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Bihar: लंबे इंतजार के बाद राहत! चीन के डिटेंशन सेंटर में कैद अफसर से मिलेंगे अधिकारी, मां की गुहार लाई रंग
Sat, 08 Aug 2026 11:58 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 11:58 AM IST
सार
चीन के शंघाई स्थित डिटेंशन सेंटर में पिछले कई महीनों से बंद मुजफ्फरपुर के मर्चेंट नेवी अधिकारी यश सिंह से 13 अगस्त 2026 को भारतीय अधिकारी मुलाकात करेंगे। चीन सरकार के अनुरोध पर भारतीय अधिकारियों को कांसुलर एक्सेस की अनुमति मिल गई है।
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चीन में कैद भारतीय युवा
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
चीन के शंघाई में पिछले कई महीनों से वहां के डिटेंशन सेंटर में बंद बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के रहने वाले मर्चेंट नेवी अधिकारी यश सिंह से मुलाकात के लिए भारतीय अधिकारियों को कांसुलर एक्सेस की तारीख मिल गई है। अब 13 अगस्त 2026 को भारतीय अधिकारी यश सिंह से मुलाकात करेंगे। इस संबंध में चीन की सरकार से किए गए अनुरोध के बाद आखिरकार अनुमति मिल गई है।
बता दें कि, पिछले कई महीनों से चीन के डिटेंशन सेंटर में कैद यश सिंह को लेकर उनकी मां ने सरकार से लेकर कंपनी और अन्य अधिकारियों तक गुहार लगाई थी। इस मामले में यश सिंह की मां ने बताया कि वह बेहद बीमार हैं और उनका सिर्फ एक बेटा है। उसे देखे और सुने हुए कई महीने हो गए हैं। इसके बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय से लेकर मुजफ्फरपुर के सांसद तक से गुहार लगाई थी। अब जाकर उनकी पहल रंग लाई है।
28 फरवरी को हुई थी आखिरी बातचीत
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को यश सिंह की आखिरी बार अपनी मां से बात हुई थी। तब यश सिंह ने बताया था कि जहाज मरम्मत के लिए चीन के शंघाई के जियांग्सू पोर्ट पर रुका हुआ है। उसी दिन उसे अपनी पुरानी कंपनी से कुछ बकाया भुगतान मिला था। वहीं, काम के लिए निकलने की बात भी उसने बताई थी। यश ने इस दौरान बताया था कि उसके साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और दूसरे देशों के कई साथी भी काम करते हैं। सभी पार्टी की बात कर रहे हैं। उसने कहा था कि शाम को सबको पार्टी दूंगा। इसके बाद हमारी बात खत्म हो गई।
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शंघाई शहर में हुआ था विवाद
परिजनों के अनुसार, उसी शाम यश अपने कुछ विदेशी सहयोगियों के साथ शंघाई शहर के एक रेस्टोरेंट गया था और फिर वहीं किसी स्थानीय व्यक्ति से उसका विवाद हो गया। विवाद किस कारण हुआ था, इसकी जानकारी परिवार को आज तक नहीं मिल सकी है। लेकिन इसी घटना के बाद चीनी पुलिस ने यश को हिरासत में ले लिया। सीमा सिंह ने बताया कि 3 मार्च 2026 को मुंबई स्थित कंपनी कार्यालय से ई-मेल के जरिए गिरफ्तारी की सूचना दी गई। इसके बाद से परिवार लगातार उसकी रिहाई के प्रयास में लगा है।
ये भी पढ़ें- 'पहली शादी छुपाकर रचाया दूसरा ब्याह', दो पत्नियों के आमने-सामने आते ही मचा बवाल; बीच-बचाव करता रहा पति
करीब एक वर्ष पहले, सितंबर 2025 में उसने नई शिपिंग कंपनी एमएससी ज्वाइन की थी, जहां वह अधिकारी के रूप में कार्यरत था। वह इसी कंपनी के जहाज MSC Sheffield-II पर तैनात था, जो फरवरी 2026 में तकनीकी खराबी के कारण चीन के जियांग्सू बंदरगाह पर मरम्मत के लिए रुका हुआ था। इसके बाद ही कुछ घटना हुई और बेटे से फिर कभी बात नहीं हो पाई।
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बता दें कि, पिछले कई महीनों से चीन के डिटेंशन सेंटर में कैद यश सिंह को लेकर उनकी मां ने सरकार से लेकर कंपनी और अन्य अधिकारियों तक गुहार लगाई थी। इस मामले में यश सिंह की मां ने बताया कि वह बेहद बीमार हैं और उनका सिर्फ एक बेटा है। उसे देखे और सुने हुए कई महीने हो गए हैं। इसके बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय से लेकर मुजफ्फरपुर के सांसद तक से गुहार लगाई थी। अब जाकर उनकी पहल रंग लाई है।
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28 फरवरी को हुई थी आखिरी बातचीत
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को यश सिंह की आखिरी बार अपनी मां से बात हुई थी। तब यश सिंह ने बताया था कि जहाज मरम्मत के लिए चीन के शंघाई के जियांग्सू पोर्ट पर रुका हुआ है। उसी दिन उसे अपनी पुरानी कंपनी से कुछ बकाया भुगतान मिला था। वहीं, काम के लिए निकलने की बात भी उसने बताई थी। यश ने इस दौरान बताया था कि उसके साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और दूसरे देशों के कई साथी भी काम करते हैं। सभी पार्टी की बात कर रहे हैं। उसने कहा था कि शाम को सबको पार्टी दूंगा। इसके बाद हमारी बात खत्म हो गई।
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शंघाई शहर में हुआ था विवाद
परिजनों के अनुसार, उसी शाम यश अपने कुछ विदेशी सहयोगियों के साथ शंघाई शहर के एक रेस्टोरेंट गया था और फिर वहीं किसी स्थानीय व्यक्ति से उसका विवाद हो गया। विवाद किस कारण हुआ था, इसकी जानकारी परिवार को आज तक नहीं मिल सकी है। लेकिन इसी घटना के बाद चीनी पुलिस ने यश को हिरासत में ले लिया। सीमा सिंह ने बताया कि 3 मार्च 2026 को मुंबई स्थित कंपनी कार्यालय से ई-मेल के जरिए गिरफ्तारी की सूचना दी गई। इसके बाद से परिवार लगातार उसकी रिहाई के प्रयास में लगा है।
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करीब एक वर्ष पहले, सितंबर 2025 में उसने नई शिपिंग कंपनी एमएससी ज्वाइन की थी, जहां वह अधिकारी के रूप में कार्यरत था। वह इसी कंपनी के जहाज MSC Sheffield-II पर तैनात था, जो फरवरी 2026 में तकनीकी खराबी के कारण चीन के जियांग्सू बंदरगाह पर मरम्मत के लिए रुका हुआ था। इसके बाद ही कुछ घटना हुई और बेटे से फिर कभी बात नहीं हो पाई।