Samrat Choudhary: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बोले- लालू-कांग्रेस से सवाल पूछेगा बिहार; एनडीए की अगली तैयारी बताई
Bihar News बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को भाजपा कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए याद दिलाया कि बिहार की एनडीए सरकार ने महिलाओं को 50 फीसदी तक आरक्षण दिया है। देश की बारी आई तो कांग्रेस-लालू ने अपना चेहरा दिखा दिया।
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नाम-उम्र पर जहां तेजस्वी यादव से लेकर प्रशांत किशोर तक हमलावर हैं, वहीं उनके पुराने वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। इस बीच शनिवार की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संदेश में महिलाओं से संबंधित संविधान संशोधन को लेकर अपना दु:ख व्यक्त किया। रविवार को उन्होंने भाजपा कार्यालय स्थित अटल सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनकी पार्टी ने महिला आरक्षण के खिलाफ अपनी मंशा जाहिर कर दी। मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू करने में भाजपा ने आगे आकर सहयोग किया था। हमें गर्व है कि महिला बिल भी पारित हमने किया। बिहार में महिलाओं को एनडीए सरकार ने ही 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। महिलाओं के खिलाफ विपक्ष ने कल जो किया, उसका जवाब मांगेगा बिहार।
लालू पर क्या आरोप लगाया सम्राट ने?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा- "लोकतंत्र के इतिहास में यह पहली घटना थी, जब कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने खुशियां मनाई। दुनिया ने पहले भी देखा है कि लालू प्रसाद यादव संसद में बिल फड़वाने का काम करते थे। इस बार तो खुल्लम-खुल्ला इन लोगों ने अपनी मंशा दिखाई। अपने घर की बेटी तो सांसद बन जाए, लेकिन दूसरे की बेटी-बहन या परिवार की महिला सदस्य नहीं बने; यही चिंता है। राहुल गांधी की बहन सांसद बन सकती है, लेकिन उत्तर प्रदेश से एक तिहाई सीटों पर बहनें चुनाव जीत कर पहुंचें, यह कांग्रेस नहीं मान सकती है। समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव की पत्नी चुनाव जीत सकती हैं, लेकिन वहां से 40 सांसद महिलाएं जाएं, इसे होने से रोका गया।"
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कितनी संख्या होती महिला विधायकों की बिहार में?
सीएम सम्राट चौधरी ने यह भी बताया कि इस बिल का बिहार विधानसभा पर कैसा प्रभाव पड़ता। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा में मात्र 29 महिलाएं विधायक हैं। यदि यह बिल पारित हो जाता तो कम-से-कम 122 विधायक महिलाएं होतीं। उससे अधिक भी हो सकती हैं, क्योंकि बिहार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने में बहुत पहले ही प्रयोग कर दिखाया है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को बिहार में आगे बढ़ने का काम किया। बिहार में जब एनडीए की सरकार बनी तो राज्य के नगर निकाय और पंचायती राज में 50% आरक्षण दिया गया। बिहार में 50% आरक्षण है, लेकिन गर्व की बात है कि राज्य में 59 प्रतिशत से अधिक महिलाएं चुनाव जीतकर आ रही हैं। यदि यह बिल पारित हो गया होता तो देश में 543 सांसद की जगह पर 816 सांसद होते। इन 816 में से 272 सांसद महिलाएं होती तो स्त्री-शक्ति का एहसास और बेहतर तरीके से होता।
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