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Bihar: डिजिटल बिहार की ओर नीतीश सरकार का एक और कदम, शुरू की ये तीन बड़ी योजनाएं
Fri, 25 Jul 2025 02:47 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 25 Jul 2025 02:47 PM IST
सार
बिहार सरकार ने ई-गवर्नेंस और कर्मचारी कल्याण को सशक्त करने के लिए तीन बड़ी योजनाओं की शुरुआत की है। मुख्य सचिव की उपस्थिति में RTPS ऑनलाइन अपील एवं पुनरीक्षण पोर्टल, HRMS मोबाइल ऐप और संविदा कर्मियों के लिए ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस योजना लॉन्च की गई।
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बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की नई शुरुआत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नागरिक केंद्रित प्रशासन को सशक्त बनाने की दिशा में बिहार सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। आज बिहार के मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी (BPSMS) के माध्यम से कई डिजिटल प्लेटफॉर्म और पहलों का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम सचिवालय स्थित मीटिंग हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव सह मिशन निदेशक BPSMS, विभिन्न विभागों के सचिव, एनआईसी, एसबीआई और केपीएमजी के प्रतिनिधि सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
RTPS ऑनलाइन अपील एवं पुनरीक्षण पोर्टल का शुभारंभ
कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धि के रूप में RTPS ऑनलाइन अपील और पुनरीक्षण पोर्टल (https://rtpsappeal.bihar.gov.in) का उद्घाटन किया गया। यह पोर्टल बिहार लोक सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 के तहत नागरिकों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एक प्रभावी डिजिटल मंच प्रदान करता है। इसके माध्यम से लोग यदि किसी सेवा में विलंब या अस्वीकृति का सामना करते हैं तो ऑनलाइन अपील या पुनरीक्षण कर सकते हैं।
इस पोर्टल में पेपरलेस प्रोसेसिंग, डिजिटल हस्ताक्षर और रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं हैं जो पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करती हैं। मुख्य सचिव ने कहा, “तकनीक का उद्देश्य जनसेवा होना चाहिए और यह पोर्टल सुनिश्चित करता है कि सेवाओं की समय पर उपलब्धता केवल वादा न होकर एक व्यवहारिक हकीकत बने।”
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HRMS मोबाइल ऐप लॉन्च
सरकारी कर्मचारियों की सुविधा के लिए HRMS बिहार एंड्रॉयड मोबाइल ऐप का भी लॉन्च किया गया। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और इसके जरिए कर्मचारी छुट्टी के लिए आवेदन कर सकते हैं, अपनी सर्विस बुक देख सकते हैं, सेवा से संबंधित प्रविष्टियों को ट्रैक कर सकते हैं और आवश्यक सुधार के लिए दस्तावेज़ संलग्न कर अनुरोध भेज सकते हैं। ऐप का iOS संस्करण भी जल्द ही लॉन्च किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: मानसून सत्र के अंतिम दिन भी हंगामा, काले कपड़े पर भड़के नीतीश; राबड़ी ने पलटवार किया
इस मौके पर HRMS सिस्टम के फेज-2 मॉड्यूल की भी घोषणा की गई, जिसमें अनुशासनात्मक कार्यवाही, पेंशन, बीमा, पदोन्नति, प्रशिक्षण, और निकासी प्रबंधन जैसे आंतरिक प्रशासनिक कार्यों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इस अवसर पर ई-सर्विस बुक, कर्मचारी पंजीकरण और सेल्फ-सर्विस से जुड़ी गाइडबुक्स भी जारी की गईं।
संविदा कर्मियों के लिए ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस योजना
इस आयोजन का एक और मुख्य आकर्षण BPSMS और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर था। इसके तहत बिहार सरकार में कार्यरत 3,560 संविदा कर्मियों को ₹5 लाख तक का कैशलेस ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा। यह योजना 2,850 एक्जीक्यूटिव असिस्टेंट्स, 608 आईटी असिस्टेंट्स और 102 आईटी मैनेजर्स को कवर करेगी। ₹1.42 करोड़ का प्रीमियम (जीएसटी सहित) मिशन सोसाइटी द्वारा वहन किया जाएगा और MoU तीन वर्षों के लिए मान्य रहेगा।
यह योजना पहले दिन से प्रभावी होगी और इसमें पूर्व-रोग स्थितियों, प्रसव देखभाल (₹20,000 सामान्य और ₹50,000 सी-सेक्शन), आयुष इलाज, ICU देखभाल, और 30 दिन पूर्व व 60 दिन बाद के हॉस्पिटल खर्च भी शामिल हैं। इसमें देशभर के 17,500 से अधिक अस्पताल, पटना के 185 और बिहार के 375 अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही एक 24x7 क्लेम सपोर्ट टीम, एक घंटे में प्री-अप्रूवल और तीन घंटे में डिस्चार्ज स्वीकृति की सुविधा भी दी गई है।
