Bihar: नीतीश सरकार की कैबिनेट का बड़ा फैसला, हाजीपुर केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि स्थानांतरण को दी मंजूरी
Bihar: डीएम द्वारा गंगा पुल परियोजना की अर्जित भूमि को चिन्हित कर भवन निर्माण के लिए विभागीय समिति का प्रस्ताव 31 जनवरी 2025 को पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव को भेजा गया था। इस पर विभाग ने 16 अप्रैल को अपनी स्वीकृति दे दी। इसके साथ ही केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया।
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हाजीपुर के केंद्रीय विद्यालय को अब अपना भवन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग ने गंगा पुल परियोजना के लिए अर्जित भूमि में से चार एकड़ भूमि को केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण के लिए निशुल्क हस्तांतरित करने की सहमति दे दी है। जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से यह भूमि उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में लंबे समय से केंद्रीय विद्यालय के अपने भवन का जो इंतजार था, वह अब समाप्त होने वाला है।
फिलहाल केंद्रीय विद्यालय, हाजीपुर में डायट, दिग्घी के पुराने भवन में संचालित हो रहा है। अब सर्किट हाउस के सामने होटल मैनेजमेंट संस्थान के बगल में चार एकड़ भूमि पर नया भवन बनेगा। इस निशुल्क भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान कर दी है। पथ निर्माण विभाग ने अपनी विभागीय सहमति से इस आशय की जानकारी जिला पदाधिकारी (डीएम) को दे दी है। अब समाहर्ता स्तर से भूमि हस्तांतरण का आदेश जारी होना शेष है।
गौरतलब है कि वर्ष 2003 में हाजीपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हुई थी, लेकिन भवन के अभाव में इसे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), दिग्घी के परिसर में ही संचालित किया जा रहा था। पिछले कई वर्षों से विद्यालय के अपने भवन के निर्माण के लिए प्रयास किए जा रहे थे, परंतु गंभीर पहल हाल के वर्षों में सांसद, विधायक और जिला प्रशासन के सामूहिक प्रयास से हुई।
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डीएम द्वारा गंगा पुल परियोजना की अर्जित भूमि को चिन्हित कर भवन निर्माण के लिए विभागीय समिति का प्रस्ताव 31 जनवरी 2025 को पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव को भेजा गया था। इस पर विभाग ने 16 अप्रैल को अपनी स्वीकृति दे दी। इसके साथ ही केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया।
डायट, दिग्घी के भवन की स्थिति कुछ महीने पहले तक काफी जर्जर थी। स्थिति ऐसी थी कि कक्षा 1 से 4 तक की पढ़ाई बंद करनी पड़ी थी और नामांकन भी रोक दिया गया था। लेकिन जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल से भवन का जीर्णोद्धार कराया गया। अब 2025-26 सत्र से कक्षा 1 से 4 तक में नामांकन भी शुरू कर दिया गया है और कक्षाएं नियमित रूप से चल रही हैं।
वैशाली जिले के एकमात्र केंद्रीय विद्यालय के लिए अपनी भूमि मिलने से छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों में खुशी और संतोष का माहौल है। जल्द ही विद्यालय नए भवन में संचालित होगा, जिससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।