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Hindi News ›   Bihar ›   Kosi News ›   Saharsa: Dakshineshwar Kali established in Adi Kali Sthan Chainpur village worship is being done for 150 years

Bihar News: बिहार के इस आदि काली स्थान में स्थापित हैं दक्षिणेश्वर काली, दीपावली पर यहां होती है विशेष पूजा

Tue, 29 Oct 2024 05:11 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Tue, 29 Oct 2024 05:11 PM IST
सार

Saharsa News: सहरसा के आदि काली स्थान में दक्षिणेश्वर काली देवी स्थापित हैं, जिनकी डेढ़ सौ सालों से पूजा की जा रही है। इनकी महिमा को लेकर हर साल दिवाली के मौके पर एक विशेष पूजा की जाती है। इस बार भी इसका आयोजन किया जा रहा है।

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Saharsa: Dakshineshwar Kali established in Adi Kali Sthan Chainpur village worship is being done for 150 years
चैनपुर गांव में स्थित हैं दक्षिणेश्वर काली देवी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सहरसा जिले के चैनपुर गांव में स्थित आदि काली स्थान में कलकत्ता के दक्षिणेश्वर काली का पिंड लाकर स्थापित किया गया है। डेढ़ सौ साल से अधिक पुरानी यह परंपरा स्थानीय कुजिलवार वंश के साधकों द्वारा शुरू की गई थी। यह स्थान सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध है, जहां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है। विशेष रूप से दीपावली के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु विशेष पूजा के लिए दूर-दूर से आते हैं।

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मंदिर का इतिहास और परंपरा
कहा जाता है कि कुजिलवार वंश के साधक ने कलकत्ता से दक्षिणेश्वर काली का पिंड विधि-विधान के अनुसार यहां स्थापित किया था। इसी परंपरा का पालन करते हुए दीपावली के अवसर पर यहां विशेष पूजा की जाती है। आदि काली स्थान पर सदियों से एक ही परिवार द्वारा मां काली और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का निर्माण किया जाता है। वर्तमान में मधुबनी के राम प्रसाद पंडित प्रतिमा निर्माण का कार्य कर रहे हैं, जो उनके पूर्वजों की कला को आगे बढ़ा रहे हैं।
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पूजा-पद्धति और आयोजन
चैनपुर के आदि काली स्थान पर विशेष पूजा-पद्धति का अनुसरण करते हुए हर साल दीपावली के अवसर पर मां काली की प्राण प्रतिष्ठा से लेकर विसर्जन तक के सभी कार्यक्रम पारंपरिक रीति से किए जाते हैं। पूजा का संचालन पंडित नविन्द्र नाथ झा द्वारा किया जा रहा है, जो कि स्थानीय पंडित रतिनाथ झा की स्वरचित पूजा पद्धति का अनुसरण करते हैं। 
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1972 से, चैनपुर गांव के बाहर स्थित काली पोखर के पास एक नए काली स्थान की स्थापना की गई है, जहां ग्रामीणों के सहयोग से बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं।


 
दीपावली का विशेष कार्यक्रम
आयोजन समिति ने बताया कि 31 अक्तूबर को मां काली की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत महाआरती, सांस्कृतिक नृत्य, और ग्रामीण कलाकारों के अभिनय मंचन से होगी। आगामी दिनों का कार्यक्रम कुछ इस प्रकार रहेगा-

 
1 नवंबर: सुबह कन्या भोजन, शाम को महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
2 नवंबर: बलि प्रदान, कन्या भोजन, शाम को 56 भोग, महाआरती और प्रसाद वितरण।
3 नवंबर: कन्या भोजन, महाआरती और मां काली का विसर्जन। शाम को क्विज प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
4 नवंबर: भव्य कुश्ती का आयोजन।
 
यह पर्व सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि चैनपुर और आस-पास के गांवों के लिए एक उत्सव का प्रतीक है, जिसमें भक्तों और श्रद्धालुओं के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक एकता का संदेश फैलता है।

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