Asia Cup Hockey: सुपर 4 में भारतीय हॉकी टीम, क्या एशिया कप जीत सकेगी? एक्सपर्ट की नजर में आगे क्या होगा अब
चीन और जापान के खिलाफ मुश्किल से मिले गोलों के बाद कजाकिस्तान पर यह प्रचंड जीत सुपर-4 से पहले टीम को आत्मविश्वास से भर गई है। एक्सपर्ट बता रहे हैं कि भारतीय टीम फाइनल तक पहुंचने की सबसे प्रबल दावेदार है।
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विस्तार
एशिया कप हॉकी 2025 के अंतिम लीग मुकाबले में भारत ने इतिहास रच दिया। राजगीर हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में मेज़बान भारत ने कजाकिस्तान को 15-0 से रौंदकर न केवल पूल-ए में शीर्ष स्थान सुरक्षित किया, बल्कि सुपर-4 में भी पूरे आत्मविश्वास के साथ कदम रख दिया। यह जीत भारतीय हॉकी के उस अनुशासित और रणनीतिक खेल का प्रमाण है, जो आने वाले मुकाबलों में खिताब की ओर मज़बूत इशारा करता है। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन की रणनीति और उसका सटीक क्रियान्वयन इस मुकाबले की सबसे बड़ी विशेषता रही। भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और कजाकिस्तान को मैच में टिकने का कोई मौका नहीं दिया। पिछले मुकाबलों में चीन और जापान के खिलाफ फील्ड गोल करने में संघर्ष कर रही टीम इंडिया ने इस बार शुरुआती मिनट से ही लय पकड़ ली।
फॉरवर्ड लाइन में मनदीप सिंह और अभिषेक लगातार कजाकिस्तान की डिफेंस लाइन को चुनौती देते रहे। वहीं मिडफ़ील्ड में हार्दिक सिंह का खेल काबिले तारीफ रहा। तेज़ और सटीक पासिंग ने आक्रमण के रास्ते खोले और टीम के फॉरवर्ड को गोल करने के भरपूर मौके दिए। भारत ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा और विपक्षी टीम को कोई जवाबी हमला करने का अवसर नहीं दिया। भारत के लिए यह जीत सिर्फ बड़ी नहीं, बल्कि ऐतिहासिक रही। अभिषेक, सुखजीत सिंह और जुगराज सिंह ने हैट्रिक लगाकर रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अन्य खिलाड़ियों ने भी गोल दागकर जीत को और शानदार बनाया। यह आठवीं बार है जब भारत ने एशिया कप के इतिहास में एक ही मैच में 10 या उससे अधिक गोल दागे हैं।
आंकड़े एक नजर में:
- भारत के कुल गोल: 15
- कजाकिस्तान के कुल गोल: 0
- भारत के शॉट ऑन गोल: 29
- कजाकिस्तान के शॉट ऑन गोल: 5
- भारत की सर्कल पैनेट्रेशन: 45
- कजाकिस्तान की सर्कल पैनेट्रेशन: 7
- भारत का बॉल पर नियंत्रण: 58
- कजाकिस्तान का बॉल पर नियंत्रण : 42
- भारत के हैट्रिक हीरो: अभिषेक, सुखजीत सिंह, जुगराज सिंह
मुकाबलों में यह चीज भारत की सबसे बड़ी ताक़त होगी
कोच फुल्टन ने इस मुकाबले में बेंच स्ट्रेंथ को परखने का पूरा मौका दिया। लगभग हर खिलाड़ी को आक्रमण में योगदान देने का अवसर मिला और टीम ने साबित किया कि उसका आक्रमण किसी एक स्टार खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है। यही बात आने वाले सुपर-4 मुकाबलों में भारत की सबसे बड़ी ताक़त होगी। राजगीर हॉकी स्टेडियम में दर्शकों की भारी भीड़ भारतीय खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त ऊर्जा का स्रोत बनी। हर गोल के साथ स्टेडियम में गूंजते नारों और तालियों ने खिलाड़ियों के हौसले बुलंद किए।
विश्व कप की तैयारियों के लिए भी बड़ा संदेश दे रहा है
अब सुपर-4 में भारत का मुकाबला दक्षिण कोरिया, मलेशिया और चीन से होगा। दक्षिण कोरिया अपनी तेज़ गति और फिटनेस के लिए मशहूर है, मलेशिया पेनल्टी कॉर्नर में माहिर टीम है, जबकि चीन ने इस टूर्नामेंट में लगातार सुधार दिखाया है। इनमें से शीर्ष दो टीमें फाइनल में पहुंचेंगी और भारत का वर्तमान फॉर्म यह संकेत दे रहा है कि टीम फाइनल तक पहुंचने की सबसे प्रबल दावेदार है। यह जीत भारत को न केवल अंकतालिका में मज़बूत बनाती है, बल्कि मनोवैज्ञानिक बढ़त भी देती है। भारत अब अगले साल बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले विश्व कप की तैयारियों के लिए भी बड़ा संदेश दे रहा है। अगर यही लय बरकरार रही, तो राजगीर की धरती पर तिरंगा लहराने का सपना जल्द ही हकीकत में बदल सकता है।