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Asia Cup Hockey 2025: भारतीय शेरों ने चाइनीज ड्रैगन को ऐसे दी पटखनी, शिलानंद लकड़ा चुने गए प्लेयर ऑफ द मैच
Sat, 06 Sep 2025 10:55 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Sat, 06 Sep 2025 10:55 PM IST
सार
Asia Cup Hockey 2025: भारतीय डिफेंस ने आत्मविश्वास से खेलते हुए चीन को सेट होने का कोई अवसर नहीं दिया। कप्तान हरमनप्रीत और जर्मनप्रीत ने हाफ लाइन पर ही गेंद छीनकर फॉरवर्ड को मौके दिए। दूसरे क्वार्टर में मनदीप ने डिफ्लेक्शन से स्कोर 3-0 कर दिया और भारत पूरी तरह नियंत्रण में आ गया।
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योगेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजगीर के उमस भरे माहौल और दर्शकों की गूंज के बीच भारतीय हॉकी टीम ने चीन पर ऐसा दबदबा बनाया कि मैदान का हर कोना रोमांच से भर उठा। स्कोरबोर्ड पर दर्ज हुआ 7-0 का आंकड़ा सिर्फ जीत का प्रतीक नहीं था, बल्कि यह भारतीय हॉकी की ताकत, रणनीति और आत्मविश्वास का स्पष्ट संदेश था।
कोच क्रेग फल्टन की हाई प्रेसिंग रणनीति पहले क्वार्टर से ही रंग लाई। कप्तान हरमनप्रीत ने एक शानदार स्कूप से जर्मनप्रीत को बॉल डाली, जिसने शिलानंद लकड़ा को सटीक क्रॉस पास दिया। लकड़ा ने टूर्नामेंट का अपना पहला गोल करते हुए भारत को बढ़त दिलाई और दर्शकों का उत्साह दोगुना कर दिया। कुछ ही देर में हरमनप्रीत का जोरदार ड्रैग-फ्लिक गोलकीपर से टकराकर लौटा, जिस पर दिलप्रीत ने डिफ्लेक्ट कर स्कोर 2-0 कर दिया। इस दौरान अभिषेक लगातार विपक्षी डी में पैठ बनाते रहे और कई आक्रामक मूव तैयार किए। रिवर्स टॉमहॉक की सटीकता भले अभी सुधार की मांग करती हो, लेकिन उनकी सक्रियता टीम के लिए अमूल्य साबित हुई।
भारतीय डिफेंस ने आत्मविश्वास से खेलते हुए चीन को सेट होने का कोई अवसर नहीं दिया। कप्तान हरमनप्रीत और जर्मनप्रीत ने हाफ लाइन पर ही गेंद छीनकर फॉरवर्ड को मौके दिए। दूसरे क्वार्टर में मनदीप ने डिफ्लेक्शन से स्कोर 3-0 कर दिया और भारत पूरी तरह नियंत्रण में आ गया। तीसरे क्वार्टर में शिलानंद लकड़ा के पास पर राजकुमार पाल ने टैप कर चौथा गोल दागा। इसके तुरंत बाद सुखजीत ने गोल कर स्कोर 5-0 कर दिया। इस समय तक चीनी डिफेंस पूरी तरह टूट चुका था। अंतिम क्वार्टर में अभिषेक और सुखजीत की जुगलबंदी ने दो और गोल जोड़े और स्कोरलाइन 7-0 पर पहुंच गई।
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‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गए शिलानंद लकड़ा का खेल खास चर्चा में रहा। लंबे समय बाद किसी आदिवासी फॉरवर्ड का इतना असरदार प्रदर्शन देखने को मिला। भारतीय टीम का आत्मविश्वास इस कदर था कि रक्षक खिलाड़ी विपक्षी के 25 गज क्षेत्र तक जाकर टैकलिंग कर रहे थे। यही आत्मविश्वास इस टीम को खास बनाता है।
आंकड़े बताते हैं पूरी कहानी
• भारत ने 13 शॉट्स में से 7 को गोल में बदला, जबकि चीन केवल 1 शॉट तक सीमित रहा।
• सर्कल एंट्री: भारत 36, चीन 5।
• बॉल पजेशन: भारत 54%, चीन 46%।
• पेनल्टी कॉर्नर: भारत ने 3 में से 2 को बदला, चीन को एक भी अवसर नहीं मिला।
चीन की दीवार को तोड़ इस यह जीत केवल एक बड़ी बढ़त नहीं थी, बल्कि इसने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी। टीम हर मैच में अपनी गलतियों से सीख रही है और अगले मैच में बेहतर खेल दिखा रही है। यही किसी मजबूत टीम की पहचान होती है। अब भारत स्वर्ण पदक से सिर्फ एक कदम दूर है। गत विजेता कोरिया भारत की इस फॉर्म को देखकर जरूर चिंतित होगा।