विकास आयुक्त ने बताया यह पहल संविदा कर्मियों के लिए वरदान
बिहार के विकास आयुक्त ने कहा, “यह पहल संविदा कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। तकनीक आधारित प्लेटफॉर्म प्रशासन में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और कुशलता को बढ़ावा देते हैं।” इन पहलों के माध्यम से बिहार सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस, कर्मचारी कल्याण और नागरिक सशक्तिकरण की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। BPSMS राज्य में समावेशी, उत्तरदायी और आधुनिक प्रशासन के विज़न को मजबूत कर रहा है।
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RTPS ऑनलाइन अपील एवं पुनरीक्षण पोर्टल का शुभारंभ
कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धि के रूप में RTPS ऑनलाइन अपील और पुनरीक्षण पोर्टल (https://rtpsappeal.bihar.gov.in) का उद्घाटन किया गया। यह पोर्टल बिहार लोक सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 के तहत नागरिकों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एक प्रभावी डिजिटल मंच प्रदान करता है। इसके माध्यम से लोग यदि किसी सेवा में विलंब या अस्वीकृति का सामना करते हैं तो ऑनलाइन अपील या पुनरीक्षण कर सकते हैं।
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इस पोर्टल में पेपरलेस प्रोसेसिंग, डिजिटल हस्ताक्षर और रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं हैं जो पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करती हैं। मुख्य सचिव ने कहा, “तकनीक का उद्देश्य जनसेवा होना चाहिए और यह पोर्टल सुनिश्चित करता है कि सेवाओं की समय पर उपलब्धता केवल वादा न होकर एक व्यवहारिक हकीकत बने।”
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HRMS मोबाइल ऐप लॉन्च
सरकारी कर्मचारियों की सुविधा के लिए HRMS बिहार एंड्रॉयड मोबाइल ऐप का भी लॉन्च किया गया। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और इसके जरिए कर्मचारी छुट्टी के लिए आवेदन कर सकते हैं, अपनी सर्विस बुक देख सकते हैं, सेवा से संबंधित प्रविष्टियों को ट्रैक कर सकते हैं और आवश्यक सुधार के लिए दस्तावेज़ संलग्न कर अनुरोध भेज सकते हैं। ऐप का iOS संस्करण भी जल्द ही लॉन्च किया जाएगा।
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इस मौके पर HRMS सिस्टम के फेज-2 मॉड्यूल की भी घोषणा की गई, जिसमें अनुशासनात्मक कार्यवाही, पेंशन, बीमा, पदोन्नति, प्रशिक्षण, और निकासी प्रबंधन जैसे आंतरिक प्रशासनिक कार्यों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इस अवसर पर ई-सर्विस बुक, कर्मचारी पंजीकरण और सेल्फ-सर्विस से जुड़ी गाइडबुक्स भी जारी की गईं।
संविदा कर्मियों के लिए ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस योजना
इस आयोजन का एक और मुख्य आकर्षण BPSMS और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर था। इसके तहत बिहार सरकार में कार्यरत 3,560 संविदा कर्मियों को ₹5 लाख तक का कैशलेस ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा। यह योजना 2,850 एक्जीक्यूटिव असिस्टेंट्स, 608 आईटी असिस्टेंट्स और 102 आईटी मैनेजर्स को कवर करेगी। ₹1.42 करोड़ का प्रीमियम (जीएसटी सहित) मिशन सोसाइटी द्वारा वहन किया जाएगा और MoU तीन वर्षों के लिए मान्य रहेगा।
यह योजना पहले दिन से प्रभावी होगी और इसमें पूर्व-रोग स्थितियों, प्रसव देखभाल (₹20,000 सामान्य और ₹50,000 सी-सेक्शन), आयुष इलाज, ICU देखभाल, और 30 दिन पूर्व व 60 दिन बाद के हॉस्पिटल खर्च भी शामिल हैं। इसमें देशभर के 17,500 से अधिक अस्पताल, पटना के 185 और बिहार के 375 अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही एक 24x7 क्लेम सपोर्ट टीम, एक घंटे में प्री-अप्रूवल और तीन घंटे में डिस्चार्ज स्वीकृति की सुविधा भी दी गई है।
विकास आयुक्त ने बताया यह पहल संविदा कर्मियों के लिए वरदान
बिहार के विकास आयुक्त ने कहा, “यह पहल संविदा कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। तकनीक आधारित प्लेटफॉर्म प्रशासन में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और कुशलता को बढ़ावा देते हैं।” इन पहलों के माध्यम से बिहार सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस, कर्मचारी कल्याण और नागरिक सशक्तिकरण की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। BPSMS राज्य में समावेशी, उत्तरदायी और आधुनिक प्रशासन के विज़न को मजबूत कर रहा है।