Swatantrata Diwas 2024: मंत्री जनकराम बोले- पश्चिम चंपारण वह जिला है, जहां से स्वतंत्रता संग्राम का शंखनाद हुआ
स्वतंत्रता दिवस समारोह का प्रसारण फेसबुक लाइव के माध्यम से किया गया, जिसे जिलेवासियों ने देखा और सुना। फेसबुक लाइव एनआईसी, सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय और पश्चिम चंपारण के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
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बेतिया जिले में 78वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया गया। आन-बान-शान से समूचे जिले में प्यारा तिरंगा लहराया। मुख्य समारोह स्थल महाराजा स्टेडियम, बेतिया में जनकराम, माननीय मंत्री, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग बिहार सरकार सह प्रभारी मंत्री, पश्चिम चंपारण, बेतिया द्वारा सुबह नौ बजे झंडोत्तोलन किया गया। माननीय मंत्री द्वारा परेड का निरीक्षण भी किया गया। इसके साथ ही माननीय मंत्री की उपस्थिति में बसवरिया टोला में अवस्थित महादलित टोला में श्री रामदेव राम ने झंडोत्तोलन किया। इस अवसर पर गणमान्य व्यक्ति सहित महादलित टोला के निवासी उपस्थित रहे।
समाहरणालय परिसर में जिलाधिकारी, दिनेश कुमार राय, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण कार्यालय परिसर में उप विकास आयुक्त, प्रतिभा रानी, पुलिस अधीक्षक, बेतिया के कार्यालय परिसर में पुलिस अधीक्षक, अमरकेश डी, अनुमंडल कार्यालय परिसर में एसडीएम, बेतिया, विनोद कुमार द्वारा झंडोत्तोलन किया गया। साथ ही जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, महादलित बस्तियों आदि में हर्ष एवं उल्लास के साथ झंडोत्तोलन कार्यक्रम संपन्न हुआ।
विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित उपलब्धियों को साझा किया गया
मुख्य समारोह स्थल महाराजा स्टेडियम में झंडोत्तोलन के उपरांत माननीय प्रभारी मंत्री द्वारा जिले में क्रियान्वित विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित उपलब्धियों को साझा किया गया। माननीय प्रभारी मंत्री ने कहा कि आज ही के दिन साल 1947 में हमारा देश आजाद हुआ। पश्चिम चंपारण वह जिला है, जहां से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का शंखनाद हुआ। आज उसी भूमि पर राष्ट्रीय झण्डोत्तोलन करते हुए मैं अपार हर्ष का अनुभव कर रहा हूं। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के समग्र इतिहास में पश्चिम चंपारण जिला का अतुलनीय योगदान रहा है। अगस्त, 1942 में महात्मा गांधी के ’करो या मरो’ के आह्वान पर 24 अगस्त, 1942 को बेतिया में लगभग 10,000 (दस हजार) निहत्थे प्रदर्शनकारियों ने अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ो का नारा बुलंद किया था। इस शुभ अवसर पर सभी स्वतंत्रता सेनानी, महान सपूत, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपने जीवन का बलिदान दिया, उन्हें मैं नमन करता हूं।
अब तक कुल 5,900 परिवारों को स्थाई रोजगार के साधन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी एवं सर्वजन हिताय, दृढ़ संकल्पित सात निश्चय योजनाओं का क्रियान्वयन जिले में सफलतापूर्वक किया जा रहा है। सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत अब तक कुल 5900 (पांच हजार नौ सौ) परिवारों को स्थाई रोजगार के साधन उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। पश्चिम चंपारण जिलान्तर्गत 18 प्रखण्डों में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान की 17 (सत्रह) योजनाएं एवं 4026 (चार हजार, छब्बीस) आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना एवं पूरक पोषाहार योजना में जिला आईसीडीएस कार्यालय द्वारा उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं।
कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को 14,89,50,000 (चौदह करोड़, नवासी लाख, पचास हजार) रुपये का भुगतान
उन्होंने कहा कि हर खेत सिंचाई योजना अन्तर्गत कुल 83,874 हेक्टेयर (तिरासी हजार, आठ सौ, चौहत्तर हेक्टेयर) सिंचाई क्षमता का विकास किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 4,530 (चार हजार पांच सौ तीस) सोलर स्ट्रीट लाइट का अधिष्ठापन किया गया है। जिला आपदा कार्यालय द्वारा नदी/तालाबों/नहरों/वज्रपात से इस वित्तीय वर्ष में मृत 19 (उन्नीस) व्यक्तियों को आश्रितों के बीच चार लाख रुपये की दर से कुल 76,00,000 (छिहत्तर लाख) रुपये का भुगतान किया जा चुका है। कोविड-19 से मृत कुल 331 व्यक्तियों के आश्रितों को 4,50,000 (चार लाख पचास हजार) रुपये की दर से अनुग्रह अनुदान के रूप में कुल 14,89,50,000 (चौदह करोड़ नवासी लाख पचास हजार) रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
पश्चिम चंपारण जिला प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक रूप से प्रसिद्ध
उन्होंने कहा कि पश्चिम चंपारण जिला प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक रूप से प्रसिद्ध रहा है। वर्तमान में पर्यटन के क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। अमवा मन को गेट-वे ऑफ पश्चिम चंपारण के रूप में विकसित किया गया है, जो एक मनोरम प्राकृतिक जलाशय है। इसके साथ ही पश्चिम चंपारण जिले के प्रसिद्ध मर्चा चूड़ा को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है, जिसके कारण चंपारण को एक वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व/उदयपुर पक्षी विहार, हजारीमल धर्मशाला, वृंदावन आश्रम, सिद्धपीठ पुजहां पटजिरवा माई स्थान, बैरिया, सरेयामन उदयपुर (जंगल), सनकहिया माई स्थान, बैरिया, खड्डा माई स्थान, नौतन, दुर्गा स्थान, बेतिया, नंदनगढ़, लौरिया, सोमेश्वर पहाड़ी, रामनगर जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को आधारभूत सुविधाओं से युक्त करते हुए परिवहन के विभिन्न माध्यमों से जोड़ा जा रहा है, जो पश्चिम चंपारण को बिहार ही नहीं, बल्कि भारत में एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में बढ़ता हुआ कदम है।
माननीय मंत्री ने कहा कि आज इस पुनीत एवं महान अवसर पर हम समाज के सभी धर्मों, सम्प्रदायों, वर्गों, जातियों के लोगों का आह्वान करते हैं कि देश और राज्य को आगे बढ़ाने में हम सब मिल जुलकर काम करें एवं सतत जागरूक रहकर भ्रष्टाचार एवं अपराध मुक्त एक स्वस्थ एवं समृद्ध देश के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दें। विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिले के लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।