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Bihar: शिवहर में ‘जानवर’ का आतंक, अब तक सात लोगों को काटा; ग्रामीणों में दहशत, एक को मौत के घाट उतारा
Mon, 28 Oct 2024 05:00 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवहर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 28 Oct 2024 05:00 PM IST
सार
Sheohar News: ग्रामीणों ने बताया कि भेड़िया या सियार अक्सर रात में निकलता है और घरों में घुसकर हमला कर देता है। इसके हमले से लोगों के अलावा उनकी फसलों और अन्य सामानों को भी नुकसान पहुंचा है। पढ़ें पूरी खबर...।
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वन विभाग की टीम ने गांव में स्थिति का लिया जायजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शिवहर जिले के पिपराढी प्रखंड के बेलवा-नरकटिया गांव में इन दिनों भेड़िया और सियार का आतंक छाया हुआ है। जंगल से निकलकर ये जंगली जानवर गांव में घुसकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह जानवर सुबह और शाम के समय बांध के पास दिखते हैं, जिससे गांव के लोग डरे हुए हैं। अब तक इन हमलों में सात लोग घायल हो चुके हैं, जिनका इलाज पिपराही पीएचसी और एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
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रतजगा करने को मजबूर हुए ग्रामीण
जानकारी के मुताबिक, कुछ ग्रामीण इसे भेड़िया बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सियार समझ रहे हैं। इन जानवरों के हमलों से लोग इतने भयभीत हो गए हैं कि वे रतजगा करने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि बाढ़ के पानी के साथ यह जंगली जानवर बहकर यहां आ गया है, क्योंकि बेलवा-नरकटिया गांव बागमती नदी के किनारे स्थित है।
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ग्रामीणों का वन विभाग की टीम पर यह आरोप
घटना की सूचना मिलने पर बीडीओ आदित्य सौरभ के निर्देश पर वन विभाग की टीम, जिसका नेतृत्व फॉरेस्टर श्रवण कुमार सोरेन कर रहे थे, ने गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग ने सिर्फ बांध पर पटाखे फोड़कर खानापूर्ति की और ग्रामीणों के साथ जंगल में जानवरों को खोजने से इनकार कर दिया।
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ग्रामीणों ने साझा की परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि भेड़िया या सियार अक्सर रात में निकलता है और घरों में घुसकर हमला कर देता है। इसके हमले से लोगों के अलावा उनकी फसलों और अन्य सामानों को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने एक सियार को पकड़कर मार गिराया है, लेकिन उनका कहना है कि अब भी कई जानवर बाकी हैं और उनके डर से गांव का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
घायलों की स्थिति
हमले में घायल महेश सहनी, विक्रम सहनी, रिंकी देवी, राजू कुमार, रितेश कुमार, इंद्रदेव सहनी और शोभा देवी सहित सात लोग पिपराही पीएचसी में इलाज करवा रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकारी अस्पताल में इलाज की पूरी व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण एक घायल का इलाज निजी चिकित्सक से कराया जा रहा है। इस घटना के बाद से गांव के लोग वन विभाग और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भेड़िया और सियार के आतंक से उन्हें निजात मिल सके।