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खबर का असर: गया में पैसे नहीं देने पर एंबुलेंस चालक नहीं ले गया था मरीज, मौत के बाद विभाग ने किया कार्यमुक्त

Thu, 29 Aug 2024 06:53 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 29 Aug 2024 06:53 PM IST
सार

Gaya News: गया में एंबुलेंस चालक द्वारा पैसे नहीं मिलने पर मरीज को ले जाने से इंकार कर दिया गया था। इसके बाद मरीज ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया था। इसकी खबर प्रकाशित होने के बाद सिविल सर्जन डॉ रंजन कुमार सिंह ने आरोपी एंबुलेंस चालक और ईसीटी स्वास्थ्य कर्मी को बर्खास्त कर दिया।

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Gaya Crime News Ambulance Driver Did Not Take Patient Due to Non-payment Department Relieved Him After Death
खबर का असर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के गया जिले से चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां शेरघाटी अनुमंडल में स्थित सरकारी अस्पताल से रेफर मरीज को एंबुलेंस नहीं मिली और उस मरीज ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। दरअसल अस्पताल के एंबुलेंस चालक ने मरीज के परिजनों से मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाने के लिए 400 रुपये की डिमांड कर डाली थी। अब इस मामले में सिविल सर्जन डॉ रंजन कुमार सिंह ने आरोपी एंबुलेंस चालक और ईसीटी स्वास्थ्य कर्मी को बर्खास्त कर दिया।

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वहीं अस्पताल में एंबुलेंस मुहैया कराने वाली कंपनी पशुनाथ  डिस्टिब्यूटर प्राइवेट लिमिटेड पटना पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। दरअसल यह पूरा मामला गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल अस्पताल की है। शेरघाटी थाना क्षेत्र के कमात गांव का रहने वाले 35 वर्षीय रामबली मंडल बीती रात बीमार पड़ गए थे। परिजनों ने इलाज के लिए रामबली को शेरघाटी अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के बाद गुरुवार को बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य कर्मियों ने गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।

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जब मरीज के परिजनों ने अस्पताल के एंबुलेंस चालक को गया ले जाने के लिए कहा तो एंबुलेंस चालक ने चार सौ रूपए का डिमांड कर दी। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण एंबुलेंस चालक का डिमांड पूरा नहीं किया। कुछ ही देर बाद मरीज ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं चंद पैसे के लिए सरकारी अस्पताल में मरीज की मौत की खबर सुनकर मरीज के परिजन और गांव वाले जुट गए।
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साथ ही आसपास की भीड़ भी जुट गई। उसके बाद अस्पताल में ही शव रखकर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने एंबुलेंस चालक पर कार्रवाई की मांग करने लगे थे। हंगामा के क्रम में अनुमंडल अस्पताल के उपाधिक्षक उदय कुमार ने घटना की जानकारी गया के सिविल सर्जन डॉ रंजन कुमार सिंह को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन ने एंबुलेंस चालक नियाम अहमद और स्वास्थ्य कर्मी राजु कुमार को बर्खास्त कर दिया। 

पब्लिश खबर का लिंक
https://www.amarujala.com/bihar/gaya/ambulance-driver-did-not-take-the-patient-if-he-did-not-give-400-rupees-in-gaya-2024-08-29#google_vignette

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