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Bihar Police: जब्त मोबाइल से हुए UPI ट्रांजेक्शन मामले में बुरा फंसा निलंबित SI, वर्दी भी जा सकती है; जानें...
Tue, 11 Mar 2025 06:48 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खगड़िया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खगड़िया
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Tue, 11 Mar 2025 06:48 PM IST
सार
Khagaria News: पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हम हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। अगर कोई भी पुलिस पदाधिकारी भ्रष्टाचार या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उस पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। बर्खास्तगी तक का कदम उठाया जाएगा।
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महेशखूंट थाना खगड़िया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
खगड़िया में पैक्स अध्यक्ष वरुण कुमार सिंह की हत्या के मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। महेशखूंट थाना के निलंबित एसआई देवेंद्र कुमार की मुश्किलें अब और बढ़ती नजर आ रही हैं। हत्या के आरोपी नीरज कुमार के जब्त मोबाइल से एक लाख रुपये के यूपीआई ट्रांजेक्शन का मामला सामने आने के बाद एसआई की वर्दी भी छिन सकती है। इस लेन-देन की गंभीरता से जांच के लिए पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार के निर्देश पर स्पेशल टीम गठित कर दी गई है।
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हत्या आरोपी को लॉकअप में मोबाइल देना बना जांच का केंद्र
मामले की पड़ताल में यह सामने आया है कि नीरज कुमार को जब चार जनवरी को जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही थी। उससे ठीक पहले लॉकअप के अंदर ही उसे जब्त मोबाइल फोन उपलब्ध करा दिया गया। इस मोबाइल से दोपहर 12:02 बजे आरोपी ने एक लाख रुपये अपने पिता के खाते में ट्रांसफर किया। इसके बाद उसके पिता ने वह पैसा अपनी बहू (नीरज की पत्नी) के खाते में ट्रांसफर कर दिया। यह घटना न केवल पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि हिरासत में रहते हुए आरोपी को विशेष सुविधा देने के पीछे कोई बड़ा सौदा हुआ था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
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क्या पैसा छोड़ने की कीमत थी?
सूत्रों की मानें तो इसी दिन नीरज के पिता को पुलिस द्वारा छोड़ दिया गया। ऐसे में यह आशंका गहराने लगी है कि क्या यह एक लाख रुपये रिश्वत के तौर पर दिए गए थे, ताकि आरोपी के परिजन को छोड़ा जा सके? फिलहाल जांच टीम इसी दिशा में भी तहकीकात कर रही है।
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एसआई पर पहले से ही कसा था शिकंजा
इस पूरे मामले में सबसे पहले ‘अमर उजाला’ द्वारा खुलासा किए जाने के बाद एसपी राकेश कुमार ने कार्रवाई करते हुए एसआई देवेंद्र कुमार को तत्काल निलंबित कर दिया था। अब जब स्पेशल टीम की जांच में अन्य पहलुओं की परतें खुल रही हैं, तो एसआई की बर्खास्तगी भी तय मानी जा रही है। एसपी ने खुद साफ कहा है कि ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम हो रहा है। अगर किसी भी स्तर पर पुलिस पदाधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है तो सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
अन्य अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज
इस मामले में महेशखूंट थाना के अन्य पदाधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जबकि थानाध्यक्ष उस समय थाना में मौजूद नहीं थे, लेकिन यह सवाल उठ रहा है कि जब अनुसंधान उन्हीं के नेतृत्व में हो रहा है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर संभव है कि आने वाले दिनों में और कई पुलिसकर्मी भी लपेटे में आ जाएं।
पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने कहा कि हम हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। अगर कोई भी पुलिस पदाधिकारी भ्रष्टाचार या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उस पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। बर्खास्तगी तक का कदम उठाया जाएगा।