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Mukesh Sahni Interview: 'मल्लाह का बेटा अब संभालेगा पतवार', मुकेश सहनी बोले- तेजस्वी के साथ चलेगी बदलाव की लहर

Tue, 28 Oct 2025 11:11 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Tue, 28 Oct 2025 11:11 AM IST
सार

अमर उजाला से खास बातचीत में मुकेश सहनी ने कहा कि 11 साल का संघर्ष अब रंग ला रहा है। उन्होंने भाजपा पर “फूट डालो और राज करो” की राजनीति का आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय, समान भागीदारी और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

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वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब नजदीक है और पहले चरण के मतदान से पहले सियासत का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। महागठबंधन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा ऐलान किया कि  सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के अध्यक्ष मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है। इसी कड़ी में अमर उजाला से खास बातचीत में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। राजनीति, विकास, और गठबंधन की रणनीति पर उन्होंने बेबाकी से जवाब दिए।
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प्रश्न: मुकेश जी, आपके चेहरे पर मुस्कुराहट है। लगातार चुनावी दौरे कर रहे हैं। क्या ये मुस्कान जनता के फीडबैक का नतीजा है?
उत्तर: देखिए, 11 साल का संघर्ष अब सफलता की ओर बढ़ रहा है। पिछले 11 साल से हम बिहार में अपने लोगों के बीच काम कर रहे हैं। उसी मेहनत का नतीजा है कि आज बिहार में मुख्य विपक्षी दल की ओर से मुझे डिप्टी सीएम उम्मीदवार घोषित किया गया है। यह हमारे लिए खुशी और गर्व का क्षण है। कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मल्लाह का बेटा राज्य का डिप्टी सीएम उम्मीदवार बन सकता है। हिंदुस्तान में पहली बार ऐसा हुआ है कि सीएम और डिप्टी सीएम दोनों के नाम साथ घोषित किए गए हैं।
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प्रश्न: आपकी उम्मीदवारी के बाद नीतीश कुमार और चिराग पासवान जैसे नेताओं की राजनीति में भी हलचल दिखी। क्या यही वजह है कि विपक्ष अब मुसलमानों की बात करने लगा है?
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उत्तर: बिल्कुल, पहले उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि महागठबंधन में डिप्टी सीएम उम्मीदवार मुकेश सैनी हो सकता है। अब जब ऐसा हुआ, तो पूरा राजनीतिक समीकरण बदल गया। इसलिए “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाई जा रही है। भाजपा हमेशा हिंदू-मुसलमान की राजनीति करती रही है। चिराग पासवान जी ट्वीट कर रहे हैं, लेकिन सवाल ये है कि आपने मुसलमान भाइयों के लिए अब तक क्या किया? आपने उन्हें टिकट क्यों नहीं दिया? जो पार्टी मुसलमान भाइयों को पाकिस्तान भेजने की बात करती है, उसके साथ रहकर आप कैसे मुसलमानों के हितैषी हो सकते हैं?

प्रश्न: आपने कहा कि आपकी पार्टी सामाजिक न्याय की दिशा में कदम बढ़ा रही है। क्या सरकार बनने के बाद और भी डिप्टी सीएम होंगे?
उत्तर: हां, बिल्कुल। हमारी सरकार बनने के बाद सीएम और एक डिप्टी सीएम के अलावा हम सामाजिक न्याय के लिए और भी डिप्टी सीएम बनाएंगे। किसे बनाना है, यह हमारी रणनीति पर निर्भर करेगा। भाजपा को देखिए, 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन एक भी मुसलमान उम्मीदवार नहीं दिया। शाहनवाज हुसैन जैसे वरिष्ठ नेता को भी सम्मान नहीं दिया गया।

प्रश्न: क्या भाजपा की कोशिशों से महागठबंधन में फूट पड़ सकती है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। हमारी पार्टी A to Z पार्टी है, सबको साथ लेकर चलने वाली। हम न जाति के नाम पर, न धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं। हमारी रणनीति स्पष्ट है, किसी के दबाव में नहीं। डिप्टी सीएम किसी का निजी पद नहीं होता, यह जिम्मेदारी है। कौन मंत्री बनेगा, कौन विधायक या राज्यसभा जाएगा, यह पार्टी तय करती है। भाजपा और चिराग पासवान से हमें सीखने की जरूरत नहीं।

