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बिहार: हथौड़े-झंडे लेकर रेलवे ट्रैक पर घूम रहे महाराष्ट्र के दो युवक गिरफ्तार; साजिश या कोई और खेल?
Wed, 26 Aug 2026 12:04 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिम चंपारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिम चंपारण
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 12:04 PM IST
सार
Bihar News: पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज-बेतिया रेलखंड पर मुसहरवा हाल्ट के पास आरपीएफ ने दो संदिग्ध फर्जी ट्रैकमैन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से फर्जी आई-कार्ड, हथौड़ा, झंडियां और अन्य सामान बरामद हुए।
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रेलवे ट्रैक पर घूम रहे 2 फर्जी ट्रैकमैन को आरपीएफ ने किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नरकटियागंज-बेतिया रेलखंड के मुसहरवा हाल्ट के पास रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध रूप से घूम रहे दो फर्जी ट्रैकमैन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनका एक साथी मौके से फरार हो गया। आरोपियों के पास से फर्जी आई-कार्ड समेत रेलवे ट्रैक से संबंधित सामान बरामद किया गया है।
हथौड़ा और झंडियां लेकर ट्रैक पर घूम रहे थे युवक
नरकटियागंज आरपीएफ पोस्ट कमांडर ऋतुराज कश्यप ने बताया कि पीडब्ल्यूआई बेतिया के माध्यम से की-मैन शिवपूजन साह ने सूचना दी कि मुसहरवा हाल्ट के पास तीन व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में हाथ में हथौड़ा, फ्लैग एवं बांस की पट्टी लेकर रेलवे ट्रैक पर घूम रहे हैं। सूचना के बाद आरपीएफ टीम मौके पर पहुंची और दो युवकों को पकड़ लिया, जबकि तीसरा फरार हो गया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपुर थाना क्षेत्र निवासी कुणाल आनंद (21) और महाराष्ट्र के जलगांव जिले के शिरूद्ध गांव निवासी दिनेश बारकू धनगर (23) के रूप में हुई है। फरार आरोपी की पहचान शिरूद्ध गांव निवासी आदित्य महादु पाटील के रूप में हुई है।
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तलाशी में मिले फर्जी आई-कार्ड और रेलवे का सामान
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से समस्तीपुर के सीनियर डीपीओ के हस्ताक्षर वाला आई-कार्ड बरामद हुआ। इसके अलावा रेल मंत्रालय के नाम से बने कथित फर्जी आई-कार्ड, करीब चार किलो का हथौड़ा, लाल-हरा फ्लैग, बांस की पट्टियां और मोबाइल फोन भी मिले।
10-10 लाख रुपये लेकर नौकरी का दावा
पूछताछ में दोनों युवकों ने दावा किया कि समस्तीपुर निवासी शैलेंद्र सिंह ने स्पेशल स्पोर्ट्स कोटा से रेलवे में ट्रैकमैन की नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 10-10 लाख रुपये लिए थे। उन्होंने बताया कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक आरा रेलवे स्टेशन के पास करीब तीन महीने की ट्रेनिंग दी गई थी। उनके अनुसार, ट्रेनिंग में कुल 22 युवक शामिल थे।
नरकटियागंज में ड्यूटी की मिली थी जानकारी
पकड़े गए युवकों के अनुसार, उन्हें फोन पर नरकटियागंज में ड्यूटी लगाए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उन्हें मुसहरवा हाल्ट की ओर रेलवे ट्रैक का सर्वे करने के लिए भेजा गया था। रेलवे अधिकारियों से सत्यापन कराने पर दोनों के पास मिले आई-कार्ड फर्जी पाए गए। साथ ही यह भी सामने आया कि रेलवे में इस तरह ट्रैकमैन की कोई भर्ती नहीं की गई थी।
