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सहरसा: सदर अस्पताल में आठ साल के बच्चे की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया गलत इंजेक्शन देने का आरोप

Fri, 28 Aug 2026 07:26 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोसी Published by: कोसी ब्यूरो Updated Fri, 28 Aug 2026 07:26 PM IST
सार

सहरसा सदर अस्पताल में बर्र के डंक से घायल आठ वर्षीय बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और गलत दवा देने का आरोप लगाकर हंगामा किया। हालांकि, ड्यूटी डॉक्टर ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

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8-Year-Old Dies After Wasp Attack in Saharsa Family Alleges Wrong Injection Chaos at Sadar Hospital
1. अस्पताल में मालूम के डेड बॉडी के साथ परिजन।2. अस्पताल में पहुंचे विधायक जानकारी लेते हुए।3

विस्तार

सहरसा सदर अस्पताल में जहरीले कीड़ों के डंक से घायल आठ वर्षीय बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने का गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों के आक्रोश को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर वहां से हट गए, जिसके चलते करीब एक घंटे तक इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। इससे अन्य मरीजों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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छत पर खेलते समय बर्रों के झुंड ने किया हमला
जानकारी के मुताबिक, सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर-2 (गोबरगढ़) निवासी मोहम्मद फिरोज का आठ वर्षीय पुत्र मोहम्मद फरान घर की छत पर रखे जलावन के पास खेल रहा था। इसी दौरान जहरीले बर्र (बिड़हनी/हट्टा) के झुंड ने उस पर हमला कर दिया और शरीर के कई हिस्सों पर डंक मार दिए। बच्चे के पिता देहरादून में मजदूरी करते हैं। बच्चे की हालत गंभीर देख मां, चाचा और अन्य परिजन उसे तुरंत सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचे।

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परिजनों का आरोप- 'सांप काटने की दवा देने से गई जान'
मृतक के चाचा मोहम्मद सिराजुल और परिचित राजेश कुमार यादव ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने इलाज के दौरान बच्चे को कई इंजेक्शन दिए। इंजेक्शन लगते ही बच्चे का शरीर ठंडा पड़ने लगा। जब परिजनों ने इसकी शिकायत डॉक्टर से की तो उन्हें आश्वासन दिया गया कि बच्चा जल्द ठीक हो जाएगा।

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परिजनों का दावा है कि डॉक्टरों ने बर्र के डंक के इलाज की जगह उसे सांप काटने की दवा दे दी, जिससे बच्चे की हालत तेजी से बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। वहीं, इमरजेंसी में तैनात डॉ. मोहम्मद जमालुद्दीन ने परिजनों के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बेबुनियाद बताया है।

विधायक पहुंचे अस्पताल, सिविल सर्जन ने दी सफाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक आईपी गुप्ता सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिजनों के साथ सिविल सर्जन कार्यालय जाकर मुलाकात की और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।



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सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद का बयान
सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने कहा, "बच्चे को बर्र (हट्टा) ने डंक मारा था और इलाज के दौरान उसकी मौत हुई है। प्राथमिक जांच और पर्चे को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि बच्चे को कोई गलत इंजेक्शन नहीं दिया गया, बल्कि नियमानुसार ही इलाज किया गया था। यदि परिजन इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराते हैं तो शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे मौत की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।"

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