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Bihar: डीजे की धुन पर झूम रहे थे लोग, तभी लगने लगा झटका; छह से ज्यादा बच्चे करंट से झुलसे, गयाजी में हादसा
Wed, 06 May 2026 06:30 PM IST
हिमांशु सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: हिमांशु सिंह
Updated Wed, 06 May 2026 06:30 PM IST
सार
Bihar News: गया के नीमा गांव में डीजे वाहन में बिजली का तार सटने से आधा दर्जन बच्चे झुलस गए। सभी को मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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घायलों का इलाज जारी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
गयाजी शहर के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र स्थित नीमा गांव में खुशी का माहौल उस वक्त मातम और चीख-पुकार में बदल गया, जब डीजे वाहन के संपर्क में बिजली का तार आ गया। डीजे पर बज रहे गानों पर बच्चे उत्साह से झूम रहे थे, तभी अचानक करंट फैल गया और देखते ही देखते सात बच्चे उसकी चपेट में आकर झुलस गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण घायल बच्चों को उठाकर इलाज के लिए अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
बिजली तार के संपर्क में आया डीजे वाहन
जानकारी के अनुसार, नीमा गांव में किसी आयोजन के दौरान डीजे वाहन लगाया गया था। तेज आवाज में बज रहे गानों पर आसपास के बच्चे नाच रहे थे। इसी दौरान डीजे वाहन ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार के संपर्क में आ गया। करंट फैलते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बिजली से बच्चों को अलग किया और आनन-फानन में घायलों को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। घटना में घायल बच्चों की पहचान अनुराग कुमार, काजल कुमारी, शांति कुमारी, सोनू कुमार, आशुष कुमार, पीहू कुमारी और अंशू कुमार के रूप में हुई है। इनमें से छह बच्चों का इलाज मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है, जबकि अंशू कुमार को बेहतर इलाज के लिए परिजन एक निजी अस्पताल में ले गए हैं।
ये भी पढ़ें- Bihar: क्या यही है विकास? 9.72 लाख का नाला बना आफत, सड़क पर घुटनों तक भरा पानी; जिम्मेदारों ने साधी चुप्पी
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घायलों का इलाज जारी
अस्पताल में भर्ती बच्चों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश बच्चों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि कुछ बच्चे गंभीर रूप से झुलसे हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। हादसे के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि डीजे वाहनों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों की अनदेखी अक्सर बड़े हादसों को न्योता देती है। लोगों ने प्रशासन से गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर ने और ऐसे आयोजनों में विशेष निगरानी की मांग की है।
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बिजली तार के संपर्क में आया डीजे वाहन
जानकारी के अनुसार, नीमा गांव में किसी आयोजन के दौरान डीजे वाहन लगाया गया था। तेज आवाज में बज रहे गानों पर आसपास के बच्चे नाच रहे थे। इसी दौरान डीजे वाहन ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार के संपर्क में आ गया। करंट फैलते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बिजली से बच्चों को अलग किया और आनन-फानन में घायलों को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। घटना में घायल बच्चों की पहचान अनुराग कुमार, काजल कुमारी, शांति कुमारी, सोनू कुमार, आशुष कुमार, पीहू कुमारी और अंशू कुमार के रूप में हुई है। इनमें से छह बच्चों का इलाज मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है, जबकि अंशू कुमार को बेहतर इलाज के लिए परिजन एक निजी अस्पताल में ले गए हैं।
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घायलों का इलाज जारी
अस्पताल में भर्ती बच्चों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश बच्चों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि कुछ बच्चे गंभीर रूप से झुलसे हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। हादसे के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि डीजे वाहनों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों की अनदेखी अक्सर बड़े हादसों को न्योता देती है। लोगों ने प्रशासन से गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर ने और ऐसे आयोजनों में विशेष निगरानी की मांग की है।