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Bihar: उमस बढ़ते ही बढ़े चमकी बुखार के केस, अब तक 14 मरीज मिले; स्वास्थ्य विभाग ने की सावधानी बरतने की अपील

Tue, 29 Apr 2025 03:12 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 29 Apr 2025 03:12 PM IST
सार

Bihar: अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर प्रसाद ने जानकारी दी कि जिले में मिले सभी 14 मरीजों का इलाज एसकेएमसीएच के विशेष पीकू वार्ड में किया गया। उन्होंने बताया कि हम 'जीरो डेथ' की नीति पर काम कर रहे हैं और इस दिशा में जन-जागरूकता कार्यक्रम का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

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Bihar News: As humidity increases in Muzaffarpur, 14 AES patients have been found so far
अस्पताल में जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुजफ्फरपुर में एक बार फिर चमकी बुखार यानी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम ने दस्तक दी है। श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में अब तक एईएस के कुल 14 मरीज भर्ती हो चुके हैं, जिनमें 12 मुजफ्फरपुर जिले के हैं, जबकि दो अन्य जिले सीतामढ़ी और गोपालगंज से हैं। राहत की बात यह है कि सभी बच्चे इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं और फिलहाल कोई भी गंभीर स्थिति में नहीं है।

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उमस भरे मौसम के बीच जिले में बुखार के मामलों में भी इजाफा हुआ है। आधा दर्जन से अधिक बच्चे बुखार के कारण अस्पताल में भर्ती हुए हैं, हालांकि सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है और प्रभावित क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है।

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चमकी बुखार से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
चमकी बुखार से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रखंडों के पीएचसी में दवा, डॉक्टर, एम्बुलेंस और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था कर दी है। निजी वाहनों को भी मरीजों के परिवहन के लिए टैग किया गया है, साथ ही अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को प्रोत्साहन राशि देने का निर्देश जारी किया गया है। अब तक मुशहरी, बोचहा, पारू, कुढ़नी, मीनापुर और मोतीपुर प्रखंडों में एईएस के 12 मामले सामने आए हैं। इन बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज के बाद वे स्वस्थ हो चुके हैं।

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स्वास्थ्य विभाग की जीरो डेथ नीति
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर प्रसाद ने जानकारी दी कि जिले में मिले सभी 14 मरीजों का इलाज एसकेएमसीएच के विशेष पीकू वार्ड में किया गया। उन्होंने बताया कि हम 'जीरो डेथ' की नीति पर काम कर रहे हैं और इस दिशा में जन-जागरूकता कार्यक्रम का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम गांव-गांव जाकर संध्या चौपालों के माध्यम से लोगों को चमकी बुखार के लक्षण और उससे बचाव की जानकारी दे रही है। लोगों को लक्षण दिखते ही तत्काल सरकारी अस्पताल पहुंचाने की सलाह दी जा रही है।

सख्त निगरानी और सामूहिक प्रयास
डॉ. चंद्रशेखर प्रसाद ने बताया कि प्रभावित प्रखंडों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं और एएनएम की टीम लगातार बच्चों की निगरानी कर रही है और प्रतिवेदन भेज रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी हम चमकी बुखार को मात देंगे और ‘चमकी को धमकी’ अभियान को पहले की तरह सफल बनाएंगे।

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