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Bihar Crime: सरिया से हमले में युवक की मौत, शव को ई-रिक्शे पर लादकर पहुंचा पोस्टमार्टम कराने पहुंचा परिवार
Thu, 22 May 2025 07:38 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Thu, 22 May 2025 07:38 PM IST
सार
Munger Crime: परिजनों ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा, तो उनके पास शव को दोबारा अस्पताल लाने के लिए कोई साधन नहीं था। इस स्थिति में उन्होंने गांव का एक ई-रिक्शा भाड़े पर लिया और शव को बांधकर सदर अस्पताल लाए।
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सरकारी एंबुलेंस न मिलने पर पोस्टमार्टम के लिए ई-रिक्शे से शव ले गए परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुंगेर जिले के लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र के सवैया गोपालीचक गांव में महज सात फीट रास्ते को लेकर हुए विवाद में 32 वर्षीय युवक गुड्डू मांझी की सरिया से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल से शव ले जाने के लिए परिजनों को कोई सरकारी वाहन नहीं मिला, ऐसे में मजबूरी में उन्होंने गांव का ई-रिक्शा भाड़े पर लिया और शव को उसी पर लादकर मुंगेर सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाना पड़ा।
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सार्वजनिक रास्ते को लेकर विवाद बना जानलेवा
जानकारी के मुताबिक, मृतक गुड्डू मांझी का चचेरे भाई कारू मांझी से कई महीनों से सात फीट चौड़े सार्वजनिक रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि कारू मांझी ने नया घर बनाने के बाद इस सार्वजनिक रास्ते को कब्जा लिया था। बुधवार को इसी बात को लेकर गुड्डू के बड़े भाई संजीत मांझी और कारू मांझी के बीच विवाद और मारपीट हो गई। जब गुड्डू मांझी अपने भाई को बचाने पहुंचे, तभी कारू मांझी और उसकी पत्नी सुमो देवी ने उन पर सरिया से हमला कर दिया। उनके सिर पर जोरदार प्रहार किया गया, जिससे वे मौके पर ही बेहोश हो गए।
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प्रशासन पर एंबुलेंस सुविधा ने देने का आरोप
गंभीर हालत में गुड्डू मांझी को पहले धरहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन गुरुवार की अहले सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। शव को परिजन एंबुलेंस से घर ले गए, लेकिन जब स्थानीय थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा, तो उनके पास शव को दोबारा अस्पताल लाने के लिए कोई साधन नहीं था। इस स्थिति में उन्होंने गांव का एक ई-रिक्शा भाड़े पर लिया और शव को बांधकर सदर अस्पताल लाए।
‘पैसे नहीं थे, इसलिए ई-रिक्शा ही सहारा बना’
मृतक के भाई संजीत मांझी और पिता सुरेन मांझी ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वाहन भाड़े के लिए पैसे नहीं थे। मजबूरी में गांव के ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ा। परिजनों का यह दर्द उस प्रशासनिक व्यवस्था पर करारा तमाचा है, जहां मौत के बाद भी इंसान की गरिमा सुरक्षित नहीं रह पाती।
आरोपी पति-पत्नी फरार, हत्या का मामला दर्ज
वहीं, घटना के बाद आरोपी कारू मांझी और उसकी पत्नी सुमो देवी फरार हो गए हैं। परिजनों ने लड़ैयाटांड़ थाना में दोनों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।
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प्रशासनिक चूक पर एसडीपीओ ने दिया बयान
जब इस मामले में शव ढोने के लिए वाहन उपलब्ध न कराए जाने की बात सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद से पूछी गई, तो उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी स्थानीय थाना की होती है। अगर थाना द्वारा वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया है, तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।