Bihar: मंडप सजने से पहले उजड़ी दुनिया, शादी से पहले थमीं दूल्हे की सांसें, परिवार ओझा करता रहा झाड़-फूंक
बेतिया के मझौलिया थाना क्षेत्र के भरवलिया गांव में शादी से ठीक पहले दूल्हे शक्तिनाथ शर्मा की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया, लेकिन परिजन इस पर विश्वास नहीं कर सके और शव को गांव लाकर ओझा से झाड़-फूंक कराते रहे।
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बेतिया के मझौलिया थाना क्षेत्र की सरिसवा पंचायत के वार्ड संख्या-6 स्थित भरवलिया गांव में शादी की खुशियां कुछ ही पलों में मातम में बदल गईं। आजादी के 79 साल बाद भी समाज में फैले अंधविश्वास की एक मार्मिक तस्वीर इस घटना में देखने को मिली। जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय जगदीश ठाकुर के सबसे छोटे बेटे शक्तिनाथ शर्मा की शादी पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा स्थित सीताराम मंदिर में तय थी। बारात पूरे उत्साह और बैंड-बाजे के साथ मंदिर पहुंची। शादी की रस्में शुरू होने से पहले ही शक्तिनाथ शर्मा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने और पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
परिजन तुरंत उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टरों ने शक्तिनाथ शर्मा को मृत घोषित कर दिया। इस खबर से शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई और खुशियों का माहौल पलभर में गम में बदल गया। डॉक्टरों के मृत घोषित करने के बावजूद परिजन इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर सके। वे शक्तिनाथ शर्मा के शव को गांव वापस ले आए और उसके जिंदा होने की उम्मीद में ओझा को बुलाकर झाड़-फूंक कराने लगे।
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घटनास्थल पर जुटी लोगों की भीड़
घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग भरवलिया गांव पहुंचने लगे। देखते ही देखते घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। पूरे इलाके में इस घटना और अंधविश्वास को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। बताया गया कि शक्तिनाथ शर्मा तीन भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटे थे। करीब तीन वर्ष पहले उनकी मां लालसा देवी का निधन हो गया था, जबकि लगभग दस वर्ष पहले पिता जगदीश ठाकुर का भी देहांत हो चुका था।