इंडियन रेलवे: राजेंद्र पुल पर 14 दिन का मेगा ब्लॉक, 47 ट्रेनें रद्द; सैकड़ों का बदलेगा रूट
गंगा पर बने नए राजेंद्र रेल पुल को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए मोकामा में 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक प्री-एनआई और एनआई कार्य होगा। इस दौरान 47 ट्रेनें रद्द रहेंगी, 384 ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा, 56 ट्रेनों का आंशिक समापन और 67 ट्रेनों का आंशिक प्रारंभ किया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गंगा पर बने नए राजेंद्र रेल पुल को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए मोकामा में रेलवे का बड़ा ऑपरेशन शुरू होने जा रहा है। 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलने वाले प्री-एनआई और एनआई कार्य के कारण इस रेलखंड पर रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित रहेगा। रेलवे ने इस दौरान 47 ट्रेनों को रद्द करने, 384 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने के साथ-साथ कई ट्रेनों को रास्ते में ही समाप्त अथवा वहीं से प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। कुल मिलाकर 845 ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने की जानकारी है।
इस मेगा ब्लॉक का सबसे ज्यादा असर उत्तर बिहार के यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। बेगूसराय, बरौनी, मोकामा, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, सहरसा, भागलपुर और पटना की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांचनी होगी।
उत्तर बिहार के यात्रियों के लिए बड़ा रेल संकट
राजेंद्र रेल पुल पर होने वाले इस मेगा ब्लॉक के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन अलग-अलग तिथियों में प्रभावित रहेगा। जयनगर-पटना, सहरसा-राजेंद्रनगर, हावड़ा-जयनगर और भागलपुर-मुजफ्फरपुर जैसी प्रमुख ट्रेनों पर भी इसका असर पड़ेगा।
रेलवे की विस्तृत योजना के अनुसार अलग-अलग दिनों में ट्रेनों को रद्द करने के साथ उनके मार्ग में भी बदलाव किया जाएगा। इस दौरान 384 ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी। इसके अलावा 56 ट्रेनों का आंशिक समापन और 67 ट्रेनों का आंशिक प्रारंभ किया जाएगा। इस तरह 21 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच कुल 845 ट्रेन सेवाओं के प्रभावित होने की जानकारी दी गई है।
3 अक्टूबर को सबसे ज्यादा ट्रेनें प्रभावित
रेलवे के जारी कार्यक्रम के मुताबिक 3 अक्टूबर को सबसे ज्यादा 36 ट्रेनें रद्द रहेंगी। इसके अलावा 1 और 2 अक्टूबर को भी बड़ी संख्या में ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। त्योहारी सीजन में इस मेगा ब्लॉक का असर यात्रियों की परेशानी बढ़ा सकता है। दशहरा और अन्य त्योहारों के आसपास घर लौटने या दूसरे शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को ट्रेनों के रद्द होने या मार्ग बदलने के कारण वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करनी पड़ सकती है।
नया डबल रेल पुल शुरू होने के बाद बढ़ेगी क्षमता
मोकामा और बरौनी के बीच गंगा पर बने मौजूदा राजेंद्र रेल पुल से फिलहाल सिंगल लाइन के जरिए रेल परिचालन होता है। इसके समानांतर नया रेल पुल तैयार किया गया है, जिस पर डबल लाइन की सुविधा होगी। अब नए पुल को मुख्य रेल लाइन से जोड़ने का काम किया जाना है। प्री-एनआई और एनआई कार्य पूरा होने के बाद नए डबल रेल पुल के जरिए इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर रेल परिचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। इससे भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जरूर जांचें
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि 21 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच यात्रा करने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें। इस अवधि में किसी ट्रेन के रद्द होने, मार्ग बदलने या आंशिक रूप से चलने की स्थिति में यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनानी होगी।
एक तरफ रेलवे गंगा पर नए डबल रेल पुल को मुख्य नेटवर्क से जोड़कर रेल क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ करीब दो सप्ताह तक चलने वाला यह मेगा ब्लॉक उत्तर बिहार के रेल यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। खासकर त्योहारों के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट और ट्रेन के निर्धारित समय के साथ-साथ परिचालन में होने वाले बदलावों पर भी नजर रखनी होगी।