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Hindi News ›   Bihar ›   nominated seats of bihar legislative council is empty from nine months

बिहार में कहीं प्रतिभा की कमी तो नहीं...

Wed, 06 Mar 2013 11:21 AM IST
पटना/अतुल बरतरिया
पटना/अतुल बरतरिया Updated Wed, 06 Mar 2013 11:21 AM IST
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nominated seats of bihar legislative council is empty from nine months

बिहार विधान परिषद में मनोनीत सदस्यों के एक दर्जन पद पिछले नौ महीने से खाली चल रहे हैं। भले ही इसके पीछे सियासी खेल हो, लेकिन इससे संदेश यही जा रहा है कि बिहार में प्रतिभाओं की कमी होती जा रही है।  

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28 मार्च-1936 को गठित इस परिषद के लिए 90 सदस्य तय किए गए। सन् 2000 में झारखंड अलग राज्य बना तो सदस्यों की संख्या घटकर 75 रह गई। इनमें से 63 सदस्यों का निर्वाचन स्नातक, शिक्षक, स्थानीय निकाय और विधानसभा सदस्यों द्वारा किया जाता है। 12 सदस्यों का मनोनयन सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल के अनुमोदन से होता है।
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व्यवस्था के तहत समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान करने वालों को परिषद में मनोनीत किया जाता है। इसके पीछे संविधान निर्माताओं की मंशा इन प्रतिभाओं को सम्मान देने के साथ ही उनके अनुभव का लाभ लेकर व्यवस्था में सुधार करने की थी।  
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बिहार विधान परिषद में इन मनोनीत होने वाले सदस्यों के सभी 12 पद खाली है। बताया जा रहा है कि पिछली बार मनोनीत सदस्यों का कार्यकाल मई-2012 में पूरा हो चुका है। इसके बाद से ही ये पद रिक्त चल रहे है। नौ माह बीतने के बाद भी अभी तक इस दिशा में काम तक शुरू नहीं किया जा सका है।

भले ही इसके इसके पीछे सियासत का छिपा खेल ही अपनी भूमिका अदा कर रहा हो, लेकिन इसका सही संदेश नहीं जा रहा है। इस मसले पर कोई भी सियासी दल अपनी जुबां खोलने को तैयार नहीं है।  

राजभवन से मतभेद ही वजह तो नहीं  
ताजा हालात में सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि मनोनयन न हो पाने के पीछे सरकार और राजभवन के बीच उपजे मतभेद ही तो इसकी वजह नहीं है। दरअसल, मनोनयन का प्रस्ताव सरकार की ओर से तैयार होता है और राजभवन उस पर अपनी मुहर लगाता है।


सूबे के विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर राजभवन और सरकार के बीच का विवाद हाईकोर्ट तक जा चुका है। ऐसे में माना यही जा रहा है कि मनोनयन की प्रक्रिया शुरू होने पर दोनों के बीच मतभेद और गहरा सकते हैं। इसी से बचने के लिए इस प्रक्रिया को शुरू नहीं किया जा रहा है।    

संविधान में इस बात की कोई व्यवस्था नहीं है कि मनोनीत सदस्य का पद कब तक रिक्त रह सकता है। इस मामले में सरकार की ओर से ही पहल होनी है।
- अवधेश नारायण सिंह, सभापति, बिहार विधान परिषद  

ये पद मई-12 से रिक्त चल रहे हैं। उनकी जानकारी के मुताबिक मनोनयन की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो सकी है।
- प्रभात कुमार झा, सचिव, विधान परिषद  

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