली।
कुटुंबा विधानसभा
औरंगाबाद का कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र में 2020 में कांग्रेस के राजेश राम ने हम के श्रवण भुइयां को हराया था। इस बार ललन राम (हम) और राजेश राम (कांग्रेस) के बीच मुकाबला रहा। ललन राम ने ये चुनाव 21525 वोटों से जीत लिया।
अमौर विधानसभा
पूर्णिया जिले की इस मुस्लिम बाहुल सीट पर महागठबंधन और एनडीए के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला रहा। यहां अखतरुल इमान 38928 वोटों से जीते हैं।
रूपौली विधानसभा
रूपौली का राजनीतिक इतिहास दो दशक से अधिक समय से दो प्रमुख चेहरों बीमा भारती और शंकर सिंह के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। बीमा भारती ने 2000 से अब तक 5 बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें निर्दलीय, राजद और जद(यू) जैसे दलों से जीत शामिल है। इस बार फिर बीमा भारती मैदान में रही, पर किस्मत ने साथ नहीं दिया। वे 73572 वोटों से हारी है।
नबीनगर विधानसभा
2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी के विजय सिंह ने जेडीयू के वीरेंद्र सिंह को हराया था, जबकि रालोसपा से लड़े धर्मेंद्र कुमार करीब 23 हजार वोट लाकर तीसरे नंबर पर रहे थे। नबीनगर विधानसभा सीट पर राजपूत जाति के अलावा यादव और रविदास वोटर निर्णायक भूमिका में रहते हैं। इस बार जदयू के चेतन आनंद और राजद के अमोद कुमार सिंह के बीच मुकाबला रहा। ये चुनाव चेतन आनंद ने 112 सीटों से जीत लिया।
जमुई विधानसभा
भोला मांझी, त्रिपुरारी प्रसाद सिंह, नरदेव भगत, सुशील कुमार सिंह, अर्जुन मंडल, नरेंद्र सिंह और अभय सिंह की कर्मभूमि में इस बार भी लड़ाई रोचक रही। यहां कमल के निशान पर श्रेयसी सिंह को फिर उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने 54498 वोटों से जीत दर्ज की। उन्हें राजद के शमसाद आलम ने टक्कर दी।