यह भी पढ़ें: बिहार में रफ्तार का कहर: कीर्तन कर रहे लोगों को कार ने कुचला, पांच की मौत; एक की हालत नाजुक
रेल थाने में केस दर्ज, जांच का दायरा बढ़ेगा
आरपीएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद हथौड़ा, आई-कार्ड, बांस की पट्टियां, लाल और हरे रंग की दो झंडियां तथा मोबाइल फोन जब्त कर उन्हें राजकीय रेल थाना नरकटियागंज को सौंप दिया। मामले में रेल थाने में कांड संख्या 41/26 दर्ज किया गया है। अब जांच कथित तौर पर भर्ती कराने वाले लोगों और ट्रेनिंग लेने वाले अन्य युवकों तक बढ़ सकती है।
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हथौड़ा और झंडियां लेकर ट्रैक पर घूम रहे थे युवक
नरकटियागंज आरपीएफ पोस्ट कमांडर ऋतुराज कश्यप ने बताया कि पीडब्ल्यूआई बेतिया के माध्यम से की-मैन शिवपूजन साह ने सूचना दी कि मुसहरवा हाल्ट के पास तीन व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में हाथ में हथौड़ा, फ्लैग एवं बांस की पट्टी लेकर रेलवे ट्रैक पर घूम रहे हैं। सूचना के बाद आरपीएफ टीम मौके पर पहुंची और दो युवकों को पकड़ लिया, जबकि तीसरा फरार हो गया।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपुर थाना क्षेत्र निवासी कुणाल आनंद (21) और महाराष्ट्र के जलगांव जिले के शिरूद्ध गांव निवासी दिनेश बारकू धनगर (23) के रूप में हुई है। फरार आरोपी की पहचान शिरूद्ध गांव निवासी आदित्य महादु पाटील के रूप में हुई है।
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तलाशी में मिले फर्जी आई-कार्ड और रेलवे का सामान
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से समस्तीपुर के सीनियर डीपीओ के हस्ताक्षर वाला आई-कार्ड बरामद हुआ। इसके अलावा रेल मंत्रालय के नाम से बने कथित फर्जी आई-कार्ड, करीब चार किलो का हथौड़ा, लाल-हरा फ्लैग, बांस की पट्टियां और मोबाइल फोन भी मिले।
10-10 लाख रुपये लेकर नौकरी का दावा
पूछताछ में दोनों युवकों ने दावा किया कि समस्तीपुर निवासी शैलेंद्र सिंह ने स्पेशल स्पोर्ट्स कोटा से रेलवे में ट्रैकमैन की नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 10-10 लाख रुपये लिए थे। उन्होंने बताया कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक आरा रेलवे स्टेशन के पास करीब तीन महीने की ट्रेनिंग दी गई थी। उनके अनुसार, ट्रेनिंग में कुल 22 युवक शामिल थे।
नरकटियागंज में ड्यूटी की मिली थी जानकारी
पकड़े गए युवकों के अनुसार, उन्हें फोन पर नरकटियागंज में ड्यूटी लगाए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उन्हें मुसहरवा हाल्ट की ओर रेलवे ट्रैक का सर्वे करने के लिए भेजा गया था। रेलवे अधिकारियों से सत्यापन कराने पर दोनों के पास मिले आई-कार्ड फर्जी पाए गए। साथ ही यह भी सामने आया कि रेलवे में इस तरह ट्रैकमैन की कोई भर्ती नहीं की गई थी।
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रेल थाने में केस दर्ज, जांच का दायरा बढ़ेगा
आरपीएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद हथौड़ा, आई-कार्ड, बांस की पट्टियां, लाल और हरे रंग की दो झंडियां तथा मोबाइल फोन जब्त कर उन्हें राजकीय रेल थाना नरकटियागंज को सौंप दिया। मामले में रेल थाने में कांड संख्या 41/26 दर्ज किया गया है। अब जांच कथित तौर पर भर्ती कराने वाले लोगों और ट्रेनिंग लेने वाले अन्य युवकों तक बढ़ सकती है।