प्रश्न: आपकी उम्मीदवारी ने अति पिछड़ों की भूमिका को केंद्र में ला दिया है। क्या यह बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव है?
उत्तर: निश्चित तौर पर। हम जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के विचारों पर चल रहे हैं। बिहार के पहले अति पिछड़े मुख्यमंत्री वही थे। अब अगर किसी अति पिछड़े को डिप्टी सीएम पद का अवसर मिल रहा है, तो यह 37% अति पिछड़े समाज की जीत है। हमने हमेशा कहा है कि जितनी उनकी आबादी है, उतनी भागीदारी देंगे। हमारी पार्टी ने 15 सीटों में से 55% टिकट अति पिछड़ों को दिए हैं। जबकि भाजपा ने पिछले चुनाव में सिर्फ 9% टिकट ही दिया था।

प्रश्न: भाजपा आज कर्पूरी ठाकुर जी का नाम ले रही है। क्या यह बदलाव है?
उत्तर: यह दिखावा है। पहले यही भाजपा कर्पूरी ठाकुर जी को गालियां देती थी, कहती थी “तुम्हारी औकात नहीं सीएम बनने की।” आज वही लोग भारत रत्न के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। जब वो जीवित थे, तब सम्मान नहीं दिया। अब सिर्फ राजनीति के लिए उनका नाम ले रहे हैं।



प्रश्न: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद को ‘पिछड़े का बेटा’ बताया है। आप इसे कैसे देखते हैं?
उत्तर: यह लोगों को गुमराह करने का तरीका है। मोदी जी सत्ता में हैं, लेकिन आज भी डर और धमकी की राजनीति चल रही है, ईडी, सीबीआई से विपक्ष को दबाया जा रहा है। हम मल्लाह के बेटे हैं, अमरशाही जुबा सैनी, वीरांगना फूलन देवी और एकलव्य के वंशज हैं। हमें डर नहीं लगता।



प्रश्न: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आप नरम तो भाजपा पर आक्रामक दिखाई देते हैं। क्यों?
उत्तर: नीतीश जी हमेशा सभी जातियों और धर्मों को साथ लेकर चले हैं। उनके रहते कभी दंगे नहीं हुए। वो कर्पूरी ठाकुर और बाबा साहब अंबेडकर के विचारों को मानने वाले हैं। लेकिन अब उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, राज्य पर उनका नियंत्रण नहीं रहा। आज सरकार ब्यूरोक्रेसी और दिल्ली के इशारों पर चल रही है। भाजपा सिर्फ उनका नाम इस्तेमाल कर रही है।

प्रश्न: क्या इससे बिहार में भाजपा को फायदा होगा?
उत्तर: नहीं, भाजपा के आने से दंगा-फसाद बढ़ेगा। वे नाम बदलने की राजनीति करते हैं। बिहार को चाहिए रोजगार, शिक्षा और उद्योग, जो वे नहीं दे रहे। अमित शाह खुद कह चुके हैं कि बिहार में उद्योग नहीं लग सकते। सवाल ये है कि 20 साल से सत्ता में रहकर आपने क्या किया? क्यों बिहार का प्रति व्यक्ति आय ₹60,000 है जबकि गुजरात का ₹2 लाख?




प्रश्न: आपकी पार्टी टिकट कैसे तय करती है? सुना है पटना में नहीं बल्कि मछली बाजार में टिकट दिया गया।
उत्तर: बिल्कुल। हमारी पार्टी में टिकट पटना से नहीं, जनता के बीच से बंटते हैं। जब हमने उमेश सैनी को टिकट देने का निर्णय लिया, तो पटना से सिंबल लेकर सीधे मछली मंडी गए। वहीं टिकट सौंपा। यही जगह निषाद समाज के संघर्ष की शुरुआत थी। 2014 में राज मैदान में “सन ऑफ मल्लाह” नाम वहीं से उठा था। इसलिए वही से टिकट देना प्रतीकात्मक और सम्मान की बात थी।

प्रश्न: मछली बाजार और मछली दोनों शुभ मानी जाती हैं, क्या आप भी ऐसा मानते हैं?
उत्तर: हां, बिल्कुल। हम मछली को शुभ मानते हैं और खाते भी हैं। भाजपा वाले भी शुभ मानते हैं। बस पूजा-पर्व के दिनों में कोशिश करते हैं कि परहेज करें। 
 
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