दूसरी ओर, यह जीत आने वाले हॉकी विश्व कप (बेल्जियम और नीदरलैंड) के लिए भी भारत की मजबूत दावेदारी का संकेत है। आज खेले गए सुपर 4 के एक अन्य मुकाबले में गत विजेता कोरिया ने अपने अनुभव और दमदार खेल की बदौलत फार्म में चल रही पिछले उप विजेता मलेशिया को आज घुटने टेकने को मजबूर कर दिया। तीसरे और चौथे स्थान के लिए आज चीन का मलेशिया से होगा , जबकि पांचवें और छठे स्थान के लिए बांग्लादेश का मुकाबला जापान से होगा
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कोच क्रेग फल्टन की हाई प्रेसिंग रणनीति पहले क्वार्टर से ही रंग लाई। कप्तान हरमनप्रीत ने एक शानदार स्कूप से जर्मनप्रीत को बॉल डाली, जिसने शिलानंद लकड़ा को सटीक क्रॉस पास दिया। लकड़ा ने टूर्नामेंट का अपना पहला गोल करते हुए भारत को बढ़त दिलाई और दर्शकों का उत्साह दोगुना कर दिया। कुछ ही देर में हरमनप्रीत का जोरदार ड्रैग-फ्लिक गोलकीपर से टकराकर लौटा, जिस पर दिलप्रीत ने डिफ्लेक्ट कर स्कोर 2-0 कर दिया। इस दौरान अभिषेक लगातार विपक्षी डी में पैठ बनाते रहे और कई आक्रामक मूव तैयार किए। रिवर्स टॉमहॉक की सटीकता भले अभी सुधार की मांग करती हो, लेकिन उनकी सक्रियता टीम के लिए अमूल्य साबित हुई।
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भारतीय डिफेंस ने आत्मविश्वास से खेलते हुए चीन को सेट होने का कोई अवसर नहीं दिया। कप्तान हरमनप्रीत और जर्मनप्रीत ने हाफ लाइन पर ही गेंद छीनकर फॉरवर्ड को मौके दिए। दूसरे क्वार्टर में मनदीप ने डिफ्लेक्शन से स्कोर 3-0 कर दिया और भारत पूरी तरह नियंत्रण में आ गया। तीसरे क्वार्टर में शिलानंद लकड़ा के पास पर राजकुमार पाल ने टैप कर चौथा गोल दागा। इसके तुरंत बाद सुखजीत ने गोल कर स्कोर 5-0 कर दिया। इस समय तक चीनी डिफेंस पूरी तरह टूट चुका था। अंतिम क्वार्टर में अभिषेक और सुखजीत की जुगलबंदी ने दो और गोल जोड़े और स्कोरलाइन 7-0 पर पहुंच गई।
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‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गए शिलानंद लकड़ा का खेल खास चर्चा में रहा। लंबे समय बाद किसी आदिवासी फॉरवर्ड का इतना असरदार प्रदर्शन देखने को मिला। भारतीय टीम का आत्मविश्वास इस कदर था कि रक्षक खिलाड़ी विपक्षी के 25 गज क्षेत्र तक जाकर टैकलिंग कर रहे थे। यही आत्मविश्वास इस टीम को खास बनाता है।
आंकड़े बताते हैं पूरी कहानी
• भारत ने 13 शॉट्स में से 7 को गोल में बदला, जबकि चीन केवल 1 शॉट तक सीमित रहा।
• सर्कल एंट्री: भारत 36, चीन 5।
• बॉल पजेशन: भारत 54%, चीन 46%।
• पेनल्टी कॉर्नर: भारत ने 3 में से 2 को बदला, चीन को एक भी अवसर नहीं मिला।
चीन की दीवार को तोड़ इस यह जीत केवल एक बड़ी बढ़त नहीं थी, बल्कि इसने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी। टीम हर मैच में अपनी गलतियों से सीख रही है और अगले मैच में बेहतर खेल दिखा रही है। यही किसी मजबूत टीम की पहचान होती है। अब भारत स्वर्ण पदक से सिर्फ एक कदम दूर है। गत विजेता कोरिया भारत की इस फॉर्म को देखकर जरूर चिंतित होगा।
दूसरी ओर, यह जीत आने वाले हॉकी विश्व कप (बेल्जियम और नीदरलैंड) के लिए भी भारत की मजबूत दावेदारी का संकेत है। आज खेले गए सुपर 4 के एक अन्य मुकाबले में गत विजेता कोरिया ने अपने अनुभव और दमदार खेल की बदौलत फार्म में चल रही पिछले उप विजेता मलेशिया को आज घुटने टेकने को मजबूर कर दिया। तीसरे और चौथे स्थान के लिए आज चीन का मलेशिया से होगा , जबकि पांचवें और छठे स्थान के लिए बांग्लादेश का मुकाबला जापान से